वोटर लिस्ट में बड़ा घोटाला? विजय सिन्हा के नाम पर दो रिकॉर्ड!
भारत
चेतना मंच
10 Aug 2025 01:10 PM
बिहार की राजनीति में रविवार को उस वक्त हलचल मच गई, जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा पर बड़ा आरोप लगाते हुए दावा किया कि उनके पास दो अलग-अलग वोटर आईडी कार्ड हैं एक पटना और दूसरा लखीसराय का। यही नहीं, इन दोनों कार्डों में उनकी उम्र भी अलग-अलग दर्ज है। Bihar Election 2025
तेजस्वी ने दिखाए ऑनलाइन सबूत
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेजस्वी यादव ने दोनों EPIC नंबर (मतदाता पहचान पत्र नंबर) मीडिया के सामने रखे और ऑनलाइन पोर्टल पर सर्च करके उनका विवरण भी दिखाया। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि बिहार में चल रही वोटर लिस्ट पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल है। तेजस्वी यादव ने कहा, “जब राज्य के डिप्टी सीएम का ही नाम दो जगह दर्ज है तो आम मतदाता का क्या होगा?”
सिन्हा ने दी सफाई
इस पूरे मामले पर विजय कुमार सिन्हा ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही 5 अगस्त को BLO को आवेदन देकर पटना से नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया के सामने वह दस्तावेज भी पेश किया, जिसमें 30 अप्रैल 2024 को ऑनलाइन नाम विलोपन के लिए आवेदन करने की बात दर्ज है। उन्होंने कहा, “यह संशोधन का समय है, चुनाव आयोग ने एक महीने का समय दिया है। मेरी उम्र का अंतर भी सुधरवाने के लिए दिया गया है।”
राज्य में वोटर लिस्ट की शुद्धता पर सवाल
बिहार में इन दिनों स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का काम चल रहा है। लेकिन पहले ही इस प्रक्रिया पर विपक्ष की ओर से पारदर्शिता को लेकर कई सवाल उठाए जा चुके हैं। अब जब खुद डिप्टी सीएम का नाम दो जगह होने का आरोप सामने आया है, तो चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर भी जनता का भरोसा डगमगाता नजर आ रहा है।
गौरतलब है कि तेजस्वी यादव भी पूर्व में दो ईपिक कार्ड रखने के आरोपों को लेकर विवादों में रह चुके हैं। ऐसे में अब जब उन्होंने डिप्टी सीएम पर वैसा ही आरोप लगाया है, तो बिहार की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। अब देखना होगा कि 13 अगस्त को जब सुप्रीम कोर्ट में SIR प्रक्रिया से जुड़ी सुनवाई होगी, तो यह मुद्दा वहां तक पहुंचेगा या नहीं। Bihar Election 2025