
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी में रणनीति को अंतिम रूप देने का दौर जारी है। पटना में आयोजित दो दिवसीय चुनाव समिति की बैठक में केंद्रीय मंत्री और पार्टी प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े, केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल और बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक में राज्य की 243 विधानसभा सीटों पर पार्टी की तैयारी और संभावित उम्मीदवारों पर गहन चर्चा हुई। Bihar Assembly Elections 2025
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने बैठक के बाद जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी ने अपनी वर्तमान 60 सीटों के प्रदर्शन और भविष्य की रणनीति पर विचार किया। 2020 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 110 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें 75 पर जीत हासिल हुई थी। जायसवाल ने कहा कि जिन उम्मीदवारों का प्रदर्शन बेहतर रहा है और जिनके सामने कोई मजबूत विरोधी नहीं है, उन्हें दोबारा मौका दिया जा सकता है, जबकि बाकी सीटों पर नए चेहरे उतारने पर विचार चल रहा है। बैठक में महिलाओं और युवाओं को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में मौजूद विनोद तावड़े ने कहा कि बिहार एक बार फिर एनडीए सरकार चुनने के लिए तैयार है। उन्होंने संभावित उम्मीदवारों और आगामी चुनाव की रणनीति पर चर्चा की। वहीं, बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य ने विकास और सुशासन के नए मानदंड स्थापित किए हैं।
धर्मेंद्र प्रधान और विनोद तावड़े ने एनडीए के पांच दलों वाले गठबंधन में चल रहे मतभेदों को सुलझाने के लिए भी बैठक की। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी से बातचीत में उनके द्वारा 15-20 सीटों की मांग उठाई गई, जबकि उनकी पार्टी के केवल चार विधायक हैं। मांझी ने बातचीत के विवरण को साझा नहीं किया, लेकिन आश्वस्त किया कि सभी मुद्दे ठीक हो रहे हैं। बैठक के बाद प्रधान और तावड़े ने राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेता उपेंद्र कुशवाहा से भी मुलाकात की। कुशवाहा ने बैठक के बाद कोई बयान नहीं दिया। अब दिल्ली में बिहार बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक होगी, जिसके बाद पीएम मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। Bihar Assembly Elections 2025