भारत की अध्यक्षता में सोमवार से देश की राजधानी नई दिल्ली में ब्रिक्स (BRICS) देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSAs) और उच्च सुरक्षा प्रतिनिधियों की दो दिवसीय अहम बैठक शुरू हो रही है। इस उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल करेंगे।

BRICS NSA Meeting 2026 : भारत की अध्यक्षता में सोमवार से देश की राजधानी नई दिल्ली में ब्रिक्स (BRICS) देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSAs) और उच्च सुरक्षा प्रतिनिधियों की दो दिवसीय अहम बैठक शुरू हो रही है। इस उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल करेंगे। इस बैठक में सीमा पार आतंकवाद, पश्चिम एशिया की बदलती सुरक्षा स्थिति, रूस-यूक्रेन युद्ध सहित कई वैश्विक भू-राजनीतिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। इसे आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (सितंबर) की तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। BRICS NSA Meeting 2026
बैठक में सदस्य देशों के शीर्ष सुरक्षा और कूटनीतिक प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इनमें चीन के विदेश मंत्री वांग यी, रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव एवं पूर्व रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु और ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के उप सचिव नेजामीपुर शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान भारत और चीन के बीच एक अलग द्विपक्षीय बैठक की भी संभावना है, जिस पर अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों की विशेष नजर बनी हुई है। BRICS NSA Meeting 2026
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार बैठक का मुख्य विषय “वैश्विक गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियां” रखा गया है। भारत इस मंच पर सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा मजबूती से उठाने की तैयारी में है, खासकर पाकिस्तान समर्थित आतंकी गतिविधियों और जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा चुनौतियों को लेकर। इसके साथ ही पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव पर भी चर्चा संभव है। बैठक में तेजी से बदलते सुरक्षा खतरों, नई तकनीकों की भूमिका, साइबर सुरक्षा, और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के सुरक्षित उपयोग जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा आतंकवाद विरोधी संयुक्त कार्यबल की समीक्षा और वैश्विक सहयोग को मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा। BRICS NSA Meeting 2026
यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब BRICS देशों के बीच कई वैश्विक मुद्दों पर मतभेद देखने को मिलते रहे हैं। पहले भी साझा बयान को लेकर असहमति सामने आ चुकी है, जिसके चलते भारत को चेयरमैन स्टेटमेंट जारी करना पड़ा था। चूंकि BRICS में सभी निर्णय आम सहमति से लिए जाते हैं, ऐसे में भारत के सामने सभी सदस्य देशों को एक मंच पर लाने की अहम कूटनीतिक चुनौती होगी। वर्तमान में BRICS समूह में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका सहित मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और UAE जैसे 11 देश शामिल हैं। यह संगठन अब वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा नीति में एक प्रभावशाली मंच बन चुका है। BRICS NSA Meeting 2026
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