बीरभूम जिले के बोलपुर में एक सरकारी समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि आयकर स्लैब में बदलाव से किसी की मदद नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यह केंद्रीय बजट भविष्यवादी नहीं है। यह पूरी तरह से अवसरवादी, जनविरोधी तथा गरीब विरोधी है। यह केवल एक वर्ग के लोगों को लाभान्वित करेगा। यह बजट देश की बेरोजगारी के मुद्दे को हल करने में मदद नहीं करेगा। इसे 2024 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
ममता बनर्जी ने कहा कि आयकर स्लैब में बदलाव से किसी की मदद नहीं होगी। इस बजट में आशा की कोई किरण नहीं है। यह एक खराब बजट है। मुझे आधा घंटा दें और मैं आपको दिखाऊंगी कि गरीबों के लिए बजट कैसे तैयार किया जाता है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में 2023-24 का बजट पेश किया। उन्होंने नई कर व्यवस्था के तहत सात लाख रुपये तक की वार्षिक आय वालों के लिए कोई कर नहीं देने की घोषणा की, लेकिन पुरानी व्यवस्था में बने रहने वालों के लिए कोई बदलाव नहीं किया।
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