संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कर दी बड़ी घोषणा

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने बड़ी घोषणा कर दी है। RSS प्रमुख की इस घोषणा को RSS में बदले हुए युग के रूप में देखा जा रहा है। RSS अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर चुका है। इन दिनों भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर में RSS का शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है।

मोहन भागवत
मोहन भागवत
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar20 Mar 2026 04:34 PM
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Mohan Bhagwat : राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने बड़ी घोषणा कर दी है। RSS प्रमुख की इस घोषणा को RSS में बदले हुए युग के रूप में देखा जा रहा है। RSS अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर चुका है। इन दिनों भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर में RSS का शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। RSS के शताब्दी वर्ष के सिलसिले में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

RSS में होंगे 86 संभाग

RSS का राष्ट्रीय मुख्यालय महाराष्ट्र के नागपुर शहर में है। नागपुर में शुक्रवार को RSS का बड़ा आयोजन हुआ। RSS के इस आयोजन में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भविष्य में RSS के अलग-अलग 86 संभाग बनाए जाएंगे। वर्तमान में RSS के 46 प्रांत हैं। इन 46 प्रांतों को 86 संभाग में बदलकर RSS के संगठन में बड़ा बदलाव किया जाएगा। इसके साथ ही संघ प्रमुख मोहन भागवत ने यह घोषणा भी कर दी है कि RSS के संगठन का स्वरूप जरूर बदलेगा किन्तु RSS का काम तथा काम करने का तरीका बिल्कुल भी नहीं बदला जाएगा।

नागपुर में क्या बोले संघ प्रमुख मोहन भागवत

नागपुर के कार्यक्रम में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत की युवा पीढ़ी उन विचारधाराओं की ओर आकर्षित होती है, जिसमें राष्ट्र सेवा की भावना हो। उन्होंने कहा कि RSS को अच्छे कामों के लिए इंटरनेट मीडिया पर अपनी सक्रियता बढ़ाने की आवश्यकता है। जब उनसे पूछा गया कि RSS ने अपनी स्थापना के 100 साल पूरे होने के मौके पर हाल ही में संगठन में क्या बड़े बदलाव किए हैं, इस पर उन्होंने कहा कि RSS का कार्य बड़े स्तर पर बढ़ा है। इसलिए अब विकेंद्रीकरण की जरूरत है।

RSS के काम का तरीका कभी नहीं बदलेगा

भागवत ने कहा कि छोटी-छोटी इकाइयां जरूरी कामों को ज्यादा कुशलता से संभालेंगी, जबकि मित्रता रखने और स्वयं मिसाल बनकर नेतृत्व करने का मूल तरीका पहले जैसा ही रहेगा। उन्होंने कहा कि चूंकि RSS से लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं, इसलिए स्वयंसेवकों को भी अब ज्यादा परिश्रम करना होगा। इसलिए अब और भी छोटी-छोटी इकाइयां बनाई जाएंगी। जो काम पहले ऊपरी स्तर से होता था, वह अब ये छोटी इकाइयां करेंगी। जब कोई संगठन बड़ा होता है तो यह एक स्वाभाविक बदलाव है। उन्होंने कहा कि अब आरएसएस में 46 प्रांतों (प्रशासनिक इकाइयों) के बजाय 86 संभाग होंगे।उन्होंने स्पष्ट किया कि RSS के काम करने का ढंग नहीं बदलेगा। यह पहले जैसा ही रहेगा। काम करने का वह तरीका है मित्रता करना और स्वयं मिसाल बनकर बदलाव लाना। जब उनसे पूछा गया कि विपरीत परिस्थितियों में भी संघ का विस्तार कैसे हुआ तो उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन के विस्तार में प्रचार-प्रसार से मदद मिल सकती है, लेकिन RSS की असली ताकत कुछ और ही है। संघ का विस्तार ऐसे माध्यमों से नहीं होता। इसका विस्तार इसके काम और इसके कार्यकर्ताओं के बीच आपसी स्नेह से होता है। Mohan Bhagwat


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राशन कार्ड वालों की बल्ले-बल्ले, एक साथ मिलेगा तीन महीने का राशन

केंद्र सरकार ने राशन कार्ड लाभार्थियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने घोषणा की है कि अप्रैल महीने में पात्र लोगों को सिर्फ एक महीने का नहीं, बल्कि अप्रैल, मई और जून 2026 यानी तीन महीने का राशन एक साथ दिया जाएगा।

राशन कार्ड वालों की बल्ले-बल्ले
राशन कार्ड वालों की बल्ले-बल्ले
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar20 Mar 2026 02:10 PM
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April Free Ration: केंद्र सरकार ने राशन कार्ड लाभार्थियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने घोषणा की है कि अप्रैल महीने में पात्र लोगों को सिर्फ एक महीने का नहीं, बल्कि अप्रैल, मई और जून 2026 यानी तीन महीने का राशन एक साथ दिया जाएगा। इस फैसले की जानकारी केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की ओर से साझा की गई है। विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि सभी लाभार्थी अपने नजदीकी राशन डीलर या उचित मूल्य की दुकान से तय समय पर यह राशन प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, सरकार ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि तीन महीने का राशन एक साथ देने के पीछे क्या खास वजह है।

सरकार ने फर्जी राशन कार्ड पर भी कसा शिकंजा

इस बीच, सरकार ने संसद में यह भी जानकारी दी है कि वर्ष 2025 के दौरान देशभर में 41.41 लाख अपात्र राशन कार्ड रद्द किए गए। राज्यसभा में खाद्य राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बंभानिया ने लिखित जवाब में बताया कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आई है और इसी वजह से फर्जी तथा अपात्र लाभार्थियों की पहचान आसान हुई है। मंत्री के अनुसार, हरियाणा में सबसे ज्यादा करीब 13.43 लाख राशन कार्ड रद्द किए गए। इसके बाद राजस्थान में 6.05 लाख, उत्तर प्रदेश में 5.97 लाख, पश्चिम बंगाल में 3.74 लाख और मध्य प्रदेश में 2.60 लाख अपात्र राशन कार्ड खत्म किए गए।

डिजिटलीकरण से बढ़ी पारदर्शिता

सरकार का कहना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार डिजिटल सुधार किए जा रहे हैं। इसी दिशा में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राशन कार्ड और लाभार्थियों का डेटा पूरी तरह डिजिटल किया जा चुका है। देश की लगभग सभी उचित मूल्य की दुकानों पर खाद्यान्न वितरण के लिए इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल (ePOS) मशीनें लगाई जा चुकी हैं। इससे राशन वितरण की प्रक्रिया पहले के मुकाबले ज्यादा व्यवस्थित और पारदर्शी हुई है।

आधार लिंकिंग और डिजिटल सत्यापन से सिस्टम मजबूत

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 99.2 प्रतिशत लाभार्थियों का डेटा आधार से जोड़ा जा चुका है। वहीं, 98.75 प्रतिशत राशन वितरण अब आधार आधारित बायोमेट्रिक और अन्य डिजिटल सत्यापन के जरिए किया जा रहा है। मंत्री ने साफ कहा कि पीडीएस के डिजिटलीकरण का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी अनाज सही लोगों तक पहुंचे, व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और खाद्यान्न की चोरी या फर्जीवाड़े पर रोक लगाई जा सके। April Free Ration

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Big Breaking - केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को मिली जान से मारने की धमकी

केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। इस संबंध में उनके निजी सहायक ने दिल्ली पुलिस को शिकायत देकर गंभीर सुरक्षा चिंता जताई है।

जयंत चौधरी
जयंत चौधरी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar20 Mar 2026 12:40 PM
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Jayant Chaudhary : केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। इस संबंध में उनके निजी सहायक ने दिल्ली पुलिस को शिकायत देकर गंभीर सुरक्षा चिंता जताई है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मंत्री की कथित रूप से जासूसी की जा रही थी, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।

धमकी के साथ जासूसी की आशंका

शिकायत के अनुसार, 18 मार्च की सुबह निजी सहायक के फोन पर एक धमकी भरा कॉल आया। कॉल करने वाले ने कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी को जान से मारने की धमकी दी। फोन पर मिली इस चेतावनी के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली पुलिस को तत्काल सूचना दी गई।

दावे से मामला हुआ और गंभीर

मामला केवल धमकी तक सीमित नहीं है। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि केंद्रीय मंत्री की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। यही वजह है कि इस पूरे घटनाक्रम को सामान्य धमकी नहीं, बल्कि सुरक्षा से जुड़े गंभीर प्रकरण के रूप में देखा जा रहा है। एक केंद्रीय मंत्री के खिलाफ इस तरह की धमकी और निगरानी के आरोप ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली पुलिस को दी गई शिकायत के बाद अब पूरे मामले की जांच की दिशा तय की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटेंगी कि धमकी देने वाला कौन था, कॉल कहां से आया और जासूसी के आरोपों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल इस प्रकरण ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। Jayant Chaudhary

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