भाजपा (BJP) नेता सुरेंद्र सिंह नागर ने शपथ ग्रहण की
भारत
चेतना मंच
08 Jul 2022 11:08 PM
New Delhi: नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) के वरिष्ठ नेता सुरेन्द्र सिंह नागर (Senior Leader Surendra Singh Nagar) ने राज्यसभा में सांसदी की हैट्रिक लगा दी। उन्होंने तीसरी बार राज्यसभा की सदस्यता की शपथ ग्रहण की। सुरेन्द्र सिंह नागर बीते लगभग ढाई दशक से लगातार विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य रहे हैं।
भाजपा नेता सुरेंद्र सिंह नागर बेहद साधारण किसान परिवार से उठकर इस मुकाम तक पहुंचे हैं। 10 मई 1965 को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के गुलावठी कस्बे में वेद राम नगर और धरमवती नागर के किसान परिवार में जन्म हुआ। उन्होंने हापुड़ के एसएसवी कॉलेज से बीकॉम की डिग्री हासिल की है। 2 मई 1987 को राखी नागर से शादी की। उनके दो बेटे और एक बेटी हैं। आज सुरेंद्र नागर और उनके परिवार ने मिल्क प्रोडक्शन, फूड प्रोसेसिंग और हेल्थ सेक्टर में शानदार कारोबारी स्थापित किया है। अब सुरेंद्र सिंह नागर और उनके परिवार की गिनती उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के अग्रणी बिजनेसमैन के तौर पर होती है। सुरेंद्र सिंह उन चुनिंदा पॉलिटिशियन में शामिल हैं, जिन्हें 3-3 सदनों विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा में काम करने का अनुभव हासिल है।
सुरेंद्र सिंह नागर ने अपने पिता वेदराम सिंह नागर के जीवन संघर्ष पर एक किताब लिखी है। जिसमें उन्होंने बताया है कि किस तरह एक छोटे से किसान परिवार से आगे बढ़कर उनके पिता ने सामाजिक, राजनीतिक और व्यवसायिक जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। यह किताब बताती है कि व्यक्ति अपने पौरुष के आधार पर प्रतिकूल परिस्थितियों में भी सफलताएं हासिल कर सकता है। सुरेंद्र नागर अपने पिता को अपना जीवन आदर्श मानते हैं। नागर को सौम्य स्वभाव, ठहराव और टाइमिंग शॉट के लिए जाना जाता है। एक बार फिर राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। फिलहाल राज्यसभा के उपसभापति हैं। उन्होंने पिछले 6 वर्षों में राज्यसभा के लिए तीसरा चुनाव जीता है। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे अनुभवी नेताओं में शुमार सुरेंद्र सिंह नागर की उम्र 57 साल है। विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा में 24 वर्षों का अनुभव हासिल कर चुके हैं। सुरेंद्र सिंह का भारतीय जनता पार्टी में कद तेजी के साथ बढ़ रहा है। अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ना केवल उन्हें समाजवादी पार्टी से लेकर आया बल्कि भाजपा में प्रदेश उपाध्यक्ष जैसी जिम्मेदारी सौंपी और राज्यसभा में उपसभापति भी बनाया है। सुरेंद्र सिंह नागर की छवि 'मिस्टर क्लीन' वाली है। जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान के गुर्जर समुदाय में नागर की अच्छी पकड़ है।
पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान सुरेंद्र नागर ने गुर्जर मतदाताओं को अपनी पार्टी के पक्ष में मोडऩे के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह लगातार जम्मू-कश्मीर में गुर्जर समुदाय के बीच दौरे कर रहे हैं। मेरठ के वरिष्ठ पत्रकार डॉ.कुलदीप त्यागी कहते हैं, इस वक्त भारतीय जनता पार्टी अन्य पिछड़ा वर्ग को साधकर सत्ता में बनी हुई है। ब्रॉड स्पेक्ट्रम को छोड़कर केवल वेस्टर्न यूपी पर फोकस करें तो सुरेंद्र सिंह नागर की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। इस इलाके में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, बिजनौर, मुरादाबाद, अमरोहा, हापुड़, बुलदंशहर और गौतमबुद्ध नगर में गुर्जर समुदाय की अच्छी-खासी तादाद है।