BMC Election Results 2026: बदली मतगणना प्रक्रिया, नतीजों में हो सकती है देरी
मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के 227 निर्वाचन वार्डों के लिए आज शुक्रवार सुबह 10 बजे से मतगणना शुरू हो गई है। इस बार मतगणना की प्रक्रिया में अहम बदलाव किया गया है, जिसके चलते सभी वार्डों के नतीजे एक साथ सामने नहीं आएंगे और अंतिम परिणाम आने में सामान्य से लगभग एक घंटे की देरी हो सकती है।

बीएमसी प्रशासन के अनुसार, शहर के 23 मतगणना केंद्रों पर गिनती की जाएगी। नई व्यवस्था के तहत एक समय में दो-दो वार्डों के मतों की गणना की जाएगी। इसी कारण सुबह 10 बजे केवल 46 वार्डों की गिनती शुरू हो सकेगी, जबकि शेष वार्डों के नतीजे चरणबद्ध तरीके से घोषित किए जाएंगे।
जाने क्यों किया गया बदलाव
बता दें कि नगर आयुक्त ने बताया कि 2017 के पिछले चुनावों में सभी वार्डों की मतगणना एक साथ की गई थी, लेकिन इस बार मानव संसाधन और तकनीकी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नई रणनीति अपनाई गई है। एक समय में केवल दो वार्डों पर फोकस करने से पूरी टीम बेहतर ढंग से काम कर सकेगी, हालांकि शुरुआती दौर में सभी 227 सीटों के रुझान उपलब्ध नहीं हो पाएंगे।
2,299 कर्मी संभालेंगे जिम्मेदारी
बता दें कि मतगणना के लिए कुल 2,299 अधिकारी और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। पूरी प्रक्रिया कंप्यूटरीकृत प्रणाली के जरिए की जाएगी। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मतगणना केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी भी रहेगी।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं की समीक्षा
नगर आयुक्त ने मतगणना केंद्रों की सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की है। सभी 23 रिटर्निंग अधिकारियों के अंतर्गत आने वाले स्ट्रॉन्ग रूम और मतगणना स्थलों को पहले ही चिन्हित कर लिया गया है, जिन्हें पुलिस और लोक निर्माण विभाग से आवश्यक मंजूरी मिल चुकी है। केंद्रों पर अग्निशमन सुरक्षा और मेडिकल सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है।
1,700 उम्मीदवार मैदान में
देश की सबसे अमीर महानगर पालिका मानी जाने वाली बीएमसी के 227 वार्डों के लिए कुल 1,700 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। बीएमसी का 2025–26 का अनुमानित बजट करीब 74,400 करोड़ रुपये है। पिछला चुनाव वर्ष 2017 में हुआ था और निर्वाचित सदन का कार्यकाल मार्च 2022 में समाप्त हो गया था। अब नई चुनी गई संस्था इस बड़े बजट वाली नगर निगम की कमान संभालेगी।
मतगणना केंद्रों में प्रवेश सीमित
बता दें कि बीएमसी प्रशासन के अनुसार, मतगणना केंद्रों में केवल अधिकृत उम्मीदवारों, उनके प्रतिनिधियों और वैध पहचान पत्र वाले मीडिया कर्मियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। मीडिया, ट्रैफिक और सुरक्षा के लिए अलग-अलग घेरे बनाए गए हैं ताकि मतगणना प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सुचारु रूप से पूरी की जा सके।
बीएमसी प्रशासन के अनुसार, शहर के 23 मतगणना केंद्रों पर गिनती की जाएगी। नई व्यवस्था के तहत एक समय में दो-दो वार्डों के मतों की गणना की जाएगी। इसी कारण सुबह 10 बजे केवल 46 वार्डों की गिनती शुरू हो सकेगी, जबकि शेष वार्डों के नतीजे चरणबद्ध तरीके से घोषित किए जाएंगे।
जाने क्यों किया गया बदलाव
बता दें कि नगर आयुक्त ने बताया कि 2017 के पिछले चुनावों में सभी वार्डों की मतगणना एक साथ की गई थी, लेकिन इस बार मानव संसाधन और तकनीकी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नई रणनीति अपनाई गई है। एक समय में केवल दो वार्डों पर फोकस करने से पूरी टीम बेहतर ढंग से काम कर सकेगी, हालांकि शुरुआती दौर में सभी 227 सीटों के रुझान उपलब्ध नहीं हो पाएंगे।
2,299 कर्मी संभालेंगे जिम्मेदारी
बता दें कि मतगणना के लिए कुल 2,299 अधिकारी और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। पूरी प्रक्रिया कंप्यूटरीकृत प्रणाली के जरिए की जाएगी। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मतगणना केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी भी रहेगी।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं की समीक्षा
नगर आयुक्त ने मतगणना केंद्रों की सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की है। सभी 23 रिटर्निंग अधिकारियों के अंतर्गत आने वाले स्ट्रॉन्ग रूम और मतगणना स्थलों को पहले ही चिन्हित कर लिया गया है, जिन्हें पुलिस और लोक निर्माण विभाग से आवश्यक मंजूरी मिल चुकी है। केंद्रों पर अग्निशमन सुरक्षा और मेडिकल सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है।
1,700 उम्मीदवार मैदान में
देश की सबसे अमीर महानगर पालिका मानी जाने वाली बीएमसी के 227 वार्डों के लिए कुल 1,700 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। बीएमसी का 2025–26 का अनुमानित बजट करीब 74,400 करोड़ रुपये है। पिछला चुनाव वर्ष 2017 में हुआ था और निर्वाचित सदन का कार्यकाल मार्च 2022 में समाप्त हो गया था। अब नई चुनी गई संस्था इस बड़े बजट वाली नगर निगम की कमान संभालेगी।
मतगणना केंद्रों में प्रवेश सीमित
बता दें कि बीएमसी प्रशासन के अनुसार, मतगणना केंद्रों में केवल अधिकृत उम्मीदवारों, उनके प्रतिनिधियों और वैध पहचान पत्र वाले मीडिया कर्मियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। मीडिया, ट्रैफिक और सुरक्षा के लिए अलग-अलग घेरे बनाए गए हैं ताकि मतगणना प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सुचारु रूप से पूरी की जा सके।












