Budget 2026-27 में महिलाओं के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं। इसमें STEM जिलों में गर्ल्स हॉस्टल, SHE Marts की शुरुआत, लखपति दीदी योजना का विस्तार और She-Mark बैज शामिल हैं। जानिए बजट से महिलाओं को पढ़ाई, रोजगार और कारोबार में क्या-क्या फायदे मिलने वाले हैं।

केंद्रीय बजट 2026-27 महिलाओं के लिए सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है बल्कि यह उनके भविष्य को मजबूत बनाने की एक ठोस कोशिश नजर आती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार के बजट में महिलाओं की पढ़ाई, रोजगार, कारोबार और सेहत चारों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कई अहम घोषणाएं की हैं। चाहे बात ग्रामीण इलाकों की महिलाओं की हो या फिर STEM जैसे कठिन क्षेत्रों में पढ़ाई करने वाली छात्राओं की इस बजट में हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ खास रखा गया है।
बजट 2026-27 में उच्च शिक्षा हासिल कर रही लड़कियों के लिए एक बड़ा ऐलान किया गया है। सरकार STEM यानी साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ से जुड़े संस्थानों वाले हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाएगी। इन हॉस्टल्स को Viability Gap Funding या कैपिटल सपोर्ट से तैयार किया जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लंबे स्टडी ऑवर्स और लैब वर्क के दौरान लड़कियों को सुरक्षित और सुविधाजनक रहने की जगह मिलेगी। खासतौर पर ग्रामीण और छोटे शहरों के माता-पिता के लिए यह राहत की खबर है क्योंकि अब वे बिना चिंता के अपनी बेटियों को बाहर पढ़ने भेज सकेंगे।
अब तक देश के कई दूर-दराज इलाकों में महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप्स (SHG) के जरिए अपने उत्पाद तैयार तो करती थीं, लेकिन उन्हें सही बाजार नहीं मिल पाता था। बजट 2026-27 में इस कमी को दूर करने के लिए सरकार ने SHE Marts यानी Self-Help Entrepreneur Marts शुरू करने का ऐलान किया है। ये कम्युनिटी के स्वामित्व वाले रिटेल आउटलेट्स होंगे, जो क्लस्टर लेवल फेडरेशन में काम करेंगे। इसे लखपति दीदी योजना का विस्तार भी माना जा रहा है जहां महिलाओं को सिर्फ रोजगार नहीं बल्कि बिजनेस ओनर बनने का मौका मिलेगा।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिर्फ प्लेटफॉर्म ही नहीं, बल्कि फाइनेंसिंग भी जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए बजट में SHE Marts के साथ इनोवेटिव फाइनेंसिंग टूल्स का ऐलान किया गया है। इसमें खास तौर पर ‘She-Mark’ बैज शामिल है, जो महिलाओं के लिए फाइनेंसिंग और ग्रोथ से जुड़े टूल्स तक पहुंच आसान बनाएगा। SHG से जुड़ी महिलाओं को क्रेडिट-लिंक्ड प्रोडक्ट्स और नए फाइनेंशियल ऑप्शंस मिलेंगे जिससे वे अपने कारोबार को आगे बढ़ा सकेंगी।
बजट में सेहत से जुड़े सेक्टर को भी नजरअंदाज नहीं किया गया है। कैंसर के इलाज को सस्ता बनाने के लिए सरकार ने 17 नई दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी है। इसके साथ ही 1.5 लाख मल्टी-स्किल्ड केयरगिवर्स को ट्रेनिंग देने की योजना है। यह ट्रेनिंग NSQF से जुड़े प्रोग्राम्स के तहत होगी जिसमें केयर स्किल्स, वेलनेस, योग और मेडिकल डिवाइसेज की जानकारी दी जाएगी। चूंकि इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में महिलाएं काम करती हैं इसलिए इससे महिलाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।