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लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के पारित न हो पाने के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। संसद के भीतर शुरू हुई तकरार अब सोशल मीडिया तक पहुंच चुकी है। भाजपा और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

Rahul Gandhi Poster Controversy : लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के पारित न हो पाने के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। संसद के भीतर शुरू हुई तकरार अब सोशल मीडिया तक पहुंच चुकी है। भाजपा और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इसी बीच भाजपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए एक पोस्ट साझा किया, जिसने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। भाजपा की ओर से साझा किए गए पोस्टर में राहुल गांधी की तस्वीर का इस्तेमाल करते हुए उन पर लोगों के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाया गया। पार्टी ने इस पोस्ट के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर विपक्ष ने सकारात्मक भूमिका निभाने के बजाय राजनीति को प्राथमिकता दी। Rahul Gandhi Poster Controversy
महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश किया गया था। इसे पारित कराने के लिए आवश्यक विशेष बहुमत की जरूरत थी, लेकिन सरकार सदन में जरूरी आंकड़ा जुटाने में सफल नहीं हो सकी। नतीजतन यह विधेयक पारित नहीं हो पाया। इसके बाद से ही सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखाई और महिलाओं को पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में एक अहम अवसर को कमजोर कर दिया। वहीं विपक्ष सरकार की रणनीति और नीयत पर सवाल उठाते हुए अपने रुख को सही ठहरा रहा है। Rahul Gandhi Poster Controversy
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महिलाओं को विधायिकाओं में अधिक भागीदारी दिलाने के उद्देश्य से लाया गया यह संवैधानिक प्रयास राजनीतिक कारणों से आगे नहीं बढ़ सका। उनके अनुसार, यह केवल सरकार या किसी दल का मामला नहीं, बल्कि देश की महिलाओं से जुड़ा बड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को नीति-निर्माण और लोकतांत्रिक संस्थाओं में मजबूत हिस्सेदारी देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम था, लेकिन विपक्ष के रवैये के कारण इसे मंजिल नहीं मिल सकी। रिजिजू ने इस स्थिति को दुखद बताते हुए कहा कि इसका असर सीधे तौर पर महिलाओं के सशक्तिकरण की प्रक्रिया पर पड़ा है। Rahul Gandhi Poster Controversy
विधेयक गिरने के बाद भाजपा ने सोशल मीडिया पर आक्रामक रुख अपनाया। राहुल गांधी को केंद्र में रखकर साझा किया गया पोस्टर तेजी से वायरल हुआ और इसने पूरे विवाद को नया मोड़ दे दिया। भाजपा समर्थक इसे विपक्ष की कथित दोहरी राजनीति बता रहे हैं, जबकि कांग्रेस समर्थक इसे राजनीतिक प्रचार का हिस्सा मान रहे हैं। इस घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि महिला आरक्षण का मुद्दा अब केवल संसदीय बहस तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनता के बीच भी बड़ा राजनीतिक विमर्श बन चुका है। Rahul Gandhi Poster Controversy
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने संसद के हालिया कामकाज को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सत्र के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संकट पर दोनों सदनों में महत्वपूर्ण वक्तव्य दिया। संसद के कामकाज को पूरा करने के लिए बजट सत्र की अवधि भी बढ़ाई गई थी। रिजिजू ने यह भी कहा कि सरकार देश की आंतरिक सुरक्षा और स्थिरता को लेकर कई मोर्चों पर काम कर रही है। उनके मुताबिक, वामपंथी उग्रवाद अब कमजोर पड़ने की स्थिति में है और पूर्वोत्तर के अधिकांश हिस्सों में शांति बहाली की दिशा में प्रगति हुई है। उन्होंने बजट सत्र को कई राष्ट्रीय मुद्दों पर गंभीर चर्चा और नीतिगत फैसलों वाला सत्र बताया। Rahul Gandhi Poster Controversy
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