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बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के लिए चल रही चुनावी प्रक्रिया लगभग औपचारिकता बनकर रह गई है। नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नौ और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एक उम्मीदवार निर्विरोध विधान परिषद पहुंचेंगे।

Bihar MLC Election 2026: बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के लिए चल रही चुनावी प्रक्रिया लगभग औपचारिकता बनकर रह गई है। नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नौ और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एक उम्मीदवार निर्विरोध विधान परिषद पहुंचेंगे। उम्मीदवारों की संख्या और उपलब्ध सीटों की संख्या समान होने के कारण अब मतदान की आवश्यकता नहीं रह गई है। सोमवार को नामांकन के अंतिम दिन एनडीए के नौ प्रत्याशियों और महागठबंधन की ओर से एक प्रत्याशी ने पर्चा दाखिल किया। इसके साथ ही चुनावी मुकाबले की संभावनाएं समाप्त हो गईं और सभी उम्मीदवारों की जीत लगभग सुनिश्चित हो गई। Bihar MLC Election 2026
एनडीए की ओर से जनता दल (यूनाइटेड) ने निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद को उम्मीदवार बनाया है। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने संजय प्रकाश मयूख, पवन सिंह, अनिल ठाकुर और शीला पंडित को मैदान में उतारा है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से अशरफ अंसारी को मौका दिया गया है। दूसरी ओर महागठबंधन की ओर से राजद ने सुनील सिंह को उम्मीदवार बनाया है। सुनील सिंह का नाम एक बार फिर चर्चा में है, क्योंकि उन्हें लगातार दूसरी बार विधान परिषद भेजने का निर्णय लिया गया है। Bihar MLC Election 2026
राजद उम्मीदवार सुनील सिंह को टिकट दिए जाने के फैसले पर पार्टी के भीतर भी सवाल उठे हैं। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी और सांसद रोहिणी आचार्या ने सार्वजनिक तौर पर इस निर्णय पर असहमति जताई है। राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं। Bihar MLC Election 2026
इस चुनाव में जिन 10 सीटों पर निर्वाचन प्रक्रिया चल रही है, उनमें से सात सीटें वर्तमान विधान पार्षदों का कार्यकाल समाप्त होने के कारण रिक्त हो रही हैं। वहीं दो सीटें सम्राट चौधरी और भगवान सिंह कुशवाहा के विधानसभा सदस्य बनने के बाद खाली हुई थीं। इसके अलावा एक सीट मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विधान परिषद से इस्तीफा देने के बाद रिक्त हुई थी। इस सीट पर जदयू ने ललन प्रसाद को उम्मीदवार बनाया है। विशेष बात यह है कि अन्य सीटों पर चुने जाने वाले सदस्यों का कार्यकाल छह वर्ष का होगा, जबकि ललन प्रसाद का कार्यकाल शेष अवधि के अनुसार लगभग चार वर्ष का रहेगा। Bihar MLC Election 2026
इस चुनाव की सबसे चर्चित घटनाओं में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) नेता और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को टिकट न मिलना भी शामिल है। एनडीए ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया और नामांकन के अंतिम दिन उन्होंने भी पर्चा दाखिल नहीं किया। Bihar MLC Election 2026
नामांकन के दौरान एनडीए के लगभग सभी प्रमुख नेता मौजूद रहे, लेकिन उपेंद्र कुशवाहा और दीपक प्रकाश की गैरमौजूदगी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी रही। इससे पहले पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में उपेंद्र कुशवाहा ने जदयू और अपनी पार्टी की विचारधारा में समानता का जिक्र किया था, जबकि भाजपा की विचारधारा को अलग बताया था। Bihar MLC Election 2026
उनके हालिया बयान और नामांकन प्रक्रिया से दूरी को राजनीतिक पर्यवेक्षक भविष्य की रणनीति और संभावित असंतोष के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 18 जून को मतदान प्रस्तावित था, लेकिन अब सीटों के बराबर उम्मीदवार होने के कारण मतदान की जरूरत नहीं पड़ेगी। नामांकन पत्रों की जांच और अन्य प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद सभी उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचित होने की औपचारिक घोषणा की जाएगी।
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