
गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपने मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल कर दिया है। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपने पूरे मंत्रिमंडल को बदलने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। 2022 के दिसंबर में सरकार बनने के तीन साल के भीतर, पटेल ने अपनी पूरी टीम से इस्तीफा लेकर नई कैबिनेट बनाने का निर्णय किया। इस नई टीम में मुख्यमंत्री समेत कुल 27 मंत्री शामिल होंगे, जो राज्य में अधिकतम संख्या है, यानी अब कोई पद खाली नहीं रहेगा। नई कैबिनेट में कुछ पुराने चेहरे तो हैं ही, लेकिन राजनीति और समाज के नए समीकरणों को ध्यान में रखते हुए कई फ्रेश चेहरों को मौका भी दिया गया है। Gujarat Cabinet Reshuffle
इसमें क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की पत्नी, रवाबा जडेजा की एंट्री भी चर्चा का विषय बनी है। कुल मिलाकर 26 नए मंत्रियों को शपथ लेने के लिए तैयार किया गया है, जिनमें तीन अनुसूचित जाति, चार अनुसूचित जनजाति, नौ ओबीसी और सात पाटीदार नेताओं को प्रतिनिधित्व मिला है। सिर्फ इतना ही नहीं, इस नई कैबिनेट में तीन महिलाएं भी शामिल की गई हैं, साथ ही कांग्रेस से भाजपा में आए एक नेता को भी मंत्री बनाया गया है। शपथ ग्रहण से पहले ही नई टीम की पूरी सूची सार्वजनिक हो गई है, और अब राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा छिड़ गई है कि आखिर भूपेंद्र पटेल ने यह कदम क्यों उठाया, जबकि विधानसभा चुनाव अभी दो साल से अधिक दूर हैं।
गुजरात में भाजपा ने अपनी पूरी सरकार बदलकर राजनीतिक गलियारों में तहलका मचा दिया है। सवाल उठता है कि ऐसा क्यों किया गया? जानकार मान रहे हैं कि इसके पीछे आगामी नगर निगम चुनावों की रणनीति काम कर रही है। इन चुनावों को ‘मिनी विधानसभा चुनाव’ के तौर पर देखा जा रहा है और भाजपा के लिए शहरों में अपना दबदबा बनाए रखना अब बड़ी चुनौती बन गई है। जूनागढ़ और गांधीनगर के साथ अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट जैसे प्रमुख नगर निगमों में चुनाव होने हैं।
गौरतलब है कि गुजरात में भाजपा की पकड़ ग्रामीण इलाकों के मुकाबले शहरी इलाकों में मजबूत रही है, इसलिए पार्टी इन चुनावों में कोई भी जोखिम लेने को तैयार नहीं। इस बड़े राजनीतिक बदलाव को अंतिम रूप देने के लिए रविवार को नई दिल्ली में राज्य के नेताओं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बैठक हुई। इसी बैठक के बाद भाजपा ने सीआर पाटिल की जगह जगदीश विश्वकर्मा को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया, जो भूपेंद्र पटेल सरकार में सहकारिता मंत्री भी रह चुके हैं। इस फैसले से साफ संकेत मिलता है कि भाजपा आगामी चुनावों में नई रणनीति और मजबूत टीम के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। Gujarat Cabinet Reshuffle