समझौता होने तक चीन के साथ जारी रहेगा सीमा विवाद : नरवणे
भारत
RP Raghuvanshi
02 Dec 2025 02:19 AM
नई दिल्ली। चीन अपनी विस्तारवादी नीति को लेकर हमेशा से ही कुख्यात रहा है। ये सभी जानते हैं कि चीन ने ताकत और पैसे के बल पर एशिया प्रशांत क्षेत्र के तमाम देशों की नाक में दम कर रखा है। चीन किसी को धन के बल पर तो किसी को शक्ति दिखाकर अपने प्रभाव में लेने की कोशिश करता रहा है। यही दुस्साहस उसने भारत के साथ किया था लेकिन भारतीय सेनाओं ने उसको उसी की भाषा में जवाब देते हुए उसे उसकी धरती तक खदेड़ दिया था। भारत और चीन के बीच सीमा को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इसी क्रम में पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर भारत और चीन के बीच जारी तनाव के बीच सेना प्रमुख जनरल एम नरवणे ने कहा है कि जब तक दोनों देशों के बीच सीमा समझौता नहीं हो जाता तक दोनों के बीच सीमा पर छिटपुट घटनाएं होती रहेंगी। पूर्वी लद्दाख में एलएसी के साथ लगे सीमाई इलाकों में घटनाक्रम पश्चिमी और पूर्वी मोर्चे पर भारत की 'सक्रिय और विवादित सीमाओं' पर चल रही विरासत की चुनौतियों को जोड़ता है।
पीएचडी चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (PHD Chamber of Commerce and Industry, PHDCCI) में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सेना प्रमुख एमएम नरवणे ने कहा कि चीन के साथ हमारा बड़ा सीमा विवाद है। चीन के आक्रामक रवैये पर सेना प्रमुख नरवणे ने कहा कि हम भविष्य में किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हमने पहले भी ऐसा करके दिखाया है।
बता दें कि इस विवाद का अध्याय अप्रैल 2020 में शुरू हुआ था जब चीन ने विवादित एलएसी के पूर्वी लद्दाख और अन्य इलाकों में बड़ी संख्या में सैनिकों और हथियारों के साथ मोर्चाबंदी कर ली थी। जिससे गलवान घाटी, पैंगोंग त्सो और गोगरा-हॉट स्प्रिंग्स जैसे इलाकों में दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने आ गई थीं। इसी दौरान दोनों देशों की सेनाओं में खूनी संघर्ष भी हुआ था जिसमें भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों का बड़े पैमाने पर नुकसान किया था। कई दौर की वार्ता होने के बावजूद अभी तक इसका हल नहीं निकल सका है।