"मुझे दुख है कि ऐसी सरकार का समर्थन कर रहा हूं", बिहार में अपराधों पर चिराग पासवान का तीखा हमला
Bihar Election
भारत
चेतना मंच
26 Jul 2025 09:57 PM
Bihar Election : बिहार में लगातार बढ़ रहे अपराध को लेकर सियासी भूचाल तेज हो गया है। राज्य सरकार में शामिल लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा है कि उन्हें ऐसी सरकार का समर्थन करने पर दुख हो रहा है, जो अपराधियों के आगे नतमस्तक हो गई है।
"अपराधियों के सामने प्रशासन पूरी तरह बेकाबू"
पत्रकारों से बातचीत में चिराग ने कहा कि बिहार में अपराध की घटनाएं बेकाबू हो गई हैं। स्थिति भयावह होती जा रही है। हत्या, लूट, गोलीबारी जैसे मामले अब आम हो गए हैं। प्रशासन अपराधियों के सामने झुक चुका है, और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। चिराग पासवान का यह बयान तब आया है जब राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर जनाक्रोश गहराता जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, बीते एक महीने में 50 से अधिक हत्याओं की खबरें सामने आ चुकी हैं। कई घटनाएं दिनदहाड़े और अस्पतालों तक में हुई हैं, जिसने आम नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
"बिहार अब इनके बस में नहीं" : चिराग की दो टूक
नीतीश सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए चिराग ने कहा, अगर यह अपराध चुनावी साजिश का हिस्सा है, तब भी उसे रोकना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। लेकिन बिहार अब इनके बस में नहीं है। सरकार सिर्फ निंदा कर रही है, कार्रवाई नहीं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि मैं सरकार से समय रहते सख्त कदम उठाने का अनुरोध करता हूं। लेकिन यह भी सच है कि मुझे दुख है, मैं ऐसी सरकार का समर्थन कर रहा हूं जो जनता को सुरक्षा देने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।
एलजेपी सांसदों ने भी उठाए सवाल, योगी मॉडल की बात दोहराई
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब चिराग पासवान ने गठबंधन सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हों। पिछले कुछ हफ्तों से एलजेपी (रामविलास) के सांसदों ने भी बिहार में जंगलराज की वापसी का मुद्दा उठाया है और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के 'जीरो टॉलरेंस' मॉडल को अपनाने की सलाह दी है।
चुनाव से पहले एनडीए में आंतरिक मतभेद के संकेत?
बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले चिराग पासवान के यह बयान राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर चुके हैं। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह एलजेपी की ओर से सरकार पर दबाव की रणनीति भी हो सकती है या फिर गठबंधन की भविष्य की दिशा तय करने की शुरुआत। एक ओर जहां एनडीए एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रही है, वहीं चिराग जैसे सहयोगियों की नाराजगी सत्ता की सेहत के लिए चुनौती बन सकती है।
चिराग की राजनीतिक पिच : समर्थन भी, असंतोष भी
चिराग पासवान का यह विरोधाभासी रुख, जहां वे सरकार का हिस्सा रहते हुए भी सार्वजनिक रूप से आलोचना कर रहे हैं। उनके राजनीतिक संतुलन को दर्शाता है। यह रुख उन्हें जनता के बीच जनता की आवाज के रूप में भी पेश करता है और यह संकेत भी देता है कि सहयोगी दल अब आंख मूंदकर समर्थन के बजाय जवाबदेही मांगने लगे हैं।