प्रेम, परिवार और रिश्तों के मायनों पर आधारित IRS अफसर डॉ. कविता भटनागर के उपन्यास 'लव अनलॉक्ड' का विमोचन
लव अनलॉक्ड का विमोचन.
भारत
चेतना मंच
01 May 2022 03:59 PM
नई दिल्ली. भारतीय राजस्व सेवा (IRS) की अधिकारी डॉ. कविता भटनागर द्वारा लिखित उपन्यास ‘लव अनलॉक्ड’ का रविवार को दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में विमोचन किया गया. परिवारिक महत्व, मूल्यों के साथ एक लड़की के जीवन में प्रेम एवं कई उतार-चढ़ावों के दौर से भरी खूबसूरत कहानी पर आधारित उपन्यास लव अनलॉक्ड (Love Unlocked) को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया एवं वरिष्ठ पत्रकार ऋचा अनिरुद्ध की विशिष्ट मौजूदगी में लॉन्च किया गया.
इस पुस्तक के अनावरण के मौके पर एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि ‘मैं इस पुस्तक के लिए डॉ. कविता भटनागर को धन्यवाद देना चाहता हूं, जोकि आसानी से पढ़ी जा सकती है. हमारे समाज में महिलाओं को किन-किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, इस बारे में पुस्तक में अच्छे से समझाया गया है. खासतौर पर संयुक्त परिवार में शादी के बाद, जिसमें शामिल हैं पारिवारिक मूल्यों के साथ उनमें समन्वय की चुनौतियां भी’.
डॉ. गुलेरिया ने आगे कहा कि ‘पिछले दो साल हमारे लिए बहुत चुनौती भरे रहे. महिला स्टाफ नर्स जैसे हमारे स्वास्थ्य कर्मी, जिन्होंने कोरोना काल के दौर में अस्पतालों में सेवाएं दीं और इसके बाद वे अपने परिवारों की जिम्मेदारियां भी संभाल रही थीं. यहां तक की डॉक्टरों आदि से मकान मालिकों ने कोरोना संक्रमण फैलने के डर से घर तक खाली करा लिए. यह पुस्तक इन सभी के साथ न जाने समाज के कितने पहलूओं को छूती है. यहां तक की कोरोना काल में मैं और पूरा परिवार हेल्थ सेक्टर में अलग-अलग अस्पतालों में काम करता रहा है और संक्रमण काल के दौरान हमें भी अपने घर में सुरक्षा के लिहाज से अलग-अलग रहना पड़ रहा था. इस दौर ने रिलेशनशिप को कायम रखते हुए परिवार के साथ रहने के मूल्यों को समझाया’.
वहीं, वरिष्ठ पत्रकार ऋचा अनिरुद्ध ने इस अवसर पर कहा कि 'डॉ. कविता भटनागर का तमाम पेशेवर व्यस्तता के बीच लेखन के प्रति अपने पैशन के लिए वक्त निकालना बहुत सराहनीय है. कोविड ने हमें अपनी जिंदगी में तनाव का ज्यादा अहसास कराया, लेकिन समझाया कि अपने जुनून को अगर हम जिंदगी में एंकर की तरह पकड़े रहें, तो वह हमें संभाल लेता है. इस पुस्तक को पढ़ने पर आपको रिश्तों के मायने समझ में आते हैं. उपन्यास की कहानी बेहद सरल है, उसमें कोई जटिलता नहीं. इसे पढ़ते हुए आप किसी न किसी बिंदु पर खुद से जुड़ाव को महसूस करेंगे. यही बात लॉक लव अनलॉक्ड उपन्यास की खूबसूरती है'.
वहीं, वरिष्ठ पत्रकार ऋचा अनिरुद्ध ने इस अवसर पर कहा कि ‘डॉ. कविता भटनागर का तमाम पेशेवर व्यस्तता के बीच लेखन के प्रति अपने पैशन के लिए वक्त निकालना बहुत सराहनीय है. कोविड-19 (Covid 19) ने हमें अपनी जिंदगी में तनाव का ज्यादा अहसास कराया, लेकिन समझाया कि अपने जुनून को अगर हम जिंदगी में एंकर की तरह पकड़े रहें, तो वह हमें संभाल लेता है. इस पुस्तक को पढ़ने पर आपको रिश्तों के मायने समझ में आते हैं. उपन्यास की कहानी बेहद सरल है, उसमें कोई जटिलता नहीं. इसे पढ़ते हुए आप किसी न किसी बिंदु पर खुद से जुड़ाव को महसूस करेंगे. यही बात लॉक लव अनलॉक्ड उपन्यास की खूबसूरती है’.
उपन्यास की लेखिका डॉ. कविता ने इस मौके पर कहा कि ‘लिखना मेरे लिए मेडिटेशन की तरह है. लव अनलॉक्ड फैमिली वैल्यू और प्रेम से भरा एक संग्रह है. उपन्यास रिश्ते और पारिवारिक मूल्यों की बात करती है. जो यह पुस्तक पढ़ेंगे, तो जान पांएगे कि मैं जिंदगी में प्रेम, परिवार और रिश्तों के मायनों क्या कहना चाहती हूं’.
उपन्यास को लेकर वकील एवं सामाजिक कार्यकर्ता अमित साहनी ने कहा कि डॉ. कविता भटनागर से हम सभी को यह प्रेरणा मिलती है, इतने सीनियर ब्यूरोक्रेट पद पर होने के बावजूद व्यस्त जीवनशैली से उन्होंने वक्त निकालकर यह उपन्यास लिखा. अपने लेखन में उनका प्यार, परिवार एवं रिश्तों को सहजता से प्रस्तुत करना वाकई सराहनीय है.
सृष्टि प्रकाशन द्वारा प्रकाशित इस उपन्यास का मूल्य 250 रुपये है और इसे अमेजन, फ्लिपकार्ट के अलावा प्रमुख बुकसैलर्स से खरीदा जा सकता है. बता दें कि 1996 बैच की भारतीय राजस्व सेवा अधिकारी डॉ. कविता भटनागर का यह दूसरा उपन्यास है. वह केंद्रीय उत्पाद शुल्क, सेवा कर और सीमा शुल्क विभाग में विभिन्न पदों पर दो दशक से अधिक समय तक सेवाएं दे चुकी हैं और वर्तमान में कमिश्नर, जीएसटी (ग्रेटर नोएडा) के रूप में तैनात हैं. लव अनलॉक्ड से पहले वह सेकेंड चांस उपन्यास लिख चुकी हैं. वह दो कविता संग्रह ‘रिश्तों की तनहाइयां’ और ‘मेट्रो एक मृगतृष्णा’ भी लिख चुकी हैं.