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इसी क्रम में पार्टी ने शनिवार को केरल और पुडुचेरी के लिए उम्मीदवारों की नई सूची जारी कर दी। पुडुचेरी के लिए भाजपा ने पहली सूची में 9 प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं, जबकि केरल के लिए पार्टी ने तीरी सूची जारी की है।

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Bharatiya Janata Party : भारतीय जनता पार्टी ने 2026 के विधानसभा चुनावों को लेकर अपनी राजनीतिक तैयारियों को और तेज कर दिया है। इसी क्रम में पार्टी ने शनिवार को केरल और पुडुचेरी के लिए उम्मीदवारों की नई सूची जारी कर दी। पुडुचेरी के लिए भाजपा ने पहली सूची में 9 प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं, जबकि केरल के लिए पार्टी ने तीरी सूची जारी की है। पुडुचेरी में कुल 30 विधानसभा सीटें हैं और यहां सरकार बनाने के लिए 16 सीटों के बहुमत की जरूरत होगी। वहीं, केरल विधानसभा की कुल 140 सीटों में सत्ता हासिल करने के लिए 71 सीटों का आंकड़ा जरूरी है।
भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने 21 मार्च को केरल विधानसभा चुनाव के लिए तीसरी सूची जारी की। इस सूची में 11 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों का एलान किया गया है। पार्टी ने राज्य के अलग-अलग इलाकों में अपने प्रत्याशी उतारकर चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।
केरल की राजनीति में लंबे समय से मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) और कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के बीच होता रहा है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व में LDF लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहा है। दूसरी ओर, UDF भी राज्य में सत्ता दोबारा हासिल करने की उम्मीद के साथ मैदान में है। ऐसे में भाजपा नीत NDA इस चुनाव में अपनी मौजूदगी को मजबूत करने के इरादे से उतर रही है।
पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपनी पहली सूची जारी करते हुए 9 उम्मीदवारों के नामों पर मुहर लगा दी है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने इन नामों को अंतिम रूप दिया। भाजपा ने साफ संकेत दिया है कि वह पुडुचेरी में गठबंधन की स्थिति मजबूत रखते हुए अपना प्रभाव बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। पुडुचेरी की सभी 30 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। यहां किसी भी दल या गठबंधन को सरकार बनाने के लिए 16 सीटों की जरूरत होगी।
पुडुचेरी में इस समय AINRC और भाजपा के नेतृत्व वाला NDA गठबंधन सत्ता में है। ऐसे में भाजपा की कोशिश सिर्फ गठबंधन सरकार को बरकरार रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह अपने संगठनात्मक आधार और राजनीतिक प्रभाव को भी और मजबूत करना चाहती है। उम्मीदवारों की यह सूची उसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। Bharatiya Janata Party
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