
बिहार में इस साल नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले JVC ने ताजा जनमत सर्वे जारी किया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। सर्वे में अब तक के अनुमान पूरी तरह बदलते नजर आ रहे हैं और खासकर मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर तस्वीर हैरान करने वाली है। जहां महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव की लोकप्रियता में गिरावट देखी गई है, वहीं जनता ने फिर से नीतीश कुमार को सबसे भरोसेमंद और पसंदीदा विकल्प के रूप में चुना है। इस नए सर्वे में जेडीयू की सीटें बढ़ती हुई दिखाई दे रही हैं, जबकि भाजपा और राजद लगभग बराबरी पर हैं। Bihar Assembly Elections 2025
इस बार का चुनाव राजनीतिक सरगर्मी के लिहाज से खास बनता दिख रहा है और इसका बड़ा कारण है प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी। जेवीसी के ताजा सर्वे के अनुसार, पार्टी को 10-11 प्रतिशत वोट शेयर मिलने की संभावना है और यह 4-6 सीटें जीतकर सियासी परिदृश्य में अचानक उभर सकती है। विशेषज्ञ इसे चुनाव का ‘एक्स-फैक्टर’ मान रहे हैं, जो महागठबंधन और एनडीए के समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है।
JVC के ताजा सर्वे ने कांग्रेस के लिए नकारात्मक संदेश दिया है। सर्वे के मुताबिक पार्टी को बिहार में केवल 2 सीटें मिलने की संभावना है, जबकि महागठबंधन में उसकी अहमियत हमेशा महत्वपूर्ण मानी जाती रही है। राजनीतिक विश्लेषक इसे राहुल गांधी और कांग्रेस की रणनीति पर बड़ा झटका मान रहे हैं, जो आगामी चुनावी समीकरणों में उनकी पकड़ को चुनौती दे सकता है।
लोकप्रियता और वोट शेयर का ग्राफ
नीतीश कुमार: 27% समर्थन
तेजस्वी यादव: 25% समर्थन
प्रशांत किशोर: 15%
चिराग पासवान: 11%
सम्राट चौधरी: 8%
वोट शेयर की बात करें तो
एनडीए: 41-45%
महागठबंधन: 37-40%
जन सुराज: 10-11%
इस ओपिनियन पोल से साफ हो गया है कि बिहार में आगामी चुनाव में राजनीतिक तस्वीर तेजी से बदल रही है। नीतीश कुमार की लोकप्रियता और एनडीए की सीटों की बढ़त, महागठबंधन और तेजस्वी यादव के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति बना सकती है। Bihar Assembly Elections 2025