एलपीजी पर बड़ी राहत : केंद्र ने राज्यों का 50% तक बढ़ाया आवंटन, मजदूरों को 5 किलो सिलेंडर
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए गैस आवंटन बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ छोटे कारोबारियों और मजदूरों को राहत मिलने की उम्मीद है।

LPG Problem : देश में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर जारी दबाव के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए गैस आवंटन बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ छोटे कारोबारियों और मजदूरों को राहत मिलने की उम्मीद है।
23 मार्च से लागू होगा नया आदेश
मंत्रालय की ओर से जारी निर्देश के अनुसार:
* 23 मार्च 2026 से अतिरिक्त 20% गैस सप्लाई शुरू की जाएगी
* इससे कुल आवंटन संकट से पहले के स्तर के लगभग 50% तक पहुंच जाएगा
* यह व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी
इस फैसले का मकसद बाजार में गैस की कमी को कम करना और सप्लाई चेन को संतुलित करना है।
प्रवासी मजदूरों के लिए खास राहत
सरकार ने इस बार खास तौर पर प्रवासी मजदूरों को ध्यान में रखते हुए योजना बनाई है।
* 5 किलो के छोटे एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे
* ये सिलेंडर सस्ते और आसानी से ले जाने योग्य होंगे
* अस्थायी और कामकाजी लोगों को खाना बनाने में सहूलियत मिलेगी
इन सेक्टरों को मिलेगी प्राथमिकता
अतिरिक्त गैस सप्लाई को कुछ खास क्षेत्रों के लिए प्राथमिकता दी जाएगी:
* होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट
* औद्योगिक कैंटीन
* फूड प्रोसेसिंग और डेयरी यूनिट
* सरकारी और स्थानीय निकायों द्वारा चलाए जा रहे सस्ते भोजन केंद्र
* कम्युनिटी किचन
इससे इन सेवाओं में रुकावट कम होगी और आम लोगों को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
ब्लैक मार्केटिंग पर सख्ती
सरकार ने गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं:
* छापेमारी अभियान तेज किया जाएगा
* सप्लाई का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए निगरानी बढ़ेगी
* सभी व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है
आयात में बदलाव भी बना वजह
एलपीजी सप्लाई पर असर डालने वाले अंतरराष्ट्रीय कारक भी सामने आए हैं जिनमें हाल के दिनों में आयात में गिरावट दर्ज की गई। मध्य पूर्व से आने वाली सप्लाई कम हुई तथा वैकल्पिक स्रोतों, खासकर अमेरिका से आयात बढ़ाया जा रहा है। सरकार इन बदलावों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। केंद्र सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब गैस की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ रही थी। बढ़े हुए आवंटन, प्राथमिकता वाले सेक्टर और छोटे सिलेंडर जैसी पहल से आने वाले दिनों में हालात बेहतर होने की उम्मीद है। यह फैसला न सिर्फ आम जनता बल्कि छोटे व्यवसाय और प्रवासी मजदूरों के लिए भी राहत लेकर आ सकता है।
LPG Problem : देश में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर जारी दबाव के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए गैस आवंटन बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ छोटे कारोबारियों और मजदूरों को राहत मिलने की उम्मीद है।
23 मार्च से लागू होगा नया आदेश
मंत्रालय की ओर से जारी निर्देश के अनुसार:
* 23 मार्च 2026 से अतिरिक्त 20% गैस सप्लाई शुरू की जाएगी
* इससे कुल आवंटन संकट से पहले के स्तर के लगभग 50% तक पहुंच जाएगा
* यह व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी
इस फैसले का मकसद बाजार में गैस की कमी को कम करना और सप्लाई चेन को संतुलित करना है।
प्रवासी मजदूरों के लिए खास राहत
सरकार ने इस बार खास तौर पर प्रवासी मजदूरों को ध्यान में रखते हुए योजना बनाई है।
* 5 किलो के छोटे एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे
* ये सिलेंडर सस्ते और आसानी से ले जाने योग्य होंगे
* अस्थायी और कामकाजी लोगों को खाना बनाने में सहूलियत मिलेगी
इन सेक्टरों को मिलेगी प्राथमिकता
अतिरिक्त गैस सप्लाई को कुछ खास क्षेत्रों के लिए प्राथमिकता दी जाएगी:
* होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट
* औद्योगिक कैंटीन
* फूड प्रोसेसिंग और डेयरी यूनिट
* सरकारी और स्थानीय निकायों द्वारा चलाए जा रहे सस्ते भोजन केंद्र
* कम्युनिटी किचन
इससे इन सेवाओं में रुकावट कम होगी और आम लोगों को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
ब्लैक मार्केटिंग पर सख्ती
सरकार ने गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं:
* छापेमारी अभियान तेज किया जाएगा
* सप्लाई का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए निगरानी बढ़ेगी
* सभी व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है
आयात में बदलाव भी बना वजह
एलपीजी सप्लाई पर असर डालने वाले अंतरराष्ट्रीय कारक भी सामने आए हैं जिनमें हाल के दिनों में आयात में गिरावट दर्ज की गई। मध्य पूर्व से आने वाली सप्लाई कम हुई तथा वैकल्पिक स्रोतों, खासकर अमेरिका से आयात बढ़ाया जा रहा है। सरकार इन बदलावों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। केंद्र सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब गैस की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ रही थी। बढ़े हुए आवंटन, प्राथमिकता वाले सेक्टर और छोटे सिलेंडर जैसी पहल से आने वाले दिनों में हालात बेहतर होने की उम्मीद है। यह फैसला न सिर्फ आम जनता बल्कि छोटे व्यवसाय और प्रवासी मजदूरों के लिए भी राहत लेकर आ सकता है।












