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भारत की राजनीति को समझने वाला हर नागरिक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की B टीम का नाम जानता है। भाजपा की B टीम का नाम यदि आपको नहीं पता है तो हम आपको बता देते हैं। भाजपा की बी (B) टीम का नाम चर्चित मुस्लिम नेता असदुद्दीन ओवैसी तथा ओवैसी की पार्टी AIMIM है।

West Bengal News : भारत की राजनीति को समझने वाला हर नागरिक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की B टीम का नाम जानता है। भाजपा की B टीम का नाम यदि आपको नहीं पता है तो हम आपको बता देते हैं। भाजपा की बी (B) टीम का नाम चर्चित मुस्लिम नेता असदुद्दीन ओवैसी तथा ओवैसी की पार्टी AIMIM है। भाजपा की B टीम के नाम से कुख्यात AIMIM के नेता ओवैसी पश्चिम बंगाल में पहुंच गए हैं। मजेदार बात यह है कि पश्चिम बंगाल में ओवेसी को एक जोड़ीदार भी मिल गया है। ओवैसी ने अपने जोड़ीदार के साथ मिलकर भाजपा की B टीम को और बड़ा कर लिया है।
पश्चिम बंगाल में AIMIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने बाबरी मजिस्द वाले हुमायूँ कबीर के साथ गठबंधन कर लिया है। इस गठबंधन के द्वारा ओवैसी तथा हुमायंू कबीर ने पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को घेरने की योजना बनाई है। ओवैसी तथा भाजपा की योजना यह है कि पश्चिम बंगाल के चुनाव में अधिक से अधिक मुस्लिम मतदाताओं के वोट ममता बनर्जी की TMC के पाले में जाने से रोकना है। यह अलग बात है कि ओवैसी तथा भाजपा की यह रणनीति मुस्लिम मतदाता भी समझते हैं। इस कारण यह रणनीति कितनी सफल हो पाएगी यह कहना बहुत ही मुश्किल है।
आपको बता दें कि कुछ महीने पहले पश्चिम बंगाल का विधायक हुमायूं कबीर अचानक चर्चा का विषय बन गया था। हुमायूं कबीर ममता बनर्जी की पार्टी TMC का विधायक था। उसने अचानक पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाने का ऐलान करके तहलका मचा दिया था। उस समय किसी को भी समझ में नहीं आ रहा था कि हुमायूं कबीर के सिर पर यह क्या पागलपन सवार हो गया है। अब हुमायूं कबीर ने ओवैसी की पार्टी एआईएमईएम... के साथ गठबंधन की घोषणा कर दी है। इस घोषणा से यह स्पष्ट हो गया है कि हुमायूं कबीर को भाजपा ने अपना मोहरा बना लिया है।तृणमूल कांग्रेस से सस्पेंड किए जाने के बाद हुमायूं कबीर ने दिसंबर, 2025 में अपनी अलग राजनीतिक पार्टी बनाई थी. आम जनता उन्नयन पार्टी. और, अपनी पार्टी बनाने से पहले ही हुमायूं कबीर ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के साथ मिलकर चुनाव लड़ने और ममता बनर्जी के सामने कड़ी चुनौती पेश करने का ऐलान कर दिया था। तब AIMIM प्रवक्ता सैयद असीम वकार के बयान को लेकर काफी कंफ्यूजन हुआ था, लेकिन बाद में AIMIM के पश्चिम बंगाल अध्यक्ष इमरान सोलंकी ने प्रवक्ता के बयान से किनारा कर लिया था. हुमायूं कबीर पर गंभीर आरोप लगाते हुए सैयद असीम वकार ने ऐसी किसी भी संभावना से साफ इनकार कर दिया था. सैयद असीम वकार ने हुमायूं कबीर को बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी का करीबी बताया, और हुमायूं कबीर को शुभेंदु अधिकारी के पॉलिटिकल सिस्टम का हिस्सा बताया था. सैयद असीम वकार का कहना था, कबीर के साथ जाने का सवाल ही नहीं उठता... उनके प्रस्ताव हमारी विचारधारा से बिल्कुल मेल नहीं खाते।
पश्चिम बंगाल में हुमायूं कबीर की प्रस्तावित बाबरी मस्जिद मैदान पर पहली बार ईद की नमाज अदा की गई. इस मौके पर बीरभूम, नदिया और पूर्वी मेदिनीपुर जैसे जिलों के अलावा झारखंड से भी काफी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग मुर्शिदाबाद पहुंचे थे। ईद की नमाज का आयोजन करने के बावजूद 'आम जनता उन्नयन पार्टी' के संस्थापक हुमायूं कबीर व्यस्त होने के कारण व्यक्तिगत रूप से मौजूदगी नहीं दर्ज करा सके. हुमायूं कबीर ने फोन पर वहां जुटी भीड़ के बीच अपनी बात रखी - और उसी दौरान ऐलान किया कि आम जनता उन्नयन पार्टी विधानसभा की 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. हुमायूं कबीर ने यह भी बताया कि आम जनता उन्नयन पार्टी और AIMIM के बीच गठबंधन हुआ है, और AIMIM आठ सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उधर, हैदराबाद में ईद के मौके पर ही एक कार्यक्रम में असदुद्दीन ओवैसी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को टार्गेट करते हुए हुमायूं कबीर के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, हमारी कोशिश है कि AIMIM को मजबूत किया जाए, हमारी आवाज को मजबूत किया जाए. पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार है, वहां 30 फीसदी मुसलमानों की आबादी है... वहां लगभग पांच लाख पिछड़े वर्ग के प्रमाण पत्रों को रद्द कर दिया गया, जिनमें मुसलमान भी शामिल हैं... ये लोग धर्मनिरपेक्षता के नाम पर वोट हासिल करते हैं लेकिन जहां AIMIM हिस्सेदारी की बात करती है तो इन्हें तकलीफ होती है। West Bengal News
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