न कोई निर्देश, न कोई एनाउंसमेंट, बस आदत ने बचाई सफ़ाई

यह वायरल वीडियो केवल एक ट्रेन का दृश्य नहीं है, बल्कि पूरे देश के लिए एक संदेश भी है। यह बताता है कि साफ़ भारत कोई अभियान नहीं, बल्कि एक सोच और आदत है, जिसे नॉर्थ ईस्ट के लोग सालों से निभा रहे हैं।

North East train
वीडियो देख शर्म से झुक जाएंगी आंखें (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar22 Jan 2026 12:34 PM
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भारत में सार्वजनिक स्थानों पर सफ़ाई की समस्या कोई नई नहीं है। खासकर ट्रेनों में सफ़र के दौरान गंदगी और कचरा फैलना आम बात बन चुकी है। कई यात्रियों का मानना है कि सफ़ाई का काम केवल प्रशासन का है, जबकि वे खुद कचरा फैलाने से गुरेज नहीं करते। लेकिन अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने इस सोच को पूरी तरह चुनौती दे दी है।

नॉर्थ ईस्ट की ट्रेन में दिखा असली सिविक सेंस

बता दें कि इंस्टाग्राम पर @daily.passenger नाम के अकाउंट से शेयर किए गए वीडियो में आइज़ोल-गुवाहाटी ट्रेन का नज़ारा दिखाया गया है। वीडियो में यात्रियों को अपने कचरे को छोटे-छोटे बैगों में इकट्ठा करते हुए देखा जा सकता है। खास बात यह है कि यात्रियों ने कचरे के बैगों को अपनी सीट के पास टांग दिया है ताकि कचरा इधर-उधर न फैले और ट्रेन के डिब्बे में सफ़ाई बनी रहे।

वीडियो के साथ लिखा 

बता दें कि वीडियो के साथ लिखा गया है कि न कोई अनाउंसमेंट, न रेलवे का कोई निर्देश… बस एक आदत। साफ़ जगहें इसलिए साफ़ नहीं रहतीं क्योंकि सरकार सफ़ाई करती है, बल्कि इसलिए क्योंकि लोग परवाह करते हैं। वीडियो शेयर करने वाले यूज़र ने खुद को नॉर्थ इंडिया से बताया और लिखा कि यह नज़ारा देखकर उन्हें आत्ममंथन करने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि हम अक्सर गंदी ट्रेनों और सड़कों की शिकायत करते हैं, लेकिन अपने व्यवहार पर सवाल नहीं उठाते। उनका मानना है कि साफ़ जगहें सिर्फ़ प्रशासन की वजह से साफ़ नहीं रहतीं, बल्कि इसलिए क्योंकि लोग जिम्मेदारी नहीं निभाते हैं। उन्होंने कहा कि नॉर्थ ईस्ट से बहुत कुछ सीखने की जरूरत है।

सोशल मीडिया पर लोग हुए भावुक, मिली जमकर तारीफ

बता दें कि वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। एक यूज़र ने लिखा, “नॉर्थ ईस्ट के लोगों से हम सबको बहुत कुछ सीखना चाहिए।” दूसरे ने कहा कि यह इलाके की बात नहीं, लोगों की सिविक सेंस की बात है। तमिलनाडु से एक यूज़र ने कमेंट किया है कि ये देखकर अच्छा लगा, उम्मीद है पूरे भारत में यह अपनाया जाए। बस कचरा सही तरीके से डिस्पोज़ हो। एक अन्य यूज़र ने बचपन की सीख याद दिलाते हुए लिखा कि हमें बचपन से सिखाया गया है कि कचरा जेब या बैग में रखो और डस्टबिन में ही डालो।

यह वीडियो सिर्फ एक ट्रेन का दृश्य नहीं, बल्कि संदेश है

बता दें कि यह वायरल वीडियो केवल एक ट्रेन का दृश्य नहीं है, बल्कि पूरे देश के लिए एक संदेश भी है। यह बताता है कि साफ़ भारत कोई अभियान नहीं, बल्कि एक सोच और आदत है, जिसे नॉर्थ ईस्ट के लोग सालों से निभा रहे हैं।

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आस्था की आड़ में दरिंदगी, कथावाचक श्रवण दास गिरफ्तार

पीड़िता ने पुलिस के सामने आरोप लगाया कि 2 मार्च 2024 को जब वह घर में अकेली थी, तब आरोपी ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने शादी का वादा कर लगातार उसे डराकर और बहला-फुसलाकर शारीरिक संबंध बनाए।

Storyteller Shravan Das
कथावाचक श्रवण दास पर शिकंजा (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar22 Jan 2026 09:45 AM
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मिथिलांचल में धार्मिक कथाओं के जरिए पहचान बनाने वाले कथावाचक श्रवण दास को पुलिस ने नाबालिग से यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने पीड़िता के घर में किराये पर कमरा लेकर परिवार का भरोसा जीता और फिर शादी का झांसा देकर लंबे समय तक नाबालिग का शोषण करता रहा। मामले में पुलिस ने POCSO एक्ट समेत गंभीर धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ दिसंबर 2025 में प्राथमिकी दर्ज हुई थी, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था। पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर गठित विशेष टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

मोबाइल नंबर से शुरू हुआ संपर्क, फिर परिवार का विश्वास जीता

पीड़िता की मां ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि श्रवण दास श्रीराम जानकी मंदिर के महंत का शिष्य बताया जाता है। परिवार की मुलाकात आरोपी से 3 जून 2023 को एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान हुई थी। उसी दौरान उसने परिवार से मोबाइल नंबर लिया और बातचीत बढ़ाते हुए धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ा लीं। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने फरवरी 2024 में पीड़िता के घर में ही एक कमरा किराये पर ले लिया, जिससे उसकी पहुंच सीधे लड़की तक हो गई।

घर में अकेली होने पर किया शोषण, शादी का वादा कर संबंध बनाता रहा

पीड़िता ने पुलिस के सामने आरोप लगाया कि 2 मार्च 2024 को जब वह घर में अकेली थी, तब आरोपी ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने शादी का वादा कर लगातार उसे डराकर और बहला-फुसलाकर शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने उसे भरोसा दिलाया था कि वह बालिग होने के बाद उससे शादी करेगा। आरोप यह भी है कि कथावाचक ने उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया और जबरन अश्लील हरकतें भी कीं।

गर्भपात की दवाएं खिलाने का आरोप, पीड़िता की हालत बिगड़ी

इस मामले में पीड़िता के स्वास्थ्य को लेकर स्थिति बेहद गंभीर बताई जा रही है। पीड़िता का आरोप है कि जब वह गर्भवती हुई, तो आरोपी ने गर्भपात कराने के लिए गोलियां खिलाईं। यह घटना दो बार होने की बात कही गई है। बार-बार गर्भपात के कारण उसकी तबीयत बिगड़ गई। पुलिस ने पीड़िता की मेडिकल जांच कराई है और मेडिकल रिपोर्ट को जांच का अहम आधार बनाया जा रहा है।

SIT ने आरोपी को दबोचा, ‘मौनी बाबा’ की तलाश जारी

दरभंगा के एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने बताया कि एसडीपीओ राजीव कुमार के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी इलाके से आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। पुलिस इस मामले में आरोपी के सहयोगी बताए जा रहे ‘मौनी बाबा’ की भी तलाश कर रही है। महिला थाना प्रभारी मनीषा के मुताबिक फरार सहयोगी की भूमिका की जांच के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

पॉक्सो एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पीड़िता नाबालिग होने के कारण मामला POCSO एक्ट के तहत दर्ज किया गया है और जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

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केरल में युवक की संदिग्ध मौत, न्याय प्रणाली पर उठे सवाल

सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। कई लोग ऑनलाइन ट्रोलिंग, बिना जांच के पब्लिक ट्रायल और सोशल मीडिया पर आरोप लगाने की प्रवृत्ति पर सवाल उठा रहे हैं।

Questions raised about the justice system
घटना ने सोशल मीडिया (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar21 Jan 2026 09:14 PM
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केरल के कोझिकोड जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला इन्फ्लुएंसर ने बस में कथित छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया। इसके बाद युवक यू. दीपक (42) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, महिला और दीपक दोनों ही एक ही निजी बस में यात्रा कर रहे थे। यात्रा के दौरान महिला ने एक वीडियो रिकॉर्ड कर कहा कि दीपक ने उसके साथ छेड़छाड़ की। इस वीडियो को महिला ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया, जो तेजी से वायरल हो गया। वीडियो को लगभग 20 लाख से अधिक व्यूज़ मिले। 

परिवार का दावा

दीपक के परिजनों का दावा है कि वह निर्दोष थे। वायरल होने के बाद से उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और ट्रायल का सामना करना पड़ा। परिजनों का कहना है कि इस मानसिक दबाव के कारण दीपक ने आत्महत्या कर ली। उनके अनुसार, वह वीडियो देखकर टूट गए थे और दो दिन से कुछ भी नहीं खाया।

पुलिस की कार्रवाई

प्रारंभ में, पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला माना था। लेकिन परिजनों की शिकायत के आधार पर, पुलिस ने आईपीसी की धारा 108 के तहत मामला दर्ज किया। ताजा जानकारी के अनुसार, पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। 

सोशल मीडिया पर बहस

यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। कई लोग ऑनलाइन ट्रोलिंग, बिना जांच के पब्लिक ट्रायल और सोशल मीडिया पर आरोप लगाने की प्रवृत्ति पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, कुछ का मानना है कि इस तरह के मामलों में कानूनी प्रक्रिया के बिना ही आरोप लगाना और वायरल करना खतरनाक है, जो किसी की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। 

यह मामला ऐसे समय में आया है जब दिल्ली और अन्य शहरों में भी झूठे आरोप और फर्जी मामलों की रिपोर्टें सामने है जो कि विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से काम लेना चाहिए और किसी भी आरोप को पूरी जांच के बाद ही प्रचारित करना चाहिए। 

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