
मालिक के चेहरे पर उदासी साफ दिख रही है। इस दौरान सड़कों पर पटाखे भी फोड़े जा रहे थे। जिस समय ये जुलूस निकाला जा रहा था, उस समय हल्की बारिश भी हो रही थी। कई लोग छाता लेकर जुलूस में शामिल हुए। टुन्नू गौड़ा ने पूरी रीति-रिवाज के साथ अपने पेट डॉग का अंतिम संस्कार किया। जमीन में गड्ढा खोदकर डॉग का दाह संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार की रिकॉर्डिंग भी की गई।