देश में होने वाली आगामी जनगणना को लेकर केंद्र सरकार ने सवालों की सूची जारी कर दी है। जनगणना के दौरान लोगों से परिवार, शिक्षा, रोजगार, प्रवास, वैवाहिक स्थिति और अन्य व्यक्तिगत जानकारियों से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे।

Census : देश में होने वाली आगामी जनगणना को लेकर केंद्र सरकार ने सवालों की सूची जारी कर दी है। जनगणना के दौरान लोगों से परिवार, शिक्षा, रोजगार, प्रवास, वैवाहिक स्थिति और अन्य व्यक्तिगत जानकारियों से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। इस बार की जनगणना में जाति से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी, जो इसे पिछली जनगणना से अलग बनाती है।
बर्फीले क्षेत्रों में जनगणना का पहला चरण 1 सितंबर से शुरू होगा। इसमें लद्दाख, जम्मू-कश्मीर के कुछ क्षेत्र, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फबारी वाले इलाके शामिल हैं। इन क्षेत्रों में 1 से 30 सितंबर तक आबादी की गणना की जाएगी। वहीं, घर-घर गणना से पहले 17 से 31 अगस्त तक सेल्फ एन्यूमेरेशन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। देश के अन्य हिस्सों में जनगणना का अगला चरण बाद में शुरू किया जाएगा। Census
आगामी जनगणना में जाति से संबंधित जानकारी को भी शामिल किया गया है। लोगों से उनकी जाति के बारे में जानकारी ली जाएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जाति के लिए किसी निर्धारित सूची को सामने रखकर विकल्प चुनने के बजाय व्यक्ति द्वारा बताई गई जानकारी दर्ज की जाएगी। जातिगत आंकड़ों को जनगणना में शामिल करने का फैसला केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष लिया था। इसके बाद पहली बार नियमित जनगणना प्रक्रिया में इस तरह की जानकारी दर्ज करने की तैयारी की गई है। Census
जनगणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति से उसकी व्यक्तिगत और पारिवारिक स्थिति से जुड़े कई सवाल पूछे जाएंगे। इनमें नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्म तिथि, उम्र, वैवाहिक स्थिति और राष्ट्रीयता जैसी जानकारियां शामिल हैं। इसके अलावा धर्म, अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति से संबंधित जानकारी, माता-पिता का विवरण और दिव्यांगता के बारे में भी जानकारी ली जाएगी। मातृभाषा तथा व्यक्ति को आने वाली अन्य भाषाओं से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे। जनगणना में लोगों की शिक्षा की स्थिति का भी आकलन किया जाएगा। इसमें यह जानकारी ली जाएगी कि व्यक्ति किसी शैक्षणिक संस्थान में पढ़ रहा है या नहीं। साथ ही उसकी उच्चतम शैक्षणिक योग्यता और पढ़ाई की स्ट्रीम या विषय के बारे में भी पूछा जाएगा।
इसके साथ ही साक्षरता और डिजिटल साक्षरता से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी। Census
जनगणना में रोजगार की स्थिति को लेकर भी कई सवाल होंगे। व्यक्ति से पूछा जाएगा कि उसने पिछले एक वर्ष के दौरान किसी समय काम किया है या नहीं। इसके अलावा आर्थिक गतिविधि, व्यवसाय या पेशा, उद्योग अथवा सेवा के प्रकार और कामगार की श्रेणी से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी। जो लोग काम नहीं कर रहे हैं, उनके लिए काम की तलाश और काम के लिए उपलब्धता से संबंधित जानकारी भी ली जाएगी। कार्यस्थल तक आने-जाने की स्थिति को भी दर्ज किया जाएगा। Census
जनगणना के दौरान व्यक्ति के जन्मस्थान, अंतिम निवास स्थान और वर्तमान निवास से संबंधित जानकारी ली जाएगी। यदि व्यक्ति ने प्रवास किया है तो उसके कारण और पिछले प्रवास के बाद से वर्तमान गांव या शहर में रहने की अवधि भी पूछी जाएगी। इसके अलावा स्थायी आवासीय पता भी जनगणना रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। वर्तमान में विवाहित, विधवा, तलाकशुदा या अलग रह रही महिलाओं से बच्चों से संबंधित अतिरिक्त जानकारी ली जाएगी। इसमें वर्तमान में जीवित बच्चों की संख्या, अब तक जीवित पैदा हुए बच्चों की कुल संख्या और पिछले एक वर्ष में जीवित पैदा हुए बच्चों की संख्या शामिल होगी। Census
जनगणना के सवालों में कोविड-19 टीकाकरण से जुड़ा प्रश्न भी शामिल है। इसके अलावा व्यक्ति के कुल बैंक खातों की संख्या के बारे में भी जानकारी ली जाएगी। कुछ पहचान संबंधी जानकारियां भी मांगी जाएंगी, हालांकि मोबाइल नंबर, आधार नंबर और वोटर आईडी जैसी जानकारी के लिए ‘यदि उपलब्ध हो’ का विकल्प रखा गया है। भारतीय पासपोर्ट धारकों से पासपोर्ट की जानकारी और ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता के बारे में भी पूछा जाएगा। Census
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