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बिहार में नई सरकार के गठन के साथ राजनीतिक समीकरण एक बार फिर सुर्खियों में हैं। मुख्यमंत्री पद पर सम्राट चौधरी के आसीन होने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट सामने आई है, जिसने सत्ता के गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।

Bihar News : बिहार में नई सरकार का गठन हो चुका है। सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री बन चुके है। बिहार में नई सरकार के गठन के साथ राजनीतिक समीकरण एक बार फिर सुर्खियों में हैं। मुख्यमंत्री पद पर सम्राट चौधरी के आसीन होने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट सामने आई है, जिसने सत्ता के गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। भारत में राजनितिक डालो के ऊपर नजर रखने वलीउ संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और बिहार इलेक्शन वॉच द्वारा तैयार इस विश्लेषण में मंत्रियों की संपत्ति, आपराधिक रिकॉर्ड और शैक्षणिक पृष्ठभूमि से जुड़े कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री सहित 35 में से 31 मंत्रियों के शपथ पत्रों के अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि लगभग 90 प्रतिशत मंत्री करोड़पति श्रेणी में आते हैं, जिनकी औसत घोषित संपत्ति करीब 6.32 करोड़ रुपये है। इसके आलावा रिपोर्ट में भी उल्लेख किया गया है कि करीब आधे मंत्रियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें कुछ गंभीर प्रकृति के भी हैं। Bihar News
बात अगर संपत्ति के आंकड़ों की की जाए तो इसमें भाजपा विधायक रमा निषाद का नाम सबसे अमीर मंत्री के रूप में सामने आया हैं। उनकी कुल घोषित संपत्ति 31.86 करोड़ रुपये है, जो पूरे मंत्रिमंडल में सर्वाधिक है। वहीं दूसरी ओर, लोजपा (रामविलास) के विधायक संजय कुमार को सबसे कम संपत्ति वाला मंत्री बताया गया है, जिनकी कुल संपत्ति लगभग 22.30 लाख रुपये है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि शिवहर से मंत्री श्वेता गुप्ता पर सबसे अधिक 4.05 करोड़ रुपये की देनदारी दर्ज है। कुल 31 मंत्रियों में से 20 ने अपने खिलाफ वित्तीय देनदारियों की जानकारी दी है। Bihar News
ADR की रिपोर्ट के अनुसार, 31 में से 28 मंत्री करोड़पति क्लब में शामिल हैं। दलगत आंकड़ों पर नजर डालें तो जनता दल यूनाइटेड (JDU) के सभी 13 मंत्री करोड़पति हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 15 में से 13 मंत्री भी करोड़पति श्रेणी में आते हैं। इसके अलावा लोजपा (रामविलास) के 2 में से 1 मंत्री और हम (सेक्युलर) के एकमात्र मंत्री की संपत्ति भी करोड़ों में दर्ज की गई है। Bihar News
रिपोर्ट के अनुसार, 31 में से 15 मंत्रियों ने स्वयं अपने शपथ पत्र में आपराधिक मामलों की जानकारी दी है, जो कुल मंत्रियों का लगभग 48 प्रतिशत बैठता है। इनमें से 9 मंत्रियों पर गंभीर आपराधिक आरोप दर्ज है। वहीं, शिक्षा की बात की जाए तो इनमें 22 मंत्री स्नातक या उससे अधिक पढ़े-लिखे हैं, जबकि 8 मंत्री 10वीं से 12वीं पास हैं। Bihar News
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