राज्यसभा में पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने यह जानकारी दी। सरकार के मुताबिक, जनगणना दो चरणों में कराई जाएगी। पहला चरण घरों/मकानों से जुड़ी सूचनाओं का होगा, जबकि जाति गणना दूसरे चरण में होगी।

Caste census : भारत की आगामी जनगणना को लेकर केंद्र सरकार ने संसद में स्थिति साफ कर दी है। सरकार ने कहा है कि जनगणना शुरू होते ही जाति गणना पहले चरण में नहीं होगी। जाति से जुड़े सवाल दूसरे चरण (Population Enumeration) से पहले तय कर अधिसूचित किए जाएंगे। राज्यसभा में पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने यह जानकारी दी। सरकार के मुताबिक, जनगणना दो चरणों में कराई जाएगी। पहला चरण घरों/मकानों से जुड़ी सूचनाओं का होगा, जबकि जाति गणना दूसरे चरण में होगी। गृह मंत्रालय ने यह भी कहा कि जनगणना की प्रक्रिया और तारीखों से जुड़ी जानकारी पहले ही सार्वजनिक की जा चुकी है, फिर भी कुछ लोग भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं इसी कारण सरकार ने दोबारा पूरी प्रक्रिया स्पष्ट की है।
जनगणना की पूरी कवायद इस बार दो हिस्सों में आगे बढ़ेगी। पहले चरण में 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच देशभर में हाउस-लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस कराया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में असली जनसंख्या गणना की शुरुआत फरवरी 2027 से होगी, जब देशभर में आबादी की गिनती का मुख्य काम किया जाएगा। वहीं मौसम और भौगोलिक चुनौती को देखते हुए लद्दाख और बर्फीले/दुर्गम इलाकों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों में यह प्रक्रिया सितंबर 2026 से पहले ही शुरू कर दी जाएगी, ताकि सर्दियों से पहले पूरी तैयारी के साथ गिनती का काम कराया जा सके।
सरकार ने पहले चरण के लिए 33 प्रश्न अधिसूचित किए हैं। इस चरण में प्राथमिक तौर पर हाउसलिस्टिंग के जरिए घर और आवासीय सुविधाओं से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। यानी शुरुआत में जोर परिवार की सामाजिक-आर्थिक स्थिति के संकेत देने वाले घर, संसाधन और बुनियादी सुविधाओं पर रहेगा।
पहले चरण में जिन प्रमुख बिंदुओं पर जानकारी ली जाएगी, उनमें शामिल हैं -
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि हाउसलिस्टिंग शुरू होने से 15 दिन पहले नागरिकों को सेल्फ-एन्यूमरेशन (खुद जानकारी भरने) का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि लोग पहले से अपने स्तर पर विवरण भर सकें और प्रक्रिया अधिक सहज हो सके। Caste census