बीजेपी ने इस सीट पर चुनाव लड़ने से ही कर दिया इनकार, जानें वजह
Boycott Of By-Election
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 04:57 PM
Boycott Of By-Election : तमिलनाडु के इरोड पूर्व सीट पर उपचुनाव कराए जाने का कारण वहां के विधायक का निधन हो जाना है। कांग्रेस विधायक ईवीकेएस एलंगोवन के निधन के कारण इस सीट पर उपचुनाव जरूरी हो गया है। सत्तारुढ़ डीएमके ने अपने नेतृत्व वाले गठबंधन की ओर से वी सी चंद्रकुमार को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस भी इस गठबंधन में शामिल है। जबकि बीजेपी और उनका गठबंधन इस चुनाव का बहिस्कार कर रही है। डीएमके ने सारे आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि विपक्ष इसलिए चुनाव का बहिष्कार कर रहा है क्योंकि उसको हार का डर है।
उपचुनाव का बहिष्कार करने का फैसला
बीजेपी ने इस उपचुनाव का बहिस्कार का कारण अगले साल होने वाले चुनाव पर ध्यान केंद्रित करने की बात बताई है। अब पता नहीं बीजेपी की इस बात में कितनी सच्चाई है। लेकिन बीजेपी को हार का डर होने के कारण चुनाव से हटने की बात सत्तारुढ़ दल द्वारा करना सही जान पड़ता है क्योंकि उस सीट पर उनकी जीत निश्चित है। बीजेपी के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) ने पांच फरवरी को तमिलनाडु की इरोड पूर्व सीट के लिए होने वाले विधानसभा उपचुनाव का बहिष्कार करने का फैसला किया है। भाजपा की इस घोषणा से चुनाव में कोई मुकाबला नहीं रह गया है, क्योंकि मुख्य विपक्षी दल अन्नाडीएमके और डीएमडीके ने पहले ही उपचुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा की हुई है।
दोनों ही पार्टी एक सुर में बोल रही
इस उपचुनाव के बहिस्कार के कारणों के बारे में भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने 2022 में यहां हुए उपचुनाव में सत्तारूढ़ डीएमके पर तब लोगों को निर्दिष्ट स्थानों पर बंधक बनाने के आरोप लगे थे। जिसके बाद ही उन्हें इस सीट पर विजय मिली थी। उन्होंने कहा कि वैसे भी हम वर्ष 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ डीएमके को हटाने के लिए लड़ेंगे और एनडीए उस लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अंबुमणि रामदास की पार्टी पीएमके ने भी चुनावों के बॉयकाट करने का फैसला किया है। पीएमके, एनडीए में बीजेपी की सहयोगी है। इसलिए दोनों ही पार्टी एक सुर में बोलती हैं।
कांग्रेस विधायक के निधन के कारण हो रहा उपचुनाव
कांग्रेस विधायक ईवीकेएस एलंगोवन के निधन के कारण इस सीट पर उपचुनाव जरूरी हो गया है। डीएमके ने अपने नेतृत्व वाले गठबंधन की ओर से वी सी चंद्रकुमार को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस भी इस गठबंधन में शामिल है। डीएमके ने सारे आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि विपक्ष इसलिए चुनाव का बहिष्कार कर रहा है क्योंकि उसको हार का डर है। 2008 में इरोड ईस्ट सीट अस्तित्व में आई थी। यहां पर 2.26 लाख मतदाता हैं। इनमें से 1.16 लाख महिला और 1.1 लाख पुरुष मतदाता हैं। यहां की अधिकांश आबादी शहरी और अर्ध-शहरी तबके की है। कृषि और टेक्सटाइल बिजनेस पर लोगों की निर्भरता है।