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बिहार की राजनीति एक बार फिर अपराध, एनकाउंटर और जातीय विमर्श के पुराने चक्रव्यूह में उलझ गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ी है और पुलिस द्वारा अपराधियों पर की जा रही कार्रवाई, विशेषकर एनकाउंटर मामलों ने राजनीतिक तापमान को काफी बढ़ा दिया है।

Bihar News : बिहार की राजनीति एक बार फिर अपराध, एनकाउंटर और जातीय विमर्श के पुराने चक्रव्यूह में उलझ गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ी है और पुलिस द्वारा अपराधियों पर की जा रही कार्रवाई, विशेषकर एनकाउंटर मामलों ने राजनीतिक तापमान को काफी बढ़ा दिया है। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक ऐसा बयान दिया जिसने नई बहस को जन्म दे दिया है। तेजस्वी ने हालिया एनकाउंटर मामलों का जातिगत विश्लेषण पेश करते हुए दावा किया कि इनमें कई आरोपी यादव समुदाय से जुड़े हैं। उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कार्रवाई जाति देखकर की जा रही है और पुलिस का इस्तेमाल एक खास समुदाय को निशाना बनाने के लिए हो रहा है। Bihar News
लंबे समय से भारतीय लोकतांत्रिक विमर्श में यह धारणा स्थापित रही है कि अपराधी का कोई धर्म या जाति नहीं होती। लेकिन तेजस्वी यादव के ताजा आरोपों ने इस सिद्धांत को सीधे राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। तेजस्वी का कहना है कि सरकार चुनिंदा अपराधियों पर कार्रवाई कर रही है, जबकि महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराधों में शामिल अन्य अपराधी अब भी कानून की पकड़ से बाहर हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार विकास और रोजगार जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सख्त पुलिस कार्रवाई को प्रचार का माध्यम बना रही है। Bihar News
दूसरी ओर एनडीए नेतृत्व, विशेषकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के समर्थक इस पूरी बहस को कानून-व्यवस्था से जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि एनकाउंटर किसी जाति के खिलाफ नहीं, बल्कि संगठित अपराध, हत्या, लूट और डकैती जैसे गंभीर अपराधों के खिलाफ कार्रवाई है। सरकार का दावा है कि बिहार में “जंगल राज” की पुरानी छवि को खत्म करने के लिए सख्त कदम जरूरी हैं और यह कार्रवाई उसी दिशा में एक प्रयास है। सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया है कि उनका फोकस “अपराध मुक्त बिहार” बनाना है, जहां कानून सभी के लिए समान हो चाहे अपराधी किसी भी पृष्ठभूमि से आता हो। Bihar News
राजद पर लंबे समय से यह आरोप लगता रहा है कि उसके शासनकाल में अपराध और भ्रष्टाचार के मामलों में वृद्धि हुई थी। 1990 के दशक को लेकर ‘जंगल राज’ शब्द का इस्तेमाल भी इसी संदर्भ में किया जाता रहा है। उस दौर में अपहरण, रंगदारी और संगठित अपराध जैसी घटनाओं ने बिहार की छवि को गहरा नुकसान पहुंचाया था। लालू प्रसाद यादव के परिवार और उनके करीबियों पर भी कई विवादित आरोप समय-समय पर सामने आते रहे हैं, जिसने राजनीतिक बहस को और अधिक संवेदनशील बना दिया। Bihar News
तेजस्वी यादव के ताजा बयान ने एक नई राजनीतिक उलझन खड़ी कर दी है। एक ओर वे यह कहते हैं कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती, वहीं दूसरी ओर एनकाउंटर मामलों को जातीय दृष्टिकोण से देखने का प्रयास करते हैं। इसी विरोधाभास को लेकर एनडीए नेताओं ने पलटवार किया है और आरोप लगाया है कि तेजस्वी अपराधियों को संरक्षण देने वाली राजनीति कर रहे हैं। Bihar News
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