Bihar Election 2025 : चुनावी मौसम में बारिश बनी मुसीबत
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:56 AM
उत्तर बिहार में हो रही तेज बारिश के कारण चुनाव प्रचार में भारी बाधाएं आ रही हैं। बुधवार को दोनों प्रमुख पार्टियों के नेताओं—राजनाथ सिंह और तेजस्वी यादव—को मौसम की वजह से असुविधा का सामना करना पड़ा। Bihar Election 2025
Bihar Election 2025 : तेजस्वी यादव का हेलिकॉप्टर भी नहीं पहुंच पाए सभा स्थल तक
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव को आज बिहारीगंज और आलमनगर में चुनावी सभाएं करनी थीं, लेकिन खराब मौसम ने उनकी योजना पर पानी फेर दिया। तेज बारिश के कारण तेजस्वी यादव का हेलिकॉप्टर अपने निर्धारित गंतव्य तक नहीं पहुंच सका। तेजस्वी को बाद में गौरा बौराम में हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी, जहां भी भारी बारिश हो रही थी। मौसम के कारण दोनों स्थानों की सभाएं रद्द करनी पड़ीं। तेजस्वी यादव को अब अपने प्रचार कार्यक्रमों को अगले दिन के लिए फिर से निर्धारित करना होगा।
Bihar Election 2025 : राजनाथ सिंह का छपरा कार्यक्रम भी हुआ रद्द
बिहार के छपरा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का प्रस्तावित चुनावी कार्यक्रम भी खराब मौसम के कारण रद्द कर दिया गया। फकुली गांव में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के लिए सभी तैयारियां कर ली गई थीं, लेकिन बारिश के कारण पूरा मैदान कीचड़ से भर गया, जिससे सभा को स्थगित करना पड़ा। गौरतलब है कि कार्यक्रम के शुरू होने से दो घंटे पहले से ही तेज बारिश शुरू हो गई थी, जिससे हेलीपैड भी जलमग्न हो गया था। हेलिकॉप्टर की सुरक्षा कारणों से उड़ान भरने और उतरने की अनुमति नहीं दी गई। इसके अलावा, बारिश के कारण कार्यक्रम स्थल पर गंदगी और कीचड़ की समस्या उत्पन्न हो गई, जिससे आयोजन को रद्द करना पड़ा। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था के लिए लाए गए फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस भी कीचड़ में फंस गए थे। इन वाहनों को बाहर निकालने के लिए फायर ब्रिगेड कर्मियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
Bihar Election 2025 : चुनाव प्रचार में मौसम की भूमिका
उत्तर बिहार के कई इलाकों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे चुनावी प्रचार में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। नेताओं को अब हवाई यात्रा की बजाय सड़क मार्ग से यात्रा करने पर विचार करना पड़ रहा है। बारिश ने न केवल चुनावी सभाओं को प्रभावित किया है, बल्कि नेताओं के यात्रा कार्यक्रमों को भी कई बार रद्द या स्थगित करना पड़ा है। इस तरह के मौसम में चुनाव प्रचार को सहेजने की चुनौती और भी बढ़ जाती है, जिससे दोनों ही दलों के नेताओं को नए रास्ते तलाशने की आवश्यकता महसूस हो रही है।