
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सियासी जंग और तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत मां पर की गई विवादित टिप्पणी को हथियार बनाकर बीजेपी ने महागठबंधन को घेरने की पूरी रणनीति बना डाली है। इसी कड़ी में एनडीए ने बुधवार को पांच घंटे का बिहार बंद बुलाया, जिसका असर सुबह से ही सड़कों पर दिखने लगा। बीजेपी इस बंद को सिर्फ विरोध तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे आने वाले विधानसभा चुनाव में मतदाताओं की भावनाओं से जोड़कर महागठबंधन पर बड़ा प्रहार करने की तैयारी में है। Bihar Bandh
राजधानी पटना के कई इलाकों में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर प्रदर्शन किया और सड़कों पर नारेबाजी की। पच्छिम दरवाजा मोड़ समेत कई प्रमुख जगहों पर वाहनों की आवाजाही बाधित हुई। कार्यकर्ताओं के हाथों में तख्तियां थीं और वे विपक्षी दलों से माफी की मांग कर रहे थे।
बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल खुद सड़क पर उतरकर प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने कहा— “प्रधानमंत्री मोदी की मां का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं था। उनके खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया, जो न केवल शर्मनाक बल्कि असहनीय है। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। दानापुर समेत कई इलाकों में बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ महिलाओं ने भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। सड़क पर बैठकर जमकर नारे लगाए गए और टायरों में आग लगाकर विरोध दर्ज कराया गया।
बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने इस पूरे घटनाक्रम को “बेहद शर्मनाक” बताया। उन्होंने कहा— “अगर हमारी पार्टी का कोई भी नेता ऐसी भाषा का इस्तेमाल करता, तो हम तुरंत कार्रवाई करते। विपक्ष ने अब तक माफी नहीं मांगी है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं बीजेपी नेता संजय मयूख ने कहा कि एनडीए का यह बंद जनता का गुस्सा दर्शाता है और “बिहार की माताएं-बहनें भी इस अपमान के खिलाफ खड़ी हैं। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को जनता करारा जवाब देगी। सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक पांच घंटे के इस बंद के दौरान स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर, सरकारी दफ्तर और प्राइवेट संस्थान बंद रहे। इंटरसिटी बस सेवाएं भी प्रभावित रहीं। हालांकि, अस्पताल, एम्बुलेंस, मेडिकल स्टोर और रेलवे सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया। Bihar Bandh