
उत्तराखंड से भाजपा सांसद तीरथ सिंह रावत ने जोशीमठ में भूमि धंसने और घरों में दरार पड़ने की घटनाओं की पृष्ठभूमि में केंद्र से मांग की कि पहाड़ी क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के दूरगामी परिणाम को देखते हुए एक मास्टरप्लान बनाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जोशीमठ की घटनाओं के बाद मीडिया आदि के माध्यम से ऐसा माहौल बना, मानो यह क्षेत्र खत्म हो गया, जबकि ऐसा नहीं है।
रावत ने कहा कि जोशीमठ में स्थिति सामान्य की ओर लौट रही है और शासन-प्रशासन की तरफ से प्रभावितों के कल्याण के लिए एवं पुनर्वास के कार्य चल रहे हैं।
उन्होंने कहा, लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। जोशीमठ को लेकर जैसा माहौल बना, वैसी भयावह स्थिति नहीं है। यह बात मैं इसलिए कह रहा हूं कि कल से बद्रीनाथ धाम के कपाट खुल रहे हैं और लोगों में डर की भावना न हो।