
बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 का बिगुल बज चुका है। इस बार बिहार विधानसभा का चुनाव दो चरणों में आयोजित किया जाएगा—पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा 11 नवंबर को। पहले चरण में 18 जिलों की 121 सीटों पर वोटिंग होगी, जो इस चुनाव की दिशा तय करने में निर्णायक साबित होगी। बड़े नेताओं की राजनीतिक किस्मत भी इसी चरण में दांव पर होगी। चुनावी तारीखों के ऐलान के साथ ही राज्य में आचार संहिता लागू हो गई है। मुख्य मुकाबला राष्ट्रीय जनता दल नेतृत्व वाले महागठबंधन और भाजपा नेतृत्व वाले NDA के बीच माना जा रहा है, जबकि चुनावी मैदान में प्रशांत किशोर अपनी नई पार्टी के साथ इस जंग को त्रिकोणीय बनाने की रणनीति में जुटे हैं। पहले चरण के नतीजे पूरे चुनावी परिदृश्य पर बड़ा असर डाल सकते हैं। Bihar Assembly Elections 2025
पहले चरण में बिहार के 18 जिले शामिल हैं—गोपालगंज, सीवान, बक्सर, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय और भोजपुर। इन जिलों में होने वाली वोटिंग इस चुनाव का पहला असली टेस्ट मानी जा रही है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की अगुवाई में महागठबंधन मैदान में है, जिसमें कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी समेत कई पार्टियां शामिल हैं। वहीं, NDA में भाजपा, जनता दल यूनाइटेड और लोक जनशक्ति पार्टी के अलावा कई छोटे दल भी अपनी ताकत आज़माने उतर चुके हैं। अगर 2020 के आंकड़ों पर नजर डालें तो NDA ने कुल 125 सीटें जीतकर बढ़त बनाई थी, जबकि महागठबंधन के खाते में 110 सीटें आई थीं। इस बार की जंग में दोनों गठबंधनों के लिए यह इलाके निर्णायक साबित हो सकते हैं।
पटना: 14 सीटों में महागठबंधन को 9 सीटें, एनडीए को 5 सीटें।
मुजफ्फरपुर: 11 सीटों में एनडीए को 6 और महागठबंधन को 5 सीटें।
समस्तीपुर: दोनों गठबंधनों को 5-5 सीटें।
सारण: महागठबंधन 7, एनडीए 3 सीटें।
दरभंगा: एनडीए ने 9 सीटें जीतकर क्लीन स्वीप किया।
वैशाली: दोनों गठबंधन 4-4 सीटें बांटकर संतुलन बनाए रखा।
सीवान: महागठबंधन 6, एनडीए 2 सीटें।
बक्सर: महागठबंधन ने सभी 4 सीटें जीत ली।
नालंदा: एनडीए को 6 में से 6 सीटें मिलीं।
बेगूसराय: महागठबंधन 4, एनडीए 3 सीटें।
भोजपुर: महागठबंधन 5, एनडीए 3 सीटें।
गोपालगंज: एनडीए 4, महागठबंधन 2 सीटें।
जिलेवार आंकड़ों को देखें तो महागठबंधन ने 6 जिलों में ज्यादा सीटें जीतीं, एनडीए ने भी 6 जिलों में बढ़त बनाई और बाकी 6 जिलों में मुकाबला बराबरी का रहा। हालांकि बड़े और महत्वपूर्ण जिलों जैसे पटना, सीवान, बक्सर और बेगूसराय में महागठबंधन का प्रदर्शन बेहतर रहा।
2020 के पहले चरण में 121 सीटों की लड़ाई में महागठबंधन ने 61 सीटें जीतकर बढ़त बनाई थी, जबकि NDA को 59 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा था। एक सीट अन्य के खाते में गई थी। वैशाली की राघोपुर सीट से तेजस्वी यादव ने जीत दर्ज की थी, वहीं समस्तीपुर की हसनपुर सीट से उनके भाई तेजप्रताप यादव ने विजय हासिल की थी। इस बार लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव भी अपनी नई पार्टी के साथ चुनावी मैदान में उतर रहे हैं, जो पहले चरण की लड़ाई को और दिलचस्प बना देगा। 6 नवंबर को होने वाली वोटिंग के बाद 14 नवंबर को इन सीटों के नतीजे सामने आएंगे, जो पूरे चुनाव के रुख को तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। Bihar Assembly Elections 2025