
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग आज शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनावी कार्यक्रम का ऐलान करने वाला है। जैसे ही तारीखों की घोषणा होगी, राज्य में आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू हो जाएगी। आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि चुनाव प्रक्रिया 22 नवंबर 2025 से पहले पूरी कर ली जाएगी, क्योंकि मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल इसी दिन समाप्त हो रहा है। अब सवाल यह है — अगर कोई आम नागरिक चुनाव लड़ना चाहता है तो उसे क्या करना होगा? क्या इसके लिए कोई फीस देनी होती है? और नामांकन की पूरी प्रक्रिया क्या है? आइए जानते हैं विस्तार से। Bihar Assembly Elections 2025
बहुत कम लोगों को यह जानकारी होती है कि विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए फीस देना अनिवार्य है, जिसे सिक्योरिटी डिपॉजिट (Security Deposit) कहा जाता है। यह राशि नामांकन पत्र दाखिल करते समय जमा करनी होती है।
सामान्य वर्ग (General Category) के उम्मीदवार को ₹10,000 की राशि जमा करनी होती है।
जबकि अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के उम्मीदवार के लिए यह राशि ₹5,000 तय की गई है।
यह नियम जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (Representation of the People Act, 1951) के तहत लागू है। यदि किसी उम्मीदवार को बहुत कम वोट मिलते हैं, तो उसकी सिक्योरिटी राशि जब्त हो जाती है। वहीं, अगर उम्मीदवार को पर्याप्त वोट प्राप्त होते हैं, तो यह राशि वापस कर दी जाती है।
चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू होती है। इसके लिए उम्मीदवार को एक निर्धारित नामांकन फॉर्म (Nomination Form) भरना होता है। इसमें कई जानकारियां देना जरूरी होता है—
उम्मीदवार का नाम, पता और जन्मतिथि
शैक्षणिक योग्यता
चल-अचल संपत्ति का विवरण
अगर कोई आपराधिक मामला लंबित है तो उसकी जानकारी
अगर उम्मीदवार किसी राजनीतिक पार्टी से चुनाव लड़ रहा है, तो उसके लिए एक प्रस्तावक (Proposer) पर्याप्त होता है। लेकिन अगर उम्मीदवार स्वतंत्र (Independent) रूप से चुनाव लड़ना चाहता है, तो उसे कम से कम 10 प्रस्तावकों के हस्ताक्षर कराने होंगे। ये सभी प्रस्तावक उसी विधानसभा क्षेत्र के पंजीकृत मतदाता होने चाहिए। नामांकन पत्र जमा होने के बाद, रिटर्निंग ऑफिसर (Returning Officer) सभी दस्तावेजों की जांच करता है। अगर सभी सूचनाएं सही और वैध पाई जाती हैं, तो उम्मीदवार का नामांकन स्वीकार कर लिया जाता है।
भारत का संविधान हर नागरिक को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का अधिकार देता है। कोई भी व्यक्ति, चाहे वह आम नागरिक ही क्यों न हो, कुछ बुनियादी शर्तें पूरी करने के बाद चुनाव लड़ सकता है। यही लोकतंत्र की असली ताकत है—जहां ‘जनता से जनप्रतिनिधि’ बनने का रास्ता खुला रहता है। Bihar Assembly Elections 2025