वक्फ कानून पर बयान से सियासत में बवाल : तेजस्वी की सभा के बाद छिड़ी नई बहस
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 05:27 AM
बिहार की चुनावी राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। खगड़िया जिले के गोगरी में शनिवार को आयोजित आरजेडी की जनसभा के दौरान मंच से दिए गए एक बयान ने न सिर्फ विपक्ष को हथियार दे दिया, बल्कि खुद आरजेडी के लिए भी मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। दरअसल, आरजेडी एमएलसी कारी शोएब ने मंच से कहा कि तेजस्वी जी को मुख्यमंत्री बनाइए। जब हमारे भाई संजीव कुमार विधायक बनेंगे और तेजस्वी जी मुख्यमंत्री बनेंगे, तो वक्फ कानून खत्म कर दिया जाएगा। यह बयान उन्होंने तेजस्वी यादव की मौजूदगी में दिया। सभा में मौजूद कई समर्थकों ने तालियां बजाईं, जबकि कुछ कार्यकर्ता इस बयान पर असहज नजर आए। तेजस्वी यादव ने इस विवादित टिप्पणी पर मंच से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और अपना भाषण जारी रखा। जिसमें उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा जैसे मुद्दों को केंद्र में रखा। Bihar Elections :
भाजपा ने साधा निशाना : जंगलराज की मानसिकता अब भी कायम
कारी शोएब के इस बयान ने भाजपा को तीखा हमला बोलने का मौका दे दिया। बीजेपी नेताओं ने कहा कि यह वही सोच है, जो आरजेडी के शासनकाल में बिहार को पीछे ले गई थी। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि तेजस्वी यादव के मंच से वक्फ कानून खत्म करने जैसी बात कहा जाना बेहद गैरजिम्मेदाराना और असंवैधानिक है। यही आरजेडी का असली चेहरा है, जो धर्म और जाति के नाम पर समाज को बांटने का काम करती है। पार्टी ने यह भी कहा कि यदि यह बयान आरजेडी की आधिकारिक नीति नहीं है, तो तेजस्वी यादव को खुद सामने आकर इसका खंडन करना चाहिए था।
आरजेडी की सफाई और अंदरूनी असहजता
आरजेडी की ओर से फिलहाल इस बयान पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है, लेकिन पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि नेतृत्व इस पूरे प्रकरण से अनजान और असहज है। कुछ नेताओं का मानना है कि चुनाव के इस दौर में इस तरह का बयान भाजपा के नैरेटिव को मजबूत करेगा और विपक्ष को ध्रुवीकरण का मौका देगा। बयानबाजी से बिगड़ सकता है चुनावी संतुलन। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आरजेडी इन दिनों अपने पुराने छवि से बाहर निकलने की कोशिश कर रही है। जंगलराज और अराजकता के टैग से खुद को दूर दिखाने की रणनीति बना रही है। लेकिन ऐसे बयान उस प्रयास को कमजोर कर सकते हैं।
भाजपा इस बयान को बड़े पैमाने पर भुनाने की कोशिश करेगी
तेजस्वी यादव लगातार नौजवानों, रोजगार और सुशासन के मुद्दों पर फोकस कर रहे हैं। ऐसे में उनकी मौजूदगी में धर्म-संबंधी संवेदनशील बयान पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, भाजपा इस बयान को चुनावी भाषणों में बड़े पैमाने पर भुनाने की कोशिश करेगी, खासकर उन इलाकों में जहां धार्मिक ध्रुवीकरण असर डाल सकता है। इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। कुछ यूजर्स ने इसे भ्रम फैलाने वाला बताया, जबकि आरजेडी समर्थक इसे व्यक्तिगत बयान कहकर बचाव करते दिखे। हालांकि, आम मतदाताओं के बीच यह सवाल जरूर उठ रहा है कि क्या आरजेडी अपने मंच से दिए हर बयान के लिए जवाबदेह है, या फिर पार्टी इसे व्यक्तिगत राय कहकर पल्ला झाड़ेगी? Bihar Elections :