Bisahra : कहीं बिसाहड़ा जैसे हालात ना बना दे पुलिसिया लापरवाही
भारत
चेतना मंच
06 Aug 2022 07:07 PM
राजकुमार चौधरी
Greater Noida/ Dadri : ग्रेटर नोएडा/दादरी। दादरी क्षेत्र आए दिन किसी ना किसी कारण से चर्चाओं में रहता है। चर्चा का ताजा प्रकरण अगल-बगल के दो गांवों के लोगों में हुए आपसी विवाद का है। ये दोनों गांव उसी बिसाहड़ा गांव के निकटवर्ती गांव हैं। जिस गांव ने कुछ वर्षों पूर्व दुनिया भर में सुर्खियां बटोरी थीं। दरअसल, उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh )के सबसे महत्वपूर्ण जनपदों में शामिल गौतमबुद्घनगर के जारचा थाना क्षेत्र के बिसाहड़ा गांव से सटे हुए चोना व नगला तातारपुर गांव के विवाद का मामला इस समय सुर्खियों में है। इस पूरे प्रकरण में पुलिस की घोर लापरवाही सामने आ रही है। इसे लेकर लोगों में असंतोष है।
यहां यह तथ्य विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि तकरीबन 8 बरस पहले समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party)की सरकार के कार्यकाल में बिसाहड़ा गांव में गौ-मांस को लेकर मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में ठाकुर समुदाय के एक दर्जन से अधिक लोगों को जेल जाना पड़ा था। यह मामला अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है। इस गांव के पास स्थित चोना नगला गांव में गुर्जर समुदाय के लोग रहते हैं। यहां नागर और खारी गोत्र बहुतायत में हैं। कई और गोत्र भी यहां निवास कर रहे हैं। वहीं तातारपुर गांव ठाकुर बहुल है। इस गांव को साठा चौरासी के दबंग गांव में माना जाता है। 3 दिन पहले दूध की बाइक की टक्कर के बाद जिस तरीके के हालात वहां पैदा हुए, उसके बाद सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवालिया निशान लगे हैं। गांव के पूर्व प्रधान सतपाल सत्ते की (17 साल) की बेटी नेहा ने आत्महत्या कर ली। इसके बाद ये मामला और गर्म हो गया। इस मसले में पुलिस की घोर लापरवाही सामने आई है।
क्षेत्रवासियों का कहना है यदि पुलिस शुरुआती दौर में दोनों पक्षों पर सख्ती करती और दोनों जातियों के लोगों को पाबंद कर देती तो शायद हालात ये नहीं होते। अब दोनों गांव में तनाव का माहौल है। हर समय अनहोनी की आशंका बनी हुर्ई है। यदि हालात पर कड़ी निगरानी नहीं रखी गई तो किसी भी समय कुछ भी हो सकता है।
सोशल मीडिया पर बवाली सक्रिय
चोना नगला और तातारपुर के मामले को लेकर कुछ लोग सोशल मीडिया पर अति एक्टिव हो रहे हैं। एक विशेष जाति को गाली देते हुए वीडियो वायरल किए जा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि पुलिस की एक विशेष टीम इन पर निगरानी कर रही है। इस मामले में सचिन राजपूत नाम के युवक को हिरासत में लिये जाने की चर्चा है। पुलिस अधिकारियों ने अभी तक उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। वाट्सअप और फेसबुक यूनिवर्सिटी इस बबाल में अहम भूमिका निभाती दिख रही है।
शासन तक है मामले की भनक
बादलपुर गांव के निवासी और हिंदू युवा वाहिनी से जुड़े महेंद्र प्रधान ने चेतना मंच को बताया कि इस मामले की जानकारी सीएम के सिस्टम को दी गई है। उन्होंने अपने माध्यम से इसका पूरा सच मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का प्रयास किया है।
कमिश्नर से मिलेंगे कांग्रेसी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और किसान प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अजय चौधरी ने चेतना मंच को बताया कि वे इस मामले में कमिश्नर आलोक सिंह से मिलेंगे और क्षेत्र में शांति कायम रहे इसका निवेदन करेंगे। उन्होंने कहा कि इसके बाद आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
क्या कहती है पुलिस
इस पूरे प्रकरण में चेतना मंच ने क्षेत्र के डीसीपी नितिन कुमार से बात की। उन्होंने कहा है कि किसी को भी शांति भंग करने की अनुमति नहीं है। जो भी दबंगई दिखाने का प्रयास करेगा, चाहे वह किसी भी जाति से हो, पुलिस अपना काम करेगी। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि पुलिस इस मामले को लेकर गंभीर है।