देश में 1 अप्रैल 2026 से जनगणना प्रक्रिया के पहले चरण की शुरुआत होने जा रही है। इस चरण के तहत मकानों की स्थिति, परिवारों की संरचना और लोगों को उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। सरकार ने इसके लिए 33 महत्वपूर्ण सवाल तय किए हैं।

Census 2027 : देश में 1 अप्रैल 2026 से जनगणना प्रक्रिया के पहले चरण की शुरुआत होने जा रही है। इस चरण के तहत मकानों की स्थिति, परिवारों की संरचना और लोगों को उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। सरकार ने इसके लिए 33 महत्वपूर्ण सवाल तय किए हैं। यह कवायद 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक चलेगी, जिसके दौरान घर-घर पहुंचकर जानकारी लेने के साथ-साथ स्व-गणना की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
जनगणना के शुरुआती चरण में मुख्य रूप से मकान और उसमें रहने वाले परिवार की सामाजिक व आर्थिक स्थिति का ब्यौरा लिया जाएगा। इसमें मकान की बनावट, उसमें उपलब्ध सुविधाएं, परिवार के सदस्यों की संख्या, ईंधन, पेयजल, शौचालय, इंटरनेट और वाहनों जैसी जानकारियां शामिल होंगी। भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण के अनुसार, इस बार जनगणना में पहली बार स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा भी दी जा रही है। इसके तहत नागरिक अपने राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में गृह गणना शुरू होने से 15 दिन पहले तय अवधि के दौरान 16 भाषाओं में खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
स्व-गणना के लिए परिवार का मुखिया या परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य आधिकारिक पोर्टल पर मोबाइल नंबर और कुछ बुनियादी जानकारी की मदद से पंजीकरण कर सकेगा। इसके बाद संबंधित जिला चुना जाएगा, मानचित्र पर घर की लोकेशन दर्ज की जाएगी और फिर मांगी गई सूचनाएं भरी जा सकेंगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक 16 अंकों की यूनिक आईडी जारी होगी। फील्ड वेरिफिकेशन के दौरान इस आईडी को गणनाकर्ता के साथ साझा करना जरूरी होगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान दी गई व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और उसका इस्तेमाल न तो अदालतों में साक्ष्य के रूप में किया जा सकेगा और न ही किसी सरकारी लाभ के दावे के लिए किया जाएगा।
जनगणना के पहले चरण में जिन 33 बिंदुओं पर जानकारी मांगी जाएगी, उनमें शामिल हैं—
सूत्रों के मुताबिक, 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अप्रैल महीने में जनगणना के पहले चरण की शुरुआत के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। वहीं 15 राज्यों में यह प्रक्रिया मई से शुरू होगी, जबकि 10 अन्य राज्य और केंद्र शासित प्रदेश जून या उसके बाद इस अभियान में शामिल होंगे। Census 2027