अहमदाबाद प्लेन हादसे को लेकर बड़ा खुलासा, एक ही दिन में 112 पायलटों ने मांगी थी छुट्टी
AI Plane Crash
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 10:15 AM
AI Plane Crash: गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून को हुए एअर इंडिया विमान हादसे के बाद एक चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। घटना के चार दिन बाद ही यानी 16 जून को एयर इंडिया के 112 पायलटों ने अचानक बीमार पड़ने की सूचना देकर छुट्टी ले ली। ये खुलासा खुद सरकार ने संसद में किया है जिससे पायलटों के मानसिक स्वास्थ्य पर इस दर्दनाक हादसे के प्रभाव को लेकर चिंता और बहस तेज हो गई है।
संसद में उठा सवाल
नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने गुरुवार को संसद में एक लिखित जवाब में बताया कि AI-171 विमान हादसे के बाद एअर इंडिया के पायलटों की ओर से बीमारी की छुट्टियों में अचानक उछाल दर्ज किया गया। मंत्री ने बताया, "16 जून, 2025 को कुल 112 पायलटों ने सिक लीव ली थी, जिनमें 51 कमांडर (P1) और 61 फर्स्ट ऑफिसर (P2) शामिल थे। यह सभी छुट्टियां बेहद कम नोटिस पर ली गई थीं।"
DGCA भी हुआ सतर्क
पायलटों की ओर से अचानक इतनी बड़ी संख्या में छुट्टियां लेने के मामले को गंभीरता से लेते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एक अहम सुझाव दिया है। DGCA ने कहा है कि, "क्रू मेंबर्स और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स के मानसिक स्वास्थ्य की नियमित मॉनिटरिंग जरूरी है, ताकि ऐसे हादसों का मनोवैज्ञानिक असर उनकी कार्यक्षमता पर न पड़े।" इसके अलावा, DGCA ने एयरलाइंस को पायलटों के लिए विशेष सहायता कार्यक्रम (Support Program) शुरू करने की सिफारिश की है, ताकि संकट की स्थिति में उन्हें मनोवैज्ञानिक सहायता मिल सके।
क्या था अहमदाबाद काभीषण हादसा?
12 जून को अहमदाबाद एयरपोर्ट से लंदन के लिए उड़ान भर रहे एअर इंडिया के विमान 787-8 ने टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद नियंत्रण खो दिया और एक हॉस्टल इमारत के ऊपर क्रैश हो गया। हादसे में 260 लोगों की मौत हुई, जिनमें 230 यात्री, 12 क्रू-मेंबर और क्रैश साइट पर मौजूद 19 अन्य लोग शामिल थे। यह भारत के नागरिक उड्डयन इतिहास का सबसे बड़ा हादसा माना जा रहा है। इस हादसे ने जहां विमानन क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े किए, वहीं अब पायलटों के मानसिक स्वास्थ्य और वर्क स्ट्रेस पर भी गंभीर बहस शुरू हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि, "ऐसे हादसे पायलटों पर गहरा मनोवैज्ञानिक प्रभाव डालते हैं। अगर उन्हें समय रहते उचित सहयोग और काउंसलिंग न मिले, तो यह भविष्य में फ्लाइट सेफ्टी को भी प्रभावित कर सकता है।"
सरकार की ओर से फिलहाल एयर इंडिया को इस मामले की आंतरिक जांच करने और DGCA की सिफारिशों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, संसद में यह मुद्दा विपक्ष की ओर से बार-बार उठाया जा रहा है कि क्या एयरलाइंस और मंत्रालय मानसिक स्वास्थ्य को उतनी गंभीरता से ले रहे हैं जितनी जरूरत है?