BMC Mumbai Election Result 2026: बीएमसी चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनने की ओर

महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) सहित 29 नगर निकाय चुनावों के नतीजे शुक्रवार को सामने आ रहे हैं। शुरुआती रुझानों में भाजपा ने बड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए बीएमसी में सबसे बड़ी पार्टी बनने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं।

BMC Mumbai Election Result 2026
महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar16 Jan 2026 05:51 PM
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बता दें कि अब तक आए रुझानों के अनुसार भाजपा लगभग शतक के आंकड़े को छूने के करीब है, जबकि करीब तीन दशक बाद मुंबई में ठाकरे बंधुओं का वर्चस्व टूटता नजर आ रहा है। बीएमसी की 227 सीटों में से 225 पर आए रुझानों में भाजपा 99 सीटों पर बढ़त के साथ सबसे आगे चल रही है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) 62 सीटों पर, एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना 31 सीटों पर आगे है। कांग्रेस 13 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) को केवल 9 सीटों पर ही संतोष करना पड़ता दिख रहा है।

पवार परिवार को झटका, अजित पवार का खाता भी नहीं खुला

मुंबई में एनसीपी (अजित पवार गुट) का खाता खुलता नजर नहीं आ रहा है। वहीं शरद पवार गुट की एनसीपी को अब तक 3 सीटों पर बढ़त मिली है। चुनाव में एनसीपी नेता नवाब मलिक के भाई कप्तान मलिक को हार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा शिंदे गुट के सांसद रविंद्र वायकर की बेटी दीप्ति वायकर को जोगेशरी से पराजय झेलनी पड़ी।

कांग्रेस की संकरी जीत, 7 वोट से पलड़ा भारी

मुंबई में कांग्रेस की एक प्रत्याशी ने महज़ 7 वोटों के अंतर से जीत दर्ज कर सभी का ध्यान खींचा। वहीं वार्ड नंबर 111 से शिवसेना (UBT) के दीपक सावंत विजयी रहे। वार्ड नंबर 197 से शिवसेना (शिंदे गुट) की दीक्षा कारकर और दहिसार के वार्ड नंबर 5 से संजय घाड़ी ने जीत हासिल की।

अन्य नगर निगमों में भी भाजपा की बढ़त

बीएमसी के अलावा नवी मुंबई, पुणे, नागपुर, सोलापुर, पनवेल, अकोला, उल्हासनगर, वसई-विरार, धुले, कोल्हापुर और जलगांव समेत कई नगरपालिकाओं में भाजपा लगातार बढ़त बनाए हुए है। हालांकि चंद्रपुर और लातूर में कांग्रेस ने दमदार प्रदर्शन किया है। चंद्रपुर में कांग्रेस 16 सीटों पर आगे है जबकि भाजपा 10 सीटों पर। लातूर में कांग्रेस 36 सीटों पर बढ़त के साथ भाजपा (22 सीट) से आगे निकल गई है।

पुणे में भाजपा का क्लीन स्वीप जैसा प्रदर्शन

पुणे से आए नतीजे सबसे चौंकाने वाले हैं। यहां भाजपा ने 92 में से 80 सीटों पर बढ़त बना ली है। अजित पवार गुट की एनसीपी को केवल 6 सीटों और शरद पवार गुट को 3 सीटों पर बढ़त मिली है। कांग्रेस यहां 3 सीटों पर आगे चल रही है। नागपुर में भी भाजपा का दबदबा बरकरार है। कोल्हापुर से सबसे पहले नतीजे आए, जहां बीजेपी ने 4 सीटें अपने नाम कीं।

कड़ी सुरक्षा के बीच हो रही मतगणना

बीएमसी चुनावों के लिए 23 काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं। म्युनिसिपल कमिश्नर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी भूषण गगरानी ने बताया कि मतगणना भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ कराई जा रही है। मतगणना में 779 सुपरवाइज़र, 770 असिस्टेंट और 770 क्लास-IV कर्मचारियों की तैनाती की गई है। सभी काउंटिंग सेंटर्स पर CCTV, पुलिस सुरक्षा, फायर और मेडिकल सुविधाएं मौजूद हैं।

लोकतंत्र में भरोसा मजबूत करने पर जोर

गगरानी ने कहा कि परिणामों की घोषणा में कंप्यूटर सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि सटीकता और पारदर्शिता बनी रहे। केवल अधिकृत प्रतिनिधियों और पहचान पत्रधारकों को ही मतगणना केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी गई है।

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जाने दाऊद के जानी दुश्मन हुसैन उस्तरा पर टिकी ‘ओ रोमियो’ की कहानी

मुंबई अंडरवर्ल्ड से प्रेरित कई फिल्में बन चुकी हैं, जिनमें ब्लैक फ्राइडे, कंपनी, शूटआउट एट लोखंडवाला और वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई जैसी फिल्में शामिल हैं। ऐसे में ‘ओ रोमियो’ पर उठा विवाद एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि रियल लाइफ क्राइम और रील लाइफ कहानी के बीच की सीमा आखिर कहां तय हो।

Mumbai Underworld
‘उस्तरा’ नाम के पीछे छिपी हिंसा की कहानी (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar16 Jan 2026 02:52 PM
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मुंबई अंडरवर्ल्ड के कुख्यात नाम हुसैन उस्तरा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। वजह है शाहिद कपूर अभिनीत फिल्म ‘ओ रोमियो’, जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि उसका मुख्य किरदार हुसैन उस्तरा से प्रेरित है।हालांकि फिल्म निर्माताओं ने इसे पूरी तरह काल्पनिक बताते हुए किसी भी वास्तविक व्यक्ति से संबंध से इनकार किया है। इसी बीच हुसैन उस्तरा की बेटी सनोबर शेख द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिस ने विवाद को और गहरा कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सनोबर शेख ने नोटिस में आरोप लगाया है कि फिल्म में उनके पिता की छवि को नकारात्मक रूप में दिखाया गया है, जिससे परिवार की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंच सकती है। उन्होंने कथित तौर पर दो करोड़ रुपये के मुआवज़े की मांग की है और फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की अपील भी की है। फिल्म का निर्माण साजिद नाडियावाला ने किया है और निर्देशन विशाल भारद्वाज का बताया जा रहा है।

जाने कौन था हुसैन उस्तरा?

बता दें कि हुसैन शेख उर्फ हुसैन उस्तरा 1980 के दशक में मुंबई अंडरवर्ल्ड का एक चर्चित गैंगस्टर था। सादे पहनावे और शांत स्वभाव के बावजूद उसका नाम खौफ के साथ लिया जाता था। कम उम्र में हुए एक हिंसक हमले के बाद उसके नाम के साथ ‘उस्तरा’ जुड़ गया और धीरे-धीरे उसने अपना अलग गैंग खड़ा कर लिया। वह अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का कट्टर दुश्मन माना जाता था। हुसैन की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी प्रेमिकाएं बताई जाती हैं। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर छोटा शकील ने कथित तौर पर हनी ट्रैप रचाया और नागपाड़ा इलाके में उसकी हत्या कर दी गई। यह घटना मुंबई अंडरवर्ल्ड के इतिहास की चर्चित घटनाओं में गिनी जाती है।

जाने अशरफ उर्फ सपना दीदी की भूमिका के बारे में

बता दें कि हुसैन उस्तरा का नाम अशरफ खान उर्फ सपना दीदी के साथ भी जोड़ा जाता है। बताया जाता है कि अशरफ के पति की हत्या के बाद उसने दाऊद इब्राहिम से बदला लेने की ठानी और हुसैन के साथ मिलकर अंडरवर्ल्ड के खिलाफ अभियान शुरू किया। यह गठजोड़ दाऊद के नेटवर्क के लिए एक बड़ी चुनौती माना गया था।

फिक्शन बनाम हकीकत की बहस

बता दें कि फिल्म ‘ओ रोमियो’ को लेकर अब यही सवाल उठ रहा है कि सिनेमा सच्ची घटनाओं से प्रेरणा लेते हुए कितनी दूर तक जा सकता है। दर्शक जहां इसे वास्तविक किरदारों की कहानी मान लेते हैं, वहीं निर्माता इसे रचनात्मक स्वतंत्रता का हिस्सा बताते हैं। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, विवाद का केंद्र यही रहेगा कि फिल्म किसी वास्तविक व्यक्ति की सीधी बायोपिक है या केवल प्रेरित कथा।

फिल्म फरवरी में रिलीज होगी या मामला अदालत तक पहुंचेगा, यह आने वाला वक्त तय करेगा। फिलहाल इतना तय है कि हुसैन उस्तरा का नाम, जो कभी मुंबई अंडरवर्ल्ड में खौफ का प्रतीक था, एक बार फिर सिनेमा और कानून दोनों के केंद्र में आ गया है।

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छत्रपति संभाजीनगर में मतगणना के दौरान हंगामा, पुलिस का लाठीचार्ज

महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव परिणामों की मतगणना के बीच छत्रपति संभाजीनगर में आज शुक्रवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब काउंटिंग सेंटर पर प्रवेश को लेकर पुलिस और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई।

Counting of votes in Chhatrapati Sambhajinagar
पुलिस लाठीचार्ज से भड़का राजनीतिक विवाद (फाइल फोटो)
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userऋषि तिवारी
calendar16 Jan 2026 12:58 PM
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहर के गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज को मुख्य मतगणना केंद्र बनाया गया है। सुबह 10 बजे से मतगणना शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के प्रतिनिधि और समर्थक केंद्र पर जमा हो गए और इसी दौरान बिना आधिकारिक पहचान पत्र के कुछ कार्यकर्ता अंदर प्रवेश करने की कोशिश करने लगे, जिस पर पुलिस ने उन्हें रोका और उस पर पुलिस और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसमें शिवसेना (शिंदे गुट) के कई कार्यकर्ता घायल हो गए।

आईडी कार्ड को लेकर बढ़ा विवाद

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चुनाव आयोग द्वारा जारी आधिकारिक पहचान पत्र को लेकर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की में बदल गई। आरोप है कि कुछ कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद हालात बिगड़ गए।

शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज

स्थिति बेकाबू होने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया। इस कार्रवाई में शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ नेता और पूर्व महापौर विकास जैन को भी चोट लगने की खबर है। इसके अलावा कई अन्य कार्यकर्ताओं को भी मामूली चोटें आई हैं।

मंत्री संजय शिरसाट ने उठाए सवाल

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के मंत्री संजय शिरसाट ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मतगणना जैसे महत्वपूर्ण दिन पर कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज करना गलत है। पुलिस को अपराधियों पर कार्रवाई करनी चाहिए, न कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर। उन्होंने मामले की शिकायत विधान परिषद (MLC) में दर्ज कराने की बात कही है।

फिलहाल काउंटिंग सेंटर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति को नियंत्रण में बताया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और नियमों का पालन करने की अपील की है।

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