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बिहार की राजनीति से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने साहिबगंज से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन के मामले में दोषी ठहराया है। अदालत ने फैसला सुनाने के साथ ही उन्हें हिरासत में लेने का निर्देश दिया है।

Bihar News : बिहार की राजनीति से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने साहिबगंज से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन के मामले में दोषी ठहराया है। अदालत ने फैसला सुनाने के साथ ही उन्हें हिरासत में लेने का निर्देश दिया है। वहीं उनकी पत्नी रेनू सिंह समेत तीन अन्य आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है। अब इस मामले में सजा कितनी होगी, इस पर 9 जून को सुनवाई की जाएगी। Bihar News
यह मामला 31 दिसंबर 2018 की रात दिल्ली के मंडी गांव स्थित रोज फार्म हाउस में आयोजित नववर्ष समारोह से जुड़ा है। आरोप है कि जश्न के दौरान हुई फायरिंग में अर्चना गुप्ता नामक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद 1 जनवरी 2019 को फतेहपुर बेरी थाने में मामला दर्ज किया गया था। Bihar News
विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) विशाल गोगने की अदालत ने राजू कुमार सिंह को आईपीसी की धारा 304 (भाग-2) और आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत दोषी माना। अदालत ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्य उनके खिलाफ आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त हैं। वहीं रेनू सिंह, राणा राजेश सिंह और रामेंद्र सिंह को राहत देते हुए बरी कर दिया गया। अक्टूबर 2023 में अदालत ने आरोपियों की बरी किए जाने संबंधी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद राजू सिंह के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट की धाराओं में आरोप तय किए गए। अन्य आरोपियों पर सबूत मिटाने और मामले से जुड़े तथ्यों को छिपाने के आरोप लगाए गए थे। Bihar News
शिकायतकर्ता विकास गुप्ता के मुताबिक, वह अपनी पत्नी अर्चना गुप्ता और बेटी के साथ नए साल के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। रात करीब 12 बजे कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कथित तौर पर राजू सिंह और उनके सुरक्षाकर्मी हरि सिंह को हथियारों से हवाई फायरिंग करते देखा। कुछ देर बाद फिर गोली चलने की आवाज आई और अचानक अर्चना गुप्ता जमीन पर गिर पड़ीं। जब परिवार उनके पास पहुंचा तो वह बेहोश थीं और उनके चेहरे पर खून लगा हुआ था। पुलिस जांच के दौरान घटनास्थल से .22 कैलिबर के दो इस्तेमाल किए गए कारतूस बरामद हुए। जांच टीम को यह भी जानकारी मिली कि घटना के बाद मौके पर मौजूद खून के निशान साफ करने की कोशिश की गई थी। इसके अलावा राजू सिंह के घर से जिंदा और इस्तेमाल किए गए कारतूस भी मिले। वहीं उनके सुरक्षाकर्मी हरि सिंह के घर से एक राइफल और अन्य गोला-बारूद बरामद किया गया था। Bihar News
घटना के बाद राजू सिंह और उनके ड्राइवर-सह-सुरक्षाकर्मी हरि सिंह मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने दोनों को 2 जनवरी 2019 को उत्तर प्रदेश के फाजिलनगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के समय राजू सिंह के पास से .22 कैलिबर की पिस्तौल और कारतूस भी बरामद किए गए थे। जिस वाहन से दोनों यात्रा कर रहे थे, उसे भी पुलिस ने जब्त कर लिया था।शुरुआत में पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया था। हालांकि 3 जनवरी 2019 को अर्चना गुप्ता की इलाज के दौरान मौत हो जाने के बाद मामले में हत्या की धारा जोड़ी गई। एम्स में हुए पोस्टमार्टम में डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि उनकी मौत सिर में गोली लगने के कारण हुई थी। Bihar News
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