BRICS Summit 2026 के बीच भारतीय छात्रों के लिए विदेश में पढ़ाई के नए अवसर भी चर्चा में हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा तथा ऑस्ट्रेलिया जैसे पारंपरिक शिक्षा केंद्रों के अलावा अब चीन, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे BRICS देशों की टॉप यूनिवर्सिटीज भी छात्रों का ध्यान खींच रही हैं।

BRICS Summit 2026 : BRICS की चर्चा अब सिर्फ दुनिया की अर्थव्यवस्था, व्यापार और कूटनीति तक सीमित नहीं रह गई है। इसका दायरा शिक्षा, रिसर्च, तकनीक, इनोवेशन और स्किल डेवलपमेंट तक भी तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे समय में जब भारतीय छात्रों के लिए पश्चिमी देशों में पढ़ाई, वीजा नियमों और बढ़ती लागत को लेकर नई चुनौतियां सामने आ रही हैं, BRICS देशों के शिक्षा विकल्पों पर भी नजरें टिकने लगी हैं। चीन, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे BRICS देशों में कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय मौजूद हैं, जहां भारतीय छात्र अपनी पसंद के कोर्स के अनुसार अवसर तलाश सकते हैं। इसके अलावा अलग-अलग देशों की सरकारी छात्रवृत्तियां, विश्वविद्यालय स्तर की स्कॉलरशिप और विदेशी छात्रों के लिए विशेष कार्यक्रम पढ़ाई का आर्थिक बोझ कम करने में मदद कर सकते हैं। BRICS Summit 2026
विदेश में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों की पसंद लंबे समय तक अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के आसपास रही है। लेकिन बदलते वैश्विक हालात में छात्रों और अभिभावकों का ध्यान अब दूसरे देशों की ओर भी जा रहा है। BRICS देशों में कई ऐसे विश्वविद्यालय हैं जिनकी वैश्विक स्तर पर पहचान है। कुछ देशों में सरकारी संस्थानों और छात्रवृत्ति कार्यक्रमों के जरिए शिक्षा की लागत कम करने के विकल्प भी उपलब्ध हैं। यही कारण है कि BRICS Summit 2026 के दौरान शिक्षा और मानव संसाधन विकास से जुड़े सहयोग को भी व्यापक BRICS एजेंडे के संदर्भ में देखना महत्वपूर्ण है। BRICS Summit 2026
भारतीय छात्रों के लिए ब्राजील एक अलग तरह का शिक्षा विकल्प हो सकता है। वहां कई सार्वजनिक विश्वविद्यालय मौजूद हैं और कुछ संस्थानों में ट्यूशन फीस से जुड़े अवसर दूसरे देशों की तुलना में अलग हो सकते हैं। उदाहरण के तौर पर Universidade Federal de Alfenas (UNIFAL-MG) स्वयं को सार्वजनिक और ट्यूशन-फ्री विश्वविद्यालय के रूप में प्रस्तुत करता है। ब्राजील सरकार का PEC-G कार्यक्रम भी कुछ पात्र विदेशी छात्रों को ग्रेजुएशन स्तर की पढ़ाई के लिए अवसर प्रदान करता है। वहीं पोस्टग्रेजुएट स्तर पर PEC-PG कार्यक्रम भी महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि छात्रों को यह समझना होगा कि इन योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और देशवार शर्तें लागू होती हैं। ट्यूशन फीस न होने का मतलब यह नहीं है कि छात्र के सभी खर्च खत्म हो जाएंगे। रहने, भोजन, यात्रा, बीमा और अन्य खर्चों की व्यवस्था अलग से करनी पड़ सकती है। BRICS Summit 2026
ब्राजील में पढ़ाई करने वाले विदेशी छात्रों के लिए आम तौर पर VITEM IV छात्र वीजा महत्वपूर्ण होता है। इसके लिए विश्वविद्यालय से जुड़े दस्तावेज, पासपोर्ट और निर्धारित अन्य कागजात की जरूरत हो सकती है। वीजा की शर्तें समय के साथ बदल सकती हैं। इसलिए भारतीय छात्रों को आवेदन करने से पहले ब्राजील के संबंधित दूतावास या कांसुलेट की आधिकारिक जानकारी जरूर देखनी चाहिए। BRICS Summit 2026
BRICS देशों में चीन एक बड़ा शिक्षा केंद्र है। चीन के कई विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान रखते हैं और बड़ी संख्या में विदेशी छात्र वहां पढ़ाई करते हैं। भारतीय छात्रों के लिए Chinese Government Scholarship (CSC) समेत विभिन्न विश्वविद्यालय स्तर की छात्रवृत्तियां महत्वपूर्ण विकल्प हो सकती हैं। हालांकि चीन में फीस हर विश्वविद्यालय, कोर्स और डिग्री स्तर के हिसाब से अलग होती है। इसलिए चीन में पढ़ाई का फैसला करते समय किसी एक औसत फीस को सभी संस्थानों पर लागू करना सही नहीं होगा। चीन को विकल्प के रूप में चुनने से पहले छात्रों को खासतौर पर तीन चीजों पर ध्यान देना चाहिए कोर्स किस भाषा में है, स्कॉलरशिप में क्या-क्या शामिल है और छात्र वीजा की मौजूदा शर्तें क्या हैं। BRICS Summit 2026
भारतीय छात्र अपने विषय, बजट और प्रवेश पात्रता के अनुसार इन प्रमुख संस्थानों को शॉर्टलिस्ट कर सकते हैं
इन विश्वविद्यालयों के प्रत्येक कोर्स की फीस और प्रवेश शर्तें अलग हो सकती हैं। BRICS Summit 2026
रूस भी लंबे समय से भारतीय छात्रों के लिए उच्च शिक्षा का एक महत्वपूर्ण विकल्प रहा है। खासतौर पर इंजीनियरिंग, साइंस, टेक्नोलॉजी और मेडिकल शिक्षा में रूसी संस्थानों की पहचान है। रूस में विदेशी छात्रों के लिए सरकारी कोटा और छात्रवृत्ति जैसे विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं। जिन छात्रों को सरकारी स्कॉलरशिप या कोटा मिलता है, उनके लिए शिक्षा पर आने वाला कुल खर्च काफी कम हो सकता है। लेकिन यहां भी विश्वविद्यालय, विषय और डिग्री के अनुसार फीस में बड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए आवेदन से पहले संबंधित संस्थान और स्कॉलरशिप की मौजूदा शर्तों की जांच करना जरूरी है। BRICS Summit 2026
भारतीय छात्र इन प्रतिष्ठित संस्थानों को भी अपनी शॉर्टलिस्ट में शामिल कर सकते हैं—
दक्षिण अफ्रीका BRICS का एक महत्वपूर्ण सदस्य है और वहां कई विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान रखते हैं। University of Cape Town, University of the Witwatersrand और Stellenbosch University जैसे संस्थान भारतीय छात्रों के लिए विचार करने योग्य विकल्प हो सकते हैं। हालांकि दक्षिण अफ्रीका को सीधे तौर पर 'कम खर्च वाला देश' मान लेना सही नहीं होगा। विदेशी छात्रों की फीस, कोर्स की लागत और रहने का खर्च विश्वविद्यालय तथा शहर के अनुसार काफी बदल सकता है। इसलिए यहां आवेदन करने से पहले International Student Fee + Living Cost + Scholarship का पूरा हिसाब देखना जरूरी है। BRICS Summit 2026
भारतीय छात्रों के लिए BRICS देशों के कुछ प्रमुख विश्वविद्यालयों की सूची इस प्रकार है देशप्रमुख विश्वविद्यालयचीनसिंघुआ यूनिवर्सिटी, पेकिंग यूनिवर्सिटी, फुदान यूनिवर्सिटीरूसलोमोनोसोव मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी, सेंट पीटर्सबर्ग स्टेट यूनिवर्सिटी, बाउमन मॉस्को स्टेट टेक्निकल यूनिवर्सिटीब्राजीलसाओ पाउलो यूनिवर्सिटी, UNICAMP, फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ मिनास गेरैसदक्षिण अफ्रीकायूनिवर्सिटी ऑफ केप टाउन, विटवाटर्सरैंड यूनिवर्सिटी, स्टेलनबॉश यूनिवर्सिटी BRICS Summit 2026
BRICS देशों में पढ़ाई का विकल्प तलाश रहे छात्रों को केवल यूनिवर्सिटी की रैंकिंग देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। सबसे पहले अपने कोर्स और करियर लक्ष्य के अनुसार संस्थान की जानकारी जुटानी चाहिए।
इसके साथ ही इन बातों की जांच बेहद जरूरी है
1. कोर्स की भाषा: पढ़ाई अंग्रेजी में होगी या स्थानीय भाषा में?
2. कुल फीस: केवल ट्यूशन फीस नहीं, बल्कि अन्य अनिवार्य शुल्क भी देखें।
3. स्कॉलरशिप: स्कॉलरशिप में फीस, हॉस्टल, भोजन या यात्रा में से क्या-क्या शामिल है?
4. वीजा: छात्र वीजा की वर्तमान शर्तें और दस्तावेज पहले से जांचें।
5. रहने का खर्च: बड़े शहरों में आवास और दैनिक खर्च काफी अलग हो सकता है।
6. डिग्री की मान्यता: भारत लौटने के बाद संबंधित डिग्री की मान्यता और प्रोफेशनल रेगुलेशन जरूर जांचें। BRICS Summit 2026
BRICS का विस्तार सिर्फ आर्थिक और राजनीतिक सहयोग की कहानी नहीं है। शिक्षा, रिसर्च, तकनीक और मानव संसाधन जैसे क्षेत्र आने वाले समय में सदस्य देशों के बीच सहयोग के महत्वपूर्ण आधार बन सकते हैं। भारतीय छात्रों के लिए इसका मतलब यह है कि विदेश में उच्च शिक्षा के विकल्प अब पारंपरिक पश्चिमी देशों तक सीमित नहीं हैं। चीन, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका में भी ऐसे विश्वविद्यालय और छात्रवृत्ति कार्यक्रम मौजूद हैं, जिन्हें अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से तलाशा जा सकता है। लेकिन सबसे जरूरी सावधानी यही है कि किसी भी यूनिवर्सिटी, स्कॉलरशिप या वीजा को लेकर अंतिम निर्णय केवल आधिकारिक वेबसाइट और संबंधित सरकारी दिशा-निर्देश देखकर ही लें। फीस, प्रवेश नियम, छात्रवृत्ति और वीजा की शर्तें बदल सकती हैं। BRICS Summit 2026 के बीच भारतीय छात्रों के लिए यह बदलता शिक्षा परिदृश्य इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि आने वाले वर्षों में वैश्विक शिक्षा के नक्शे पर BRICS देशों की भूमिका और मजबूत हो सकती है। BRICS Summit 2026
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