महायुति गठबंधन की ओर से एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के संजय घाड़ी को उपमहापौर चुना गया। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) ने मेयर पद के लिए कोई उम्मीदवार नहीं उतारा, जिससे रितु तावड़े की जीत आसान हो गई।

BMC Election Results: देश की सबसे अमीर नगर निकाय बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में सियासी बदलाव का नया अध्याय शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ कॉर्पोरेटर रितु तावड़े को मुंबई का नया मेयर निर्विरोध चुन लिया गया। पिछले चार दशकों में यह पहला मौका है जब मुंबई के इस शीर्ष शहरी पद पर भाजपा का कब्जा हुआ है। इसके साथ ही बीएमसी पर ठाकरे परिवार का 25 साल पुराना वर्चस्व भी समाप्त हो गया।महायुति गठबंधन की ओर से एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के संजय घाड़ी को उपमहापौर चुना गया। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) ने मेयर पद के लिए कोई उम्मीदवार नहीं उतारा, जिससे रितु तावड़े की जीत आसान हो गई। एशिया की सबसे संपन्न नागरिक संस्था मानी जाने वाली बीएमसी का बजट वर्ष 2025-26 के लिए 74,450 करोड़ रुपये है।
53 वर्षीय रितु तावड़े घाटकोपर पश्चिम वार्ड से लगातार तीन बार पार्षद चुनी गई हैं। उन्हें नगर प्रशासन और जनकल्याण कार्यों का एक दशक से अधिक का अनुभव है। पार्टी नेतृत्व के बीच उनकी पहचान एक सक्रिय और ‘हैंड्स-ऑन’ कार्यशैली वाली नेता के रूप में रही है। तावड़े इससे पहले बीएमसी की शिक्षा समिति की अध्यक्ष और सुधार समिति की उपाध्यक्ष जैसे अहम पदों पर भी कार्य कर चुकी हैं।
वार्ड स्तर से राजनीति की शुरुआत करने वाली तावड़े संगठनात्मक स्तर पर भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं। वह भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष और मुंबई पूर्वी उपनगरों की जिला अध्यक्ष रह चुकी हैं। साथ ही ‘महिला आर्थिक विकास महामंडल’ में निदेशक के रूप में काम कर चुकी हैं तथा खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़े कौशल विकास कार्यक्रमों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है।
227 सदस्यीय बीएमसी में भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। सहयोगी एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 29 सीटें मिली हैं। इस तरह 118 पार्षदों के समर्थन से महायुति गठबंधन ने मेयर पद पर अपनी पकड़ मजबूत की। वहीं 1997 से बीएमसी पर काबिज शिवसेना (यूबीटी) इस बार 65 सीटों तक सिमट गई। उसके सहयोगी मनसे (6 सीट) और राकांपा (शरद पवार गुट) को 1 सीट मिली।
भाजपा की इस जीत पर शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा को मुंबई में मराठी अस्मिता और मनसे के दबाव के कारण “मराठी मेयर” चुनना पड़ा। उन्होंने यह भी दावा किया कि रितु तावड़े की राजनीतिक पृष्ठभूमि मूल रूप से कांग्रेस से जुड़ी रही है। मुंबई की सत्ता में आए इस बदलाव को आगामी राज्य और नगर निकाय राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि नई मेयर के नेतृत्व में बीएमसी प्रशासन किस दिशा में आगे बढ़ता है। BMC Election Results