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भाजपा के अनुसार, यह ‘परिवर्तन यात्रा’ लगभग 5,000 किलोमीटर का सफर तय करेगी और राज्य के सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगी। अभियान के दौरान 63 बड़ी सार्वजनिक सभाएं और 280 से अधिक जनसभाएं आयोजित की जाएंगी। पार्टी ने इस यात्रा में एक करोड़ से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है।

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Paschim Bengal News : पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गर्मी बढ़ गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य में सत्ता परिवर्तन की मंशा के साथ राज्यव्यापी ‘परिवर्तन यात्रा’ का शुभारंभ कर दिया है। यह यात्रा मतदाता सूची के विवादास्पद संशोधन (SIR) के तुरंत बाद शुरू होने के कारण खास महत्व रखती है। पार्टी इस अभियान के जरिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सरकार के खिलाफ जनाक्रोश को संगठित करने और चुनावी मैदान में अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रही है।
भाजपा के अनुसार, यह ‘परिवर्तन यात्रा’ लगभग 5,000 किलोमीटर का सफर तय करेगी और राज्य के सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगी। अभियान के दौरान 63 बड़ी सार्वजनिक सभाएं और 280 से अधिक जनसभाएं आयोजित की जाएंगी। पार्टी ने इस यात्रा में एक करोड़ से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है। यात्रा का समापन 15 मार्च को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक विशाल जनसभा के साथ होगा, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधित करने की संभावना है।
पार्टी ने इस अभियान को व्यापक बनाने के लिए राज्य के नौ अलग-अलग स्थानों—कूचबिहार, कृष्णानगर, कुल्टी, गरबेटा, रैदिघी, इस्लामपुर, हसनाबाद, संदेशखाली और आमता से एक साथ शुरू किया है। पहले दिन ही कूचबिहार के रसमेला मैदान, कृष्णानगर के दिगनगर पंचायत मैदान सहित कई जगहों पर बड़ी सभाएं हुईं। इन कार्यक्रमों में भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, स्मृति ईरानी, सुवेंदु अधिकारी, धर्मेंद्र प्रधान और दिलीप घोष जैसे वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया।
यात्रा का आरंभ उस समय हुआ है जब पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत मतदाता सूची में बड़े बदलाव किए गए हैं। नवंबर में शुरू हुई इस प्रक्रिया के दौरान लगभग 63.66 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए, जो कुल मतदाताओं का करीब 8.3 प्रतिशत है। इसके बाद राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या घटकर लगभग 7.04 करोड़ रह गई है। भाजपा इसे 'बंगाल में लोकतांत्रिक सुधार का अगला चरण' बता रही है।
इस बीच राज्य में राजनीतिक तनाव भी बढ़ा है। तृणमूल कांग्रेस के विधायक शौकत मोल्ला ने देसी बम से हमले का आरोप लगाया है, जिससे सियासी गर्मी और बढ़ सकती है। वहीं, भाजपा ने ‘पलटनो दरकार, चाही बीजेपी सरकार’ और ‘ब्रिगेड चलो’ जैसे नारों के साथ इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की कोशिश की है। पार्टी का मानना है कि 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले यह एक निर्णायक राजनीतिक अभियान साबित होगा। Paschim Bengal News
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