
बिहार की धरती के नीचे ऐसा खजाना छुपा है, जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे। राज्य के बंटवारे के बाद अधिकांश खनिज संसाधन झारखंड को मिल गए, जहां कोयला, लोहा और तांबा जैसी संपदाएँ मौजूद हैं। लेकिन सबसे कीमती धातु यानी सोने का सबसे बड़ा भंडार बिहार में ही मौजूद है। इसे सरकार ने फिलहाल रिजर्व श्रेणी में रखा है। भारत में सोने का सबसे बड़ा भंडार शायद ही किसी ने कल्पना की हो, और वह छिपा है बिहार की धरती के भीतर। विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक, जमीन के नीचे लगभग 222.8 मिलियन टन सोने का अयस्क मौजूद है। Bihar Gold Reserve
अगर यह भंडार पूरी तरह से निकाला जाए, तो बिहार देश में सबसे अमीर सोने वाले राज्यों की सूची में शीर्ष पर आ सकता है। सबसे रोचक बात यह है कि यह खजाना जमुई जिले में छिपा हुआ है। इतना विशाल भंडार कि देश के आधे से अधिक गोल्ड रिजर्व को इसमें समेटा जा सकता है। फिलहाल यहां सोने की खानों की शुरुआत नहीं हुई है, लेकिन भविष्य में यह क्षेत्र खनिज उद्योग और आर्थिक संभावनाओं के लिहाज से बिहार के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। Bihar Gold Reserve
बिहार की धरती के नीचे छिपा है एक ऐसा खजाना, जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यहाँ लगभग 222.8 मिलियन टन सोने के अयस्क मौजूद हैं। यदि इसे पूरी तरह से निकाला गया, तो बिहार देश के सबसे समृद्ध सोने वाले राज्यों में शीर्ष पर पहुँच सकता है। यह अद्भुत भंडार विशेष रूप से जमुई जिले में पाया गया है, और शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, यह देश के आधे से अधिक गोल्ड रिजर्व को समेटने की क्षमता रखता है। फिलहाल यहां सोने की खानों की शुरुआत नहीं हुई है, लेकिन आने वाले समय में यह क्षेत्र खनिज उद्योग और आर्थिक संभावनाओं के लिहाज से बिहार के लिए गेम चेंजर बन सकता है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, छुपे सोने के भंडार में बिहार देश में अव्वल है। इसके बाद राजस्थान और कर्नाटक का नंबर आता है। हालांकि वर्तमान में कर्नाटक ही देश का सबसे बड़ा सोने का उत्पादक राज्य है, जहां हट्टी और कोलार क्षेत्रों से अधिकांश सोना निकाला जाता है। दिलचस्प तथ्य यह है कि कर्नाटक का उत्पादन देश के कुल सोने का लगभग 99% है। राष्ट्रीय खनिज सूची के अनुसार, 1 अप्रैल 2015 तक भारत में कुल 501.83 मिलियन टन स्वर्ण अयस्क मौजूद होने का अनुमान लगाया गया था।
इसमें से 17.22 मिलियन टन को भंडार श्रेणी में और शेष 484.61 मिलियन टन को अन्य संसाधन श्रेणी में रखा गया। सबसे रोचक बात यह है कि बिहार में देश के लगभग 44% सोने का भंडार मौजूद है। वहीं राजस्थान में 25%, कर्नाटक में 21%, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में 3-3%, झारखंड में 2% और शेष 2% भंडार छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में फैले हैं। यह आंकड़ा बताता है कि बिहार में सोने की अपार संपदा छिपी हुई है, जो भविष्य में आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) लगातार पूरे देश में खनिज संपदा की खोज और गहन अध्ययन करता रहता है। इसी सतत प्रयास के दौरान बिहार में सोने के अपार भंडार का पता चला। हर साल GSI नई तकनीकों और आधुनिक सर्वेक्षण विधियों का उपयोग करके संभावित खनिज क्षेत्रों की पहचान करता है और महत्वाकांक्षी रिसर्च प्रोजेक्ट्स शुरू करता है। यही वजह है कि बिहार की धरती अब खनिज विज्ञान और आर्थिक संभावनाओं के लिहाज से देश के नक्शे पर एक प्रमुख केंद्र बन गई Bihar Gold Reserve
2021 में राज्यसभा में खान, कोयला और संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने खुलासा किया कि भारत सरकार ने हाल ही में सोने सहित अन्य खनिजों के लिए जी4 स्तर पर लाइसेंस नीलामी के नियमों में संशोधन किया है। इसका उद्देश्य आधुनिक तकनीक और निजी निवेश को प्रोत्साहित करना है, ताकि खनिज खोज और खनन प्रक्रिया और अधिक प्रभावी और किफायती बन सके। इससे न केवल जमीन के भीतर छुपे खजाने का पता लगाने में आसानी होगी, बल्कि छिपे सोने को निकालकर शुद्ध सोना तैयार करने की लागत भी घटने की उम्मीद है। यह कदम बिहार सहित देश के खनिज संपन्न क्षेत्रों के लिए बड़े आर्थिक अवसर खोल सकता है। Bihar Gold Reserve