महागठबंधन में सीट बंटवारे में तेजस्वी यादव को राहत, मुकेश सहनी सीमित सीटों पर सिमटे
भारत
चेतना मंच
13 Oct 2025 01:34 PM
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए महागठबंधन और एनडीए में सीट बंटवारे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। एनडीए में सीट बंटवारे के बाद अब महागठबंधन के अंदर भी राजनीतिक समीकरण स्पष्ट होते दिख रहे हैं, जिससे तेजस्वी यादव का सिरदर्द कम हुआ है। अब महागठबंधन में भी सीटों को लेकर तस्वीर साफ होती जा रही है। इस सीट बंटवारे में तेजस्वी यादव को राहत मिलने की संभावना बढ़ गई है। Bihar Elections :
एनडीए में सीटों का बंटवारा तय हो गया
एनडीए में सीटों का बंटवारा तय हो गया है। भाजपा और जेडीययू 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी, वहीं चिराग पासवान की लोजपा 29 सीटों पर मैदान में उतरेगी। हम और रालोसपा को केवल 6-6 सीटें मिली हैं। इस बंटवारे से एनडीए के भीतर थोड़ी नाराजगी है, लेकिन किसी तरह का बड़ा विवाद नहीं होगा यह निश्चित है। क्योंकि विवाद की स्थिति में वो दल ही नुकसान में रहेगा।
महागठबंधन में स्थिति
महागठबंधन में अभी तक सीटों पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। वीआईपी के नेता मुकेश सहनी शुरू से 40 सीटों और उपमुख्यमंत्री पद की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि वह केवल 40 सीटों पर ही चुनाव लड़ेंगे। लेकिन कांग्रेस, वाम दल और झामुमो की मांगों को संतुलित करना तेजस्वी यादव के लिए चुनौती बन गया है। हालांकि अंतिम समझौता होने पर तेजस्वी को फायदा मिलता नजर आ रहा है।
एनडीए के रास्ते बंद
सीट बंटवारे के बाद मुकेश सहनी के पास महागठबंधन छोड़ने का कोई रास्ता नहीं बचा। 2020 के चुनाव में भी ऐसी ही स्थिति थी। तब उचित संख्या में सीटें न मिलने पर वीआईपी ने महागठबंधन छोड़कर एनडीए का रुख किया था। उस बार वीआईपी 11 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और चार विधायक जीते थे, लेकिन बाद में बगावत के चलते चारों विधायक भाजपा में चले गए।
तेजस्वी यादव की रणनीति
तेजस्वी यादव हमेशा मुकेश सहनी के साथ रहे हैं, लेकिन 40 सीटें देने की स्थिति अब संभव नहीं है। कांग्रेस कम से कम 60 सीटें चाहती है, भाकपा माले 30 सीटें मांग रही है और अन्य वाम दलों को भी महागठबंधन में समायोजित करना है। ऐसे में वीआईपी को अधिकतम 20 सीटें मिलेंगी। अब मुकेश सहनी को बड़े मोलभाव के बाद यह प्रस्ताव स्वीकार करना पड़ेगा। Bihar Elections