Bijnor : नौकरी दिलाने के नाम पर किशोरों को बेचने के आरोपी 07 ठेकेदार गिरफ्तार
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 12:35 PM
Bijnor : बिजनौर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी कराने का चलन तेजी से बढ़ता जा रहा है। ऐसा ही एक मामला बिजनौर जिले में उजागर हुआ है। यहां नौकरी दिलाने का झांसा देकर झारखंड से लाकर पश्चिमी यूपी में बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी कराने वाले सात ठेकेदारों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से झारखंड से लाए गए 12 किशोरों सहित कुल 24 लोगों को मुक्त कराया गया है।
उल्लेखनीय है कि चार साल पहले जिले में एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) खोली गई थी, जिसे दो साल पहले थाने का दर्जा दिया गया। थाना बनने के बाद जिले में मानव तस्करी, बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी की धाराओं में यह पहला केस दर्ज हुआ है। थाना एएचटीयू और बाल संरक्षण अधिकारी की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की और नौकरी दिलाने वाले सात ठेकेदारों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से लोगों को लाने में इस्तेमाल की गई सेंट्रो कार, महिंद्रा पिक-अप, और 49 हजार रुपये की नकदी बरामद की गई है। आरोपियों में तीन, झारखंड के चतरा जिले के निवासी दयाराम साहू उर्फ जयकुमार, हरेंद्र कुमार और इसी जिले के गांव लोटवा थाना कुंडा निवासी अजय कुमार यादव शामिल हैं। इनके साथ बिजनौर के नूरपुर थाना क्षेत्र के गांव पुबैना निवासी सतेंद्र कुमार त्यागी, अतुल त्यागी व शोभित त्यागी, मोहल्ला सईद नगर नूरपुर निवासी कपिल त्यागी को भी गिरफ्तार किया गया है।
एएसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह ने बताया कि 12 किशोर और 12 व्यस्क को नौकरी का झांसा देकर बिजनौर लाया जा रहा था। इनकी खरीद फरोख्त कर बाल श्रम कराया जाता है। उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ मंे बताया कि वे सभी आपस में पहले से ही परिचित हैं। झारखंड के रहने वाले तीनों आरोपी बिजनौर आते जाते रहते थे और झारखंड के गरीब परिवारों के बच्चों को पैसों का लालच व नौकरी दिलाने का झांसा देकर बिजनौर लेकर आते थे। गिरोह के सदस्य इन्हें ईंट-भट्टा मालिकों, किसानों और साहूकारों को सौंप देते थे।