कैप्टन फातिमा वसीम ने रचा इतिहास, सियाचिन ग्लेशियर में तैनात होने वाली पहली महिला चिकित्सा अधिकारी
कैप्टन फातिमा ने सियाचिन ग्लेशियर की खून जमाने वाली ठंड में अग्रिम इलाके में महिला चिकित्सा अधिकारी...
Captain Fatima Wasim
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 12:49 PM
Captain Fatima Wasim: भारतीय महिलाएं लगातार नए-नए कीर्तिमान रच रही हैं। इस बार भारतीय वायुसेना ने शून्य से 50 डिग्री नीचे तापमान और 15,200 फीट की ऊंचाई पर स्थित सियाचिन में महिला कैप्टन फातिमा वसीम को तैनात किया है। कैप्टन फातिमा ने सियाचिन ग्लेशियर की खून जमाने वाली ठंड में अग्रिम इलाके में महिला चिकित्सा अधिकारी बनकर इतिहास रच दिया है। साथ ही कैप्टन फातिमा वसीम जीरो डिग्री से नीचे के तापमान में ऑपरेशनल पोस्ट पर रहने वाली देश की पहली महिला चिकित्सा अधिकारी होंगी। फातिमा वसीम शून्य से 50 डिग्री नीचे तापमान में तैनात जवानों की सेहत का ख्याल रखेंगी। कैप्टन फातिमा वसीम का यह ऐतिहासिक कदम न केवल सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है, बल्कि दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाकों में से एक में समावेशिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति का भी प्रतीक है।
Captain Fatima Wasim: ऑपरेशनल पोस्ट पर पहली महिला चिकित्सा अधिकारी
सेना में हर कदम पर इतिहास रचती महिलाओं के क्रम में बतौर मेडिकल ऑफिसर कैप्टन फातिमा को सियाचिन ग्लेशियर में मिली तैनाती एक नया रिकॉर्ड है। सेना की उत्तरी कमान की फायर एंड फ्यूरी कोर ने सियाचिन ग्लेशियर में कैप्टन फातिमा की तैनाती का एक वीडियो सोमवार को एक्स पर अपलोड किया है। फायर एंड फ्यूरी कोर ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें सियाचिन बैटल स्कूल में फातिमा ट्रेनिंग लेती दिखीं। फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स को आधिकारिक तौर पर 14वां कॉर्प्स कहा जाता है। इसका हेडक्वार्टर लेह में है। इनकी तैनाती चीन-पाकिस्तान की सीमाओं पर होती है। साथ ही ये सियाचिन ग्लेशियर की रक्षा करते हैं। सियाचिन बैटल स्कूल में कठोर प्रशिक्षण के बाद 15,200 फीट की ऊंचाई पर तैनाती कैप्टन फातिमा के अदम्य साहस व दुर्गम हालात में देशसेवा करने के उच्च मनोबल को दर्शाता है। कैप्टन फातिमा वसीम की तैनाती एक ऐतिहासिक पल है। भारतीय महिलाओं को मील का पत्थर छूते हुए देखना एक अच्छी बात है।
सबसे ऊंचा युद्धक्षेत्र
सियाचिन भारत का सबसे बड़ा और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा ग्लेशियर है। यह पृथ्वी पर सबसे ऊंचा युद्धक्षेत्र कहलाता है। इस माह के शुरू में सियाचिन बैटल स्कूल में इंडक्शन ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद स्नो लेपर्ड ब्रिगेड की कैप्टन गीतिका कौल भी सियाचिन में तैनात होने वाली भारतीय सेना की पहली महिला चिकित्सा अधिकारी बनीं। सियाचिन ग्लेशियर में रहना बहुत मुश्किल है। जनवरी महीने में यहां का तापमान शून्य से 50 डिग्री तक नीचे चला जाता है। ऐसे में वहां पर दुश्मन के सामने डेरा डालने के लिए सैनिकों को मौसम के साथ भी जंग लड़नी पड़ती है। यहां तैनात जवानों में ठंड से होने वाली बीमारियों के साथ फेफड़ों व हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा भी मंडराता है। बर्फ के कारण अंधापन भी हो सकता है। ऐसे हालात में महिला चिकित्सा अधिकारी कैप्टन फातिमा वसीम के कंधों पर सैनिकों को युद्ध लड़ने के लिए हरदम तैयार रखने की एक अहम जिम्मेदारी होगी। इस ऑपरेशनल पोस्ट पर कैप्टन फातिमा वसीम की तैनाती उनकी क्षमता, लचीलेपन और भारतीय सशस्त्र बलों के विकसित लोकाचार का एक प्रमाण है।
[caption id="attachment_132071" align="aligncenter" width="800"] Captain Fatima Wasim[/caption]
1984 से डटे हैं यहां सैनिक
दिसंबर माह के आरंभ में सियाचिन बैटल स्कूल में इंडक्शन ट्रेनिंग को सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद सेना की स्नो लेपर्ड ब्रिगेड की कैप्टन गीतिका कौल दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन में तैनात होने वाली भारतीय सेना की पहली महिला चिकित्सा अधिकारी बनीं थी। अब कैप्टन फातिमा वसीम ने सियाचिन ग्लेशियर में ऑपरेशनल पोस्ट पर तैनात होने का इतिहास रचा है। दुनिया का सबसे अधिक ऊंचाई वाले युद्ध स्थल सियाचिन पश्चिमी लद्दाख में पाकिस्तान से लगती नियंत्रण रेखा के पास है।
सियाचिन ग्लेशियर भारत-पाक बॉर्डर के पास करीब 78किमी में फैला है। इसके एक तरफ पाकिस्तान, दूसरी तरफ अक्साई चीन है। 1972 के शिमला समझौते में सियाचिन को बेजान और बंजर बताया गया था। हालांकि तब भारत-चीन के बीच इसके सीमा का निर्धारण नहीं हुआ था। 1984 में भारतीय सेना को जानकारी मिली कि पाकिस्तानी सेना इस इलाके को कब्जे में लेने की कोशिश कर रही है, जिसके बाद 13 अप्रैल 1984 को भारतीय सेना ने अपनी फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स की स्पेशल टुकड़ी को इस इलाके में तैनात कर दिया। यहां पर मौसम की चुनौतियों का सामना करते हुए अब तक भारतीय सेना के 900 के करीब वीरों ने इस युद्ध स्थल पर बलिदान दिया है।