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सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 जारी हो गया है जिसमें कुल 85.20% छात्र पास हुए। इस बार लड़कियों ने लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया और 6.73% अधिक पास प्रतिशत हासिल किया।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Central Board of Secondary Education) ने कक्षा 12वीं का परिणाम 2026 जारी कर दिया है। लंबे समय से रिजल्ट का इंतजार कर रहे लाखों छात्रों के लिए यह बड़ी राहत की खबर रही। इस वर्ष कुल पास प्रतिशत 85.20 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जो पिछले वर्ष 2025 के 88.39 प्रतिशत से थोड़ा कम है। रिजल्ट जारी होने के साथ ही छात्रों ने विभिन्न आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर अपने परिणाम चेक किए।
छात्र अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइटों के साथ-साथ डिजीलॉकर और उमंग ऐप पर भी देख सकते हैं। इस प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए बोर्ड ने डिजिटल प्लेटफॉर्म को प्रमुख रूप से उपयोग में रखा है।
इस वर्ष के परिणाम में सबसे बड़ा आकर्षण लड़कियों का प्रदर्शन रहा। लड़कियों का पास प्रतिशत 88.86 प्रतिशत रहा, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 82.13 प्रतिशत दर्ज किया गया। इस तरह लड़कियों ने लड़कों से 6.73 प्रतिशत अधिक सफलता हासिल कर एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित की।
ट्रांसजेंडर श्रेणी के छात्रों का परिणाम भी उल्लेखनीय रहा और इस श्रेणी में 100 प्रतिशत पास प्रतिशत दर्ज किया गया, जो शिक्षा के क्षेत्र में समावेशिता की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
रीजन वाइज परिणामों में इस बार त्रिवेंद्रम सबसे आगे रहा, जहां पास प्रतिशत 95.62 प्रतिशत दर्ज किया गया। इसके बाद चेन्नई और बेंगलुरु रीजन ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। इन दोनों क्षेत्रों में क्रमशः 93.84 प्रतिशत और 93.19 प्रतिशत छात्रों ने सफलता हासिल की।
यह दर्शाता है कि दक्षिण भारत के क्षेत्रों में सीबीएसई परिणामों का प्रदर्शन अन्य क्षेत्रों की तुलना में बेहतर रहा है।
केंद्रीय विद्यालयों ने इस बार भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। केंद्रीय विद्यालयों में 98.55 प्रतिशत छात्र पास हुए। इसके साथ ही जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) में 98.47 प्रतिशत पास प्रतिशत दर्ज किया गया।
यह प्रदर्शन दर्शाता है कि इन संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता और तैयारी का स्तर काफी मजबूत रहा है।
इस वर्ष बड़ी संख्या में छात्रों ने उच्च अंक प्राप्त किए हैं। 94,028 छात्रों ने 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल किए हैं। वहीं 17,113 छात्रों ने 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी मेहनत का शानदार परिणाम दिखाया है।
यह आंकड़े बताते हैं कि छात्रों के बीच प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है और शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार देखने को मिल रहा है।
सीबीएसई ने इस बार भी टॉपर्स लिस्ट जारी नहीं की है। बोर्ड ने कोरोना महामारी के बाद से यह परंपरा बंद कर दी थी, जिसे अब तक दोबारा शुरू नहीं किया गया है। इसका उद्देश्य छात्रों के बीच अनावश्यक प्रतिस्पर्धा को कम करना और समग्र मूल्यांकन पर ध्यान केंद्रित करना बताया जाता है।
सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 में जहां कुल पास प्रतिशत 85.20 रहा, वहीं लड़कियों का शानदार प्रदर्शन सबसे बड़ा आकर्षण रहा। रीजन वाइज और संस्थागत स्तर पर भी कई जगहों पर उत्कृष्ट परिणाम देखने को मिले हैं, जिससे यह साफ है कि देशभर में छात्रों का प्रदर्शन संतुलित और प्रतिस्पर्धी बना हुआ है।
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