न कोई निर्देश, न कोई एनाउंसमेंट, बस आदत ने बचाई सफ़ाई
यह वायरल वीडियो केवल एक ट्रेन का दृश्य नहीं है, बल्कि पूरे देश के लिए एक संदेश भी है। यह बताता है कि साफ़ भारत कोई अभियान नहीं, बल्कि एक सोच और आदत है, जिसे नॉर्थ ईस्ट के लोग सालों से निभा रहे हैं।

भारत में सार्वजनिक स्थानों पर सफ़ाई की समस्या कोई नई नहीं है। खासकर ट्रेनों में सफ़र के दौरान गंदगी और कचरा फैलना आम बात बन चुकी है। कई यात्रियों का मानना है कि सफ़ाई का काम केवल प्रशासन का है, जबकि वे खुद कचरा फैलाने से गुरेज नहीं करते। लेकिन अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने इस सोच को पूरी तरह चुनौती दे दी है।
नॉर्थ ईस्ट की ट्रेन में दिखा असली सिविक सेंस
बता दें कि इंस्टाग्राम पर @daily.passenger नाम के अकाउंट से शेयर किए गए वीडियो में आइज़ोल-गुवाहाटी ट्रेन का नज़ारा दिखाया गया है। वीडियो में यात्रियों को अपने कचरे को छोटे-छोटे बैगों में इकट्ठा करते हुए देखा जा सकता है। खास बात यह है कि यात्रियों ने कचरे के बैगों को अपनी सीट के पास टांग दिया है ताकि कचरा इधर-उधर न फैले और ट्रेन के डिब्बे में सफ़ाई बनी रहे।
वीडियो के साथ लिखा
बता दें कि वीडियो के साथ लिखा गया है कि न कोई अनाउंसमेंट, न रेलवे का कोई निर्देश… बस एक आदत। साफ़ जगहें इसलिए साफ़ नहीं रहतीं क्योंकि सरकार सफ़ाई करती है, बल्कि इसलिए क्योंकि लोग परवाह करते हैं। वीडियो शेयर करने वाले यूज़र ने खुद को नॉर्थ इंडिया से बताया और लिखा कि यह नज़ारा देखकर उन्हें आत्ममंथन करने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि हम अक्सर गंदी ट्रेनों और सड़कों की शिकायत करते हैं, लेकिन अपने व्यवहार पर सवाल नहीं उठाते। उनका मानना है कि साफ़ जगहें सिर्फ़ प्रशासन की वजह से साफ़ नहीं रहतीं, बल्कि इसलिए क्योंकि लोग जिम्मेदारी नहीं निभाते हैं। उन्होंने कहा कि नॉर्थ ईस्ट से बहुत कुछ सीखने की जरूरत है।
सोशल मीडिया पर लोग हुए भावुक, मिली जमकर तारीफ
बता दें कि वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। एक यूज़र ने लिखा, “नॉर्थ ईस्ट के लोगों से हम सबको बहुत कुछ सीखना चाहिए।” दूसरे ने कहा कि यह इलाके की बात नहीं, लोगों की सिविक सेंस की बात है। तमिलनाडु से एक यूज़र ने कमेंट किया है कि ये देखकर अच्छा लगा, उम्मीद है पूरे भारत में यह अपनाया जाए। बस कचरा सही तरीके से डिस्पोज़ हो। एक अन्य यूज़र ने बचपन की सीख याद दिलाते हुए लिखा कि हमें बचपन से सिखाया गया है कि कचरा जेब या बैग में रखो और डस्टबिन में ही डालो।
यह वीडियो सिर्फ एक ट्रेन का दृश्य नहीं, बल्कि संदेश है
बता दें कि यह वायरल वीडियो केवल एक ट्रेन का दृश्य नहीं है, बल्कि पूरे देश के लिए एक संदेश भी है। यह बताता है कि साफ़ भारत कोई अभियान नहीं, बल्कि एक सोच और आदत है, जिसे नॉर्थ ईस्ट के लोग सालों से निभा रहे हैं।
भारत में सार्वजनिक स्थानों पर सफ़ाई की समस्या कोई नई नहीं है। खासकर ट्रेनों में सफ़र के दौरान गंदगी और कचरा फैलना आम बात बन चुकी है। कई यात्रियों का मानना है कि सफ़ाई का काम केवल प्रशासन का है, जबकि वे खुद कचरा फैलाने से गुरेज नहीं करते। लेकिन अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने इस सोच को पूरी तरह चुनौती दे दी है।
नॉर्थ ईस्ट की ट्रेन में दिखा असली सिविक सेंस
बता दें कि इंस्टाग्राम पर @daily.passenger नाम के अकाउंट से शेयर किए गए वीडियो में आइज़ोल-गुवाहाटी ट्रेन का नज़ारा दिखाया गया है। वीडियो में यात्रियों को अपने कचरे को छोटे-छोटे बैगों में इकट्ठा करते हुए देखा जा सकता है। खास बात यह है कि यात्रियों ने कचरे के बैगों को अपनी सीट के पास टांग दिया है ताकि कचरा इधर-उधर न फैले और ट्रेन के डिब्बे में सफ़ाई बनी रहे।
वीडियो के साथ लिखा
बता दें कि वीडियो के साथ लिखा गया है कि न कोई अनाउंसमेंट, न रेलवे का कोई निर्देश… बस एक आदत। साफ़ जगहें इसलिए साफ़ नहीं रहतीं क्योंकि सरकार सफ़ाई करती है, बल्कि इसलिए क्योंकि लोग परवाह करते हैं। वीडियो शेयर करने वाले यूज़र ने खुद को नॉर्थ इंडिया से बताया और लिखा कि यह नज़ारा देखकर उन्हें आत्ममंथन करने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि हम अक्सर गंदी ट्रेनों और सड़कों की शिकायत करते हैं, लेकिन अपने व्यवहार पर सवाल नहीं उठाते। उनका मानना है कि साफ़ जगहें सिर्फ़ प्रशासन की वजह से साफ़ नहीं रहतीं, बल्कि इसलिए क्योंकि लोग जिम्मेदारी नहीं निभाते हैं। उन्होंने कहा कि नॉर्थ ईस्ट से बहुत कुछ सीखने की जरूरत है।
सोशल मीडिया पर लोग हुए भावुक, मिली जमकर तारीफ
बता दें कि वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। एक यूज़र ने लिखा, “नॉर्थ ईस्ट के लोगों से हम सबको बहुत कुछ सीखना चाहिए।” दूसरे ने कहा कि यह इलाके की बात नहीं, लोगों की सिविक सेंस की बात है। तमिलनाडु से एक यूज़र ने कमेंट किया है कि ये देखकर अच्छा लगा, उम्मीद है पूरे भारत में यह अपनाया जाए। बस कचरा सही तरीके से डिस्पोज़ हो। एक अन्य यूज़र ने बचपन की सीख याद दिलाते हुए लिखा कि हमें बचपन से सिखाया गया है कि कचरा जेब या बैग में रखो और डस्टबिन में ही डालो।
यह वीडियो सिर्फ एक ट्रेन का दृश्य नहीं, बल्कि संदेश है
बता दें कि यह वायरल वीडियो केवल एक ट्रेन का दृश्य नहीं है, बल्कि पूरे देश के लिए एक संदेश भी है। यह बताता है कि साफ़ भारत कोई अभियान नहीं, बल्कि एक सोच और आदत है, जिसे नॉर्थ ईस्ट के लोग सालों से निभा रहे हैं।












