
Bihar News: बिहार सरकार द्वारा राज्य में शराब बंदी तो लागू कर दी गई थी। राज्य में अवैध रुप से बिक रही शराब पर रोकथाम लगाने के लिए पर्याप्त मात्रा में पुलिस न होने की बात भी सामने आती रही हैं। छपरा शराब कांड होने के बाद अब बिहार पुलिस को अक्ल आई कि बिना पुलिस फोर्स के अवैध शराब के धंधे पर रोकथाम नहीं लग सकती है। इसलिए राज्य सरकार ने पुलिस ने 75 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती करने का निर्णय लिया है।
राज्य की केबिनेट की बैठक में पुलिस में 75 हजार से अधिक भर्ती किए जाने का निर्णय लिया गया है। भर्ती के लिए जल्द ही नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाने की संभावना जताई जा रही है। नोटिफिकेशन में भर्ती के लिए योग्यता सहित अन्य डिटेल्स दी जाएगी। इसके अलावा कैबिनेट बैठक में बिहार सरकार की तरफ से शिक्षा विभाग को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक राज्य के चिन्हित 2803 प्रारंभिक विद्यालयों में निर्धारित विशिष्टताओं एवं दर के अनुरूप विद्यालय शिक्षा समिति के माध्यम से बेंच-डेस्क क्रिय हेतु 50 करोड़ की स्वीकृति दी है। वहीं, बिहार समाहरणालय लिपिकीय संवर्ग नियमावली में संशोधन की स्वीकृति दी है।
आपको बता दें कि भाजपा गठबंधन से अलग होने के बाद नीतीश कुमार ने महागठबंधन के साथ सरकार बनाई है। महागठबंधन के साथ सरकार बनाने के बाद से ही विपक्ष की तरफ से भर्ती को लेकर सवाल किए जा रहे थे।
फिलहाल बिहार में इस वक्त शराबबंदी को लेकर मामला गरमाया है। जहरीली शराब पीने की वजह से अब तक 70 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, मामले में 17 लोगों से पूछताछ की जा रही है। वहीं, को गिरफ्तार भी किया गया है। मामले की जांच के लिए SIT का भी गठन किया गया है। हालांकि, जहरीली शराब से हुई मौतों के परिजनों को लेकर भाजपा की तरफ से मुआवजे की मांग की जा रही है। लेकिन नीतीश सरकार की तरफ से पहले ही साफ कर दिया गया है कि मआवजा नहीं दिया जाएगा। क्योंकि मौते जहरीली शराब के पीने की वजह से हुई है।