बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में पहली बार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 64.46 फीसदी वोटिंग दर्ज होकर इतिहास रच दिया है। यह अब तक का सबसे उच्च मतदान प्रतिशत है, जो बिहार के चुनावी इतिहास में नई मिसाल कायम कर रहा है। इस चुनाव में हुए रिकॉर्ड वोटिंग का अर्थ और पिछले वर्षों का मतदान ट्रेंड जानना बेहद जरूरी हो गया है।

बता दे कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में पहली बार आम चुनाव 1952 में हुए थे, जब मतदान 21 दिनों तक चलता रहा। उस समय मतदान 4 से 24 जनवरी के बीच हुआ। इसके बाद 1957 में यह प्रक्रिया 16 दिनों में 25 फरवरी से 12 मार्च तक चली। 1969 में राष्ट्रपति शासन के दौरान 9 फरवरी को पूरे राज्य में मतदान संपन्न हुआ।
बता दे कि 1960 और 1970 के दशक में बिहार में मतदान की प्रक्रिया कई चरणों में हुई। उदाहरण के तौर पर, 1962 में चार चरणों में मतदान हुआ, जबकि 1967 में चार चरणों में मतदान कराए गए। 1980 और 1990 में भी मतदान कई चरणों में हुआ।
बता दे कि 2020 में 56.9 फीसदी मतदान हुआ था, जो पिछले वर्षों की तुलना में कम था। सबसे अधिक मतदान 2000 में हुआ था, जब 62.6 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई थी। उस समय बिहार में राष्ट्रपति शासन लागू था, और राजनीतिक अस्थिरता का दौर था।
यह चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, इस बार मतदान प्रतिशत में भारी वृद्धि का मुख्य कारण मतदाता सूची से फर्जी वोटरों के नाम हटाए जाने के बाद मतदाताओं की संख्या में कमी और मतदान केंद्रों पर अधिक सख्ती है। मतदाता सूची का साफ-सुथरा होना और बूथ पर 1500 वोटर का लक्ष्य निर्धारित होना मतदान प्रतिशत को बढ़ाने में सहायक रहा है।
बता दे कि इस बार बिहार में 2000 के विधानसभा चुनाव में सबसे अधिक मतदान हुआ था, जब राबड़ी देवी मुख्यमंत्री थीं। उस समय चुनावी अनिश्चितता और राजनीतिक अस्थिरता के कारण मतदाताओं में उत्साह देखा गया। वर्तमान में, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार दो दशक से सत्ता में हैं, और इस बार भी वोटिंग का उत्साह चरम पर है।
बता दे कि 1952 से 2020 तक बिहार में मतदान का प्रतिशत सिर्फ 5 बार घटा है। बाकी समय में मतदाताओं ने अपने उत्साह का परिचय दिया है। यदि 2025 में मतदान प्रतिशत 65% तक पहुंचता है, तो यह न केवल रिकॉर्ड तोड़ेगा, बल्कि पिछले सात दशकों का ट्रेंड भी ऊपर जाएगा।
अब बिहार के दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा, और मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। देखते हैं कि इस बार भी बिहार का मतदान इतिहास रचता है या नहीं।