भाजपा सांसद ने की राज्यपाल कोश्यारी को पद से हटाने की मांग
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चेतना मंच
29 Nov 2025 08:10 PM
भाजपा सांसद ने की राज्यपाल कोश्यारी को पद से हटाने की मांग
सुधांशु की भी तीखी आलोचन भी की, शिवाजी पर टिप्पणी करने का आरोप
पुणे। भाजपा सांसद एवं छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज उदयनराजे भोसले ने 17वीं सदी के मराठा शासक के बारे में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने को लेकर बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और अपनी पार्टी के सहकर्मी सुधांशु त्रिवेदी की आलोचना की। भोसले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखा है और राज्यपाल के पद से कोश्यारी को हटाने की मांग की है।
कोश्यारी मराठा साम्राज्य के संस्थापक को ‘पुराने समय का आदर्श’ बताने को लेकर आलोचना का सामना कर रहे हैं, जबकि त्रिवेदी ने कथित तौर पर कहा था कि शिवाजी महाराज ने मुगल बादशाह औरंगजेब से माफी मांगी थी।
भोसले ने मंगलवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक पत्र लिख कर कोश्यारी और त्रिवेदी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार उस समय मंच पर थे, जब राज्यपाल ने शिवाजी महाराज के बारे में बोला था।राज्यसभा सदस्य ने कहा कि 20 नवंबर को औरंगाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान गडकरी और पवार को कोश्यारी की टिप्पणी पर आपत्ति जतानी चाहिए थी।
भोसले ने कहा, जब मैंने छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में राज्यपाल का बयान सुना, मैं समझ नहीं पाया कि इस तरह के बयान का क्या आधार है। उन्होंने कहा कि शिवाजी ने उस समय न्याय के लिए और दासता से लोगों को मुक्त कराने के लिए लड़ाई लड़ी थी, जब अन्य सभी शासकों ने मुगलों का अधिपत्य स्वीकार कर लिया था।उन्होंने कहा, आधुनिक भारत की अवधारणा छत्रपति शिवाजी महाराज ने रखी थी। वह भगत सिंह, नाना पाटिल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, छत्रपति साहू महाराज, महात्मा ज्योतिबा फुले और डॉ भीम राव अंबेडकर जैसे स्वतंत्रता सेनानियों के प्रेरणा स्रोत थे। उन्होंने कहा, अब ये लोग कह रहे हैं कि शिवाजी महाराज के विचार पुराने पड़ गये हैं।
भोसले ने त्रिवेदी की आलोचना करते हुए कहा कि जब देश में हर किसी ने मुगल शासन के समक्ष घुटने टेक दिये थे, केवल शिवाजी महाराज ही उसके खिलाफ खड़े हुए थे। उन्होंने कहा, जब इस तरह के बयान दिये जाते हैं, तो क्या उन्हें खुद पर शर्म नहीं आती? किस आधार पर वे इस तरह के बयान दे रहे हैं? इस तरह के बयान हमें आक्रोशित करते हैं। भोसले ने कहा यदि भारत को विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनाये रखना है तो शिवाजी की विचारधारा और विचारों को नहीं छोड़ा सकता। उन्होंने कहा, ‘‘यदि शिवाजी की विचारधारा को भूला दिया गया तो देश के टुकड़े होने में कितना वक्त लगेगा? हमने भगवान को कभी नहीं देखा है, लेकिन छत्रपति शिवाजी महाराज भगवान के अवतार थे।’’