
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले NDA ने अपनी सियासी स्थिति को आंकने के लिए एक गुप्त सर्वे कराया है। इस सर्वे के नतीजे सामने आते ही सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं की धड़कन तेज हो गई है। आइए जानते हैं, इस आंतरिक सर्वे में क्या खुलासे हुए हैं। इस बार बिहार चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और विपक्षी महागठबंधन के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। एनडीए द्वारा कराए गए आंतरिक सर्वे में पता चला कि दोनों गठबंधनों के बीच वोट शेयर में केवल 1% का अंतर हो सकता है। Bihar Election
‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस सर्वे में एनडीए को मामूली बढ़त दिख रही है। सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य की 243 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए को लगभग 130 सीटें मिलने की संभावना है। सर्वे में शामिल 65% लोगों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व पर भरोसा जताया है, जबकि चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को लगभग 9% वोट शेयर मिलने का अनुमान है। Bihar Election
कांग्रेस ने भी इसी तरह का एक शुरुआती सर्वे कराया था, जिसमें पता चला कि इस बार सीएम नीतीश के खिलाफ कोई मजबूत सत्ता-विरोधी लहर नहीं है। विपक्ष ने भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को लेकर हमले तेज कर दिए हैं। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार की स्वास्थ्य स्थिति पर सवाल उठाए, वहीं प्रशांत किशोर लगातार राज्य सरकार के मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। बावजूद इसके, केवल 31% उत्तरदाताओं ने माना कि नीतीश कुमार का कार्यकाल निराशाजनक रहा।
सर्वे के मुताबिक, महागठबंधन को 102 से 107 सीटें मिलने की संभावना है, जबकि अन्य दलों (जन सुराज सहित) को केवल 2-3 सीटें मिल सकती हैं। यह स्थिति 2020 जैसी हो सकती है, जब लोक जनशक्ति पार्टी ने केवल एक सीट जीती थी, लेकिन जेडीयू के उम्मीदवारों को कई जगह नुकसान पहुंचाया था।हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि ऐसे आंतरिक सर्वे आमतौर पर उन्हीं दलों को फायदा दिखाते हैं, जिन्होंने उन्हें कराया हो। बिहार जैसे सामाजिक और जातीय विविधता वाले राज्य में ये सर्वे असली नतीजों से भटक सकते हैं। इसलिए इन्हें केवल राजनीतिक माहौल और रुझान का संकेत माना जाना चाहिए, अंतिम भविष्यवाणी नहीं।
हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में जेडीयू के विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार ने कहा, “लोग देख रहे हैं कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में गांव-गांव तक विकास हुआ है। तेजस्वी यादव हर परिवार को सरकारी नौकरी देने का वादा कर रहे हैं, जो व्यावहारिक नहीं है। हमारी सरकार जीविका दीदी योजना के तहत हर महिला को 10,000 रुपये दे रही है और महिलाओं को लगातार सशक्त कर रही है। कांग्रेस के पूर्व चुनाव रणनीतिकार शशांक शेखर ने कहा कि एनडीए फिलहाल आगे है, लेकिन प्रशांत किशोर की लोकप्रियता 6-7% तक सीमित रह सकती है। Bihar Election
उन्होंने कहा कि किशोर ऐसे उम्मीदवार खड़े करेंगे जो महागठबंधन के वोट काटेंगे, लेकिन जनता उनकी रणनीति को समझ चुकी है। 2020 के विधानसभा चुनाव में एनडीए ने 125 सीटें और महागठबंधन ने 110 सीटें जीती थीं, जिसमें वोट शेयर में सिर्फ 0.03% का अंतर था। इस बार भी मुकाबला उतना ही रोमांचक रहने की संभावना है। Bihar Election