
जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखें नज़दीक आ रही हैं, वैसे- वैसे सियासी दलों की रणनीतियाँ भी तेज होती जा रही हैं। मंगलवार की रात बिहार की राजनीति में मानो बिजली सी दौड़ गई टिकट बंटवारे को लेकर आरजेडी, बीजेपी और चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने एक साथ अपने पत्ते खोल दिए। रातभर चली बैठकों, फोन कॉल्स और मंथन के बाद तीनों दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों को सिंबल सौंपे। इस दौरान कई दिग्गजों के साथ नए चेहरों को भी मौका मिला, जिससे बिहार की सियासत में नई हलचल और उत्सुकता दोनों बढ़ गईं। आरजेडी ने अपने कोर वोट बैंक को साधने के लिए सामाजिक समीकरणों पर बारीकी से काम किया, वहीं बीजेपी और एलजेपीआर ने अपनी-अपनी चुनावी रणनीति के तहत प्रत्याशियों का चयन कर जता दिया कि इस बार की जंग बेहद दिलचस्प होने वाली है। Bihar Assembly Elections 2025
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने मंगलवार देर रात तक टिकट वितरण का सिलसिला जारी रखते हुए बिहार की सियासत में हलचल और तेज कर दी। पार्टी ने अपने पारंपरिक सामाजिक समीकरण को साधते हुए अनुभवी नेताओं के साथ नए चेहरों को भी मैदान में उतारा है। तेजस्वी यादव एक बार फिर अपनी परंपरागत सीट राघोपुर से चुनाव लड़ेंगे। वहीं महुआ से मुकेश रोशन, रघुनाथपुर से ओसामा, सिवान से अवध बिहारी चौधरी, कांटी से इसराइल मंसूरी, बेलगंज से विश्वनाथ यादव, इस्लामपुर से राकेश रौशन, बख्तियारपुर से अनिरुद्ध यादव, सोनपुर से रामानुज यादव और फतुहा से रामानंद यादव को टिकट दिया गया है। Bihar Assembly Elections 2025
इस बार आरजेडी ने जातीय समीकरण और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व दोनों को साधने की भरपूर कोशिश की है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, तेजस्वी यादव खुद पूरी प्रक्रिया पर नज़र रखे हुए थे और अंतिम क्षण तक उम्मीदवारों के नाम पर मंथन जारी रहा। बताया जा रहा है कि मंगलवार दोपहर तक लालू प्रसाद यादव द्वारा पहले वितरित किए गए कुछ सिंबल तेजस्वी ने वापस मंगवाए, जिसके बाद देर रात संशोधित सूची जारी की गई। इस कदम ने साफ कर दिया कि आरजेडी इस बार टिकट बंटवारे को लेकर किसी भी जोखिम के मूड में नहीं है और हर सीट पर सटीक सामाजिक संदेश देना चाहती है।
वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी मंगलवार देर रात अपने प्रदेश कार्यालय में टिकट वितरण का सिलसिला जारी रखा। देर रात तक चले मंथन और बैठकों के बाद पार्टी ने अपने कई पुराने, भरोसेमंद चेहरों पर दोबारा दांव लगाया, वहीं कुछ नई राजनीतिक प्रतिभाओं को भी मैदान में उतारकर यह संकेत दिया कि संगठन इस बार हर मोर्चे पर ताज़गी और अनुभव का संतुलन साधना चाहता है। दिन में पहले ही बीजेपी ने 71 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी थी, जबकि रात में सिंबल वितरण के साथ कई प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्रों में प्रचार अभियान के लिए निकल पड़े।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी इस चुनाव में “हर सीट पर सशक्त उपस्थिति” की रणनीति पर काम कर रही है और शीर्ष नेतृत्व का स्पष्ट निर्देश है — मुकाबले में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। देर रात तक जारी इस प्रक्रिया ने साफ कर दिया कि बीजेपी इस बार चुनावी रणभूमि में पूरी तैयारी के साथ उतर चुकी है।
आरजेडी(RJD) और बीजेपी(BJP) के बाद अब लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी देर रात अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर राजनीतिक माहौल को और गर्मा दिया। पार्टी ने मंगलवार रात अपने प्रमुख प्रत्याशियों को सिंबल सौंपे —जिसमें राजू तिवारी को टिकट मिला, जबकि ब्रह्मपुर सीट से हुलास पांडे, गरखा से सीमांत मृणाल और बखरी से संजय पासवान को मैदान में उतारा गया है। चिराग पासवान की LJP (रामविलास) इस बार गठबंधन के तहत चुनावी रण में उतर रही है, लेकिन पार्टी के भीतर जोश साफ झलक रहा है। चिराग ने उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही यह संदेश दे दिया कि वह इस बार सिर्फ सहयोगी दल के रूप में नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में अपनी स्वतंत्र पहचान मजबूत करने के मिशन पर हैं। Bihar Assembly Elections 2025
बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में मतदान होना है। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को होगा, जबकि दूसरे चरण का 11 नवंबर को। मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। देर रात तक चले टिकट वितरण और सिंबल बांटने की प्रक्रिया ने साफ कर दिया है कि बिहार में अब चुनावी मुकाबला पूरी तरह गर्मा चुका है। आरजेडी अपने पारंपरिक सामाजिक समीकरण और यादव-मुस्लिम गठजोड़ पर भरोसा जता रही है, बीजेपी संगठन की पकड़ और नेतृत्व की छवि को मुख्य हथियार बना रही है, वहीं चिराग पासवान युवाओं और नए विकास नैरेटिव के दम पर अपनी सियासी ज़मीन मजबूत करने की कोशिश में हैं। कुल मिलाकर, बिहार में सियासी रण पूरी तरह सज चुका है — अब देखना यह है कि जनता किसके पक्ष में फैसला सुनाती है। Bihar Assembly Elections 2025