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बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा का राजनीतिक सफर इन दिनों लगातार चर्चा में बना हुआ है। एक के बाद एक विभागीय बदलाव और जिम्मेदारियों में हुए फेरबदल के बीच अब एक नया विवाद सामने आया है, जिसने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है।

Bihar News : बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा का राजनीतिक सफर इन दिनों लगातार चर्चा में बना हुआ है। एक के बाद एक विभागीय बदलाव और जिम्मेदारियों में हुए फेरबदल के बीच अब एक नया विवाद सामने आया है, जिसने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है। मामला कृषि विभाग के एक आधिकारिक विज्ञापन से जुड़ा है, जिसमें उनकी तस्वीर अनुपस्थित दिखाई दी। दिलचस्प बात यह है कि इसी विज्ञापन में राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल की तस्वीर भी नजर नहीं आई। Bihar News
मंगलवार, 12 मई को पटना संस्करण के एक प्रमुख अखबार के पेज नंबर चार पर कृषि एवं राजस्व विभाग की ओर से जारी एक पूरा पेज विज्ञापन प्रकाशित हुआ। इस विज्ञापन में फार्मर रजिस्ट्री के जरिए किसानों की डिजिटल पहचान को लेकर जानकारी दी गई थी। पेज के शीर्ष भाग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दाईं ओर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की तस्वीरें प्रमुखता से दिखाई दीं। लेकिन इसी विज्ञापन ने सियासी चर्चा को जन्म दे दिया, क्योंकि कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा की तस्वीर इसमें नजर नहीं आई। Bihar News
यह ताजा विवाद बिहार की राजनीति में पहले भी हो चुके एक चर्चित घटनाक्रम की याद दिला रहा है। वर्ष 2009-10 में कृषि विभाग से जुड़ा एक ऐसा ही पोस्टर सामने आया था, जिसने उस समय भी सियासी हलकों में हलचल मचा दी थी। उस पोस्टर में तत्कालीन जदयू नेता और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह की भूमिका थी, जबकि तत्कालीन उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की तस्वीर को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। उस समय एक प्रमुख पटना अखबार में इस मामले को लेकर रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी, जिसके बाद राजनीतिक माहौल तेजी से बदल गया। खबर सामने आने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सख्त रुख अपनाया और आनन-फानन में पूरे प्रदेश में पोस्टर और बैनर बदलने के निर्देश जारी कर दिए। कुछ ही घंटों में स्थिति बदल गई और नए पोस्टरों में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह की संयुक्त तस्वीरें दिखाई देने लगीं। Bihar News
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