
Bihar : बिहार की राजनीति में हाल ही में एक नया मोड़ आया है। राजद (राष्ट्रीय जनता दल) के विधायक रीतलाल यादव ने दानापुर कोर्ट में सरेंडर कर दिया है, जिसके बाद इस मामले ने प्रदेशभर में हलचल मचा दी है। रीतलाल यादव पर रंगदारी मांगने का आरोप था, जिसके कारण उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस घटनाक्रम के बीच विधायक ने कुछ गंभीर आरोप भी लगाए हैं। आइए जानते हैं इस घटना के बारे में विस्तार से।
रीतलाल यादव पर आरोप है कि उन्होंने एक बिल्डर से रंगदारी मांगी थी। इसके बाद, बिल्डर ने दानापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। यह मामला तब और गंभीर हो गया, जब पुलिस ने 11 अप्रैल को रीतलाल यादव के ठिकानों पर छापेमारी की। हालांकि, रीतलाल मौके से फरार थे और पुलिस उन्हें पकड़ने में असफल रही।
जब रीतलाल यादव ने दानापुर कोर्ट में सरेंडर किया, तो उनके साथ तीन अन्य आरोपियों ने भी आत्मसमर्पण किया। कोर्ट ने रीतलाल यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सरेंडर के समय कोर्ट में रीतलाल के समर्थकों की भी भारी भीड़ देखी गई, जो उनके पक्ष में नारेबाजी कर रहे थे।
सरेंडर के बाद, रीतलाल यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "मेरी हत्या की साजिश रची जा रही है। मेरे विरोधियों ने मेरी हत्या के लिए एके-47 उपलब्ध कराई है। मुझे साजिश के तहत फंसाया गया है और यह सब चुनाव के दौरान मुझे नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया है।" उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी भी सूरत में डरने वाले नहीं हैं और चुनाव हर हाल में लड़ेंगे।
11 अप्रैल को पुलिस ने रीतलाल यादव के 11 ठिकानों पर छापेमारी की थी, लेकिन रीतलाल को कहीं नहीं पाया गया। इसके बाद उनकी पत्नी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने एनकाउंटर करने की नीयत से छापेमारी की थी। रीतलाल ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि असल मकसद उन्हें एके-47 जैसे हथियारों से फंसाना था। Bihar :